भारत 125/4 (राहुल 57*, रोहित 36, एंडरसन 2-15) इंग्लैंड 183 (रूट 64, बुमराह 4-46, शमी 3-28) से 58 रन पीछे

अपने जिगरी दोस्त मयंक अग्रवाल के अंतिम समय में चोटिल हो जाने के कारण टीम में सलामी बल्लेबाज़ के रूप में वापसी कर रहे केएल राहुल ने मुश्किल परिस्थितियों में नाबाद अर्धशतक बनाकर भारत को मैच में बनाए रखा। हालांकि बारिश से प्रभावित दूसरे दिन के खेल की हाइलाइट जेम्स एंडरसन की गेंदबाज़ी रही, जिन्होंने भारतीय कप्तान कोहली को गोल्डन डक (पहली गेंद पर शून्य) पर आउट किया।

उन्होंने 2014 की सीरीज़ में कोहली को चार बार आउट किया था, लेकिन उसके बाद अगली तीन सीरीज़ में कोहली को कभी आउट नहीं कर पाए थे। केएल राहुल और रोहित शर्मा के बीच 97 रन की शुरुआती साझेदारी के बाद उन्होंने ना सिर्फ़ कोहली बल्कि उससे एक गेंद पहले पुजारा को भी बेहतरीन आउटस्विंग गेंद पर विकेट के पीछे कैच आउट कराकर इंग्लैंड को मैच में वापस ला दिया। बारिश और आसमान पर काले बादल व कम रोशनी के कारण दूसरे दिन केवल 33.4 ओवर ही संभव हो सके।

भारत अभी भी इंग्लैंड की पहली पारी के 183 रन के स्कोर से 58 रन पीछे है और क्रीज़ पर अर्धशतक बनाने वाले केएल राहुल के साथ निडर ऋषभ पंत टिके हुए हैं। हालांकि खेल के अंत तक इंग्लैंड ने मैच में अपना वर्चस्व बना लिया, लेकिन दिन की शुरूआत भारत के नाम रही थी।

2018-19 में राहुल के बहुत ही अच्छे दोस्त मयंक अग्रवाल ने ओपनिंग में उनकी जगह ली थी। इसके बाद उन्होंने राहुल के साथ तीन टेस्ट में ओपनिंग की। लेकिन इसके बाद राहुल को केवल मध्यक्रम के बैक-अप विकल्प के रूप में देखा जाने लगा।

पहले टेस्ट से दो दिन पहले अग्रवाल को नेट्स में चोट लगी थी और राहुल को एक बार फिर ओपनिंग करने को कहा गया। यह शायद उनके टेस्ट करियर को फिर से ज़िंदा कर सकता है। दूसरे दिन उन्होंने ऐसा ही करके दिखाया।

इंग्लैंड ने दिन की शुरूआत एंडरसन और ऑली रॉबिन्सन के साथ की। उन्होंने चुनौतीपूर्ण पहले घंटे में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, लेकिन विकेट नहीं ले पाएं। भारत के दोनों सलामी बल्लेबाज़ों को बेहद सतर्क होकर खेलना पड़ा। हर चौथी गेंद पर लग रहा था कि विकेट आने वाली है, लेकिन दोनों सलामी बल्लेबाज़ों ने बेहद सावधानी से उन गेंदों को खेला और शॉट खेलने से बचते रहें।

हालांकि जब-जब उन्हें ढीली गेंदें मिलीं, तो उन्होंने इसका फ़ायदा भी उठाया। ख़ासकर रोहित, जिन्होंने एक सुंदर ऑफ़-ड्राइव और फ्लि़क-पुल खेला। यह पहले 11 ओवरों में सिर्फ दो बॉउंड्रीज़ थीं।

पहले एक घंटे में एंडरसन ने जहां अपनी आउटस्विंग की कला का प्रदर्शन किया, वहीं रॉबिन्सन ने अतिरिक्त उछाल के साथ सीम गेंदबाज़ी की। इसके बाद जब एंडरसन ने गेंद के चमकदार हिस्से को पलटकर इनस्विंग गेंदबाज़ी शुरू की और अपना कमाल दिखाना शुरू कर दिया।

लंच के बाद एंडरसन और रॉबिन्सन अधिक खतरनाक दिखें। इस दौरान रणनीति में एक बदलाव भी हुआ और दोनों गेंदबाज़ों ने ऑफ़ स्टंप के बाहर गेंदबाज़ी करने के बजाय स्टंप्स पर गेंदबाज़ी करनी शुरू किया। पुजारा पगबाधा की एक करीबी अपील से बचें, लेकिन एंडरसन ने जल्द ही उन्हें फिर से खतरे में डाल दिया।

इस स्पेल में एंडरसन ने गेंद के चमकदार हिस्से को बाहर की तरफ रखकर इनस्विंग गेंदबाज़ी को अधिक बार आज़माया। जिस गेंद पर उन्होंने पुजारा को आउट किया, वह भी एक टेस्टिंग इनस्विंगर थी, जो फ़ुल लेंथ और स्टंप्स के लाइन में पिच हुई। पुजारा ने उसे डिफ़ेंड करना चाहा लेकिन गेंद उनके बल्ले का बाहरी नुकीला किनारा लेकर कीपर के सुरक्षित हाथों में चली गई। यह गेंद इतनी अच्छी थी कि अगर बल्ले का बाहरी किनारा नहीं लगता तो शायद वह एलबीडब्ल्यू हो जाते।

इसके बाद सभी प्रतियोगिताओं की प्रतियोगिता शुरू हुई। 2014 में एंडरसन ने कोहली को चार बार आउट किया था। 2018 में उन्होंने कोहली के बल्ले से दो बार बाहरी किनारा लगवाया था, लेकिन फ़िल्डर उन्हें कैच नहीं कर सके थे। इस साल की शुरुआत में भारत में भी उन्होंने कोहली से गलती करवाई थी, लेकिन फ़िल्डर्स ने फिर एक बार उनका कैच टपकाया। इस तरह कुल 454 गेंद बाद उन्होंने कोहली को आउट किया और क्या खूबसूरत ढंग से आउट किया।

कोहली ने नवंबर 2019 के बाद से कोई अंतर्राष्ट्रीय शतक नहीं बनाया है। अब हाल ही में उनकी बल्लेबाज़ी में एक गंभीर खामी भी नज़र आने लगी है। वह संभवत: इनस्विंगर के लिए बहुत अधिक खेल रहे हैं, ठीक उसी तरह जैसा उन्होंने 2014 में किया था, जब वह इनस्विंग के डर से अक्सर शरीर से दूर खेल रहे थे। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में काइल जेमीसन के ख़िलाफ़ भी उन्होंने यही गलती की थी।

इसे ध्यान में रखते हुए एंडरसन ने शुरुआत करने के लिए एकदम सही गेंद चुनी। एक बार फिर उन्होंने गेंद की चमकदार परत को बाहर की ओर रखा। इस उम्मीद के साथ कि गेंद अंदर आएगी, कोहली उसे इनस्विंग के लिए खेल रहे रहे थे। कोहली इस गेंद को डिफ़ेंड करने के लिए आगे बढ़े। हालांकि गेंद इतनी बाहर थी कि इसे कीपर के लिए छोड़ा जा सकता था। लेकिन यह एक इनस्विंगर थी, इसलिए यह तय करना आसान नहीं था कि क्या इसे छोड़ना है या फिर बल्ले से खेलना है।

एंडरसन ने पिछले सात साल में पहली बार कोहली को आउट किया और अब भारत 97/0 की स्थिति से 104/3 पर फिसल गया था। ऐसा लग रहा था कि अजिंक्य रहाणे काफी नर्वस लग रहे थे और हर गेंद को ब्लॉक करने के बाद रन लेना चाहते थे। वह अंततः पांच रन के निजी स्कोर पर रनआउट हो गए और भारत का स्कोर 4 विकेट पर 112 रन हो गया। ऋषभ पंत अब क्रीज़ पर थे और भारतीय टीम पर दबाव था। लेकिन इसके बाद आई बारिश ने इस दबाव को कम करने का काम किया।

इससे पहले डॉम सिबली ने एंडरसन की गेंद पर दूसरी स्लिप में राहुल का कैच छोड़ा था। स्कोर देखें तो भारत अभी भी इस मैच में आगे है। लेकिन ऐसी परिस्थितियों में, ऐसे आक्रमण के ख़िलाफ़, इस बल्लेबाज़ी क्रम के साथ, कौन निश्चित रूप से यह कह सकता है?

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर दया सागर ने किया है।