ऐशेज़ के पहले टेस्ट की पहली ही गेंद पर रोरी बर्न्स को मिचेल स्टार्क ने बोल्ड कर दिया। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण के सामने पूरी टीम धराशाई हो गई और इंग्लैंड का कुल स्कोर मात्र 147 तक ही पहुंच पाया। इस गेंदबाज़ी आक्रमण में सबसे मुख्य किरदार पैट कमिंस का रहा, जो एक कप्तान के रूप में अपना पहला मैच खेल रहे थे। उन्होंने 38 रन देकर पांच विकेट झटके। इससे पहले जो रूट ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फै़सला किया था।

चाय तक इंग्लैंड की पारी सिमट चुकी थी लेकिन दिन के अंतिम सेशन में ख़राब मौसम के कारण ऑस्ट्रेलियाई टीम बल्लेबाज़ी करने के लिए उतर ही नहीं पाई। यह जले पर नमक जैसा था क्योंकि इंग्लैंड के पास अपने बल्लेबाज़ों के ख़राब प्रदर्शन को गेंदबाज़ों के द्वारा ढकने का प्रयास किया जा सकता था लेकिन मौसम के कारण उन्हें यह मौक़ा ही नहीं मिला। गिली पिच और ख़राब रोशनी के कारण मैच दोबारा शुरू ही नहीं हो पाया।

टॉस पर निर्णय के लिए रूट की आलोचना नहीं की जाएगी जिस तरह से लेन हटन और नासिर हुसैन की गाबा में निर्णय की अतीत के ऐशेज़ टेस्ट में किया गया था। हालांकि कमिंस ने भी यह स्वीकार किया कि पिच पर मौजूद नमी और घास बावजूद भी वह बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला करते।

आज रूट आठवीं बार जॉश हेज़लुवड का शिकार बने। हेज़लुवुड ने एक सटीक और शानदार सेट-अप के साथ रूट को फंसाने का काम किया। उन्होंने पहले लगातार रूट को बैकफुट पर खेलने को मज़बूर किया और फिर फ्रंट फुट पर आकर खेलना का न्योता दिया और इस चाल में रूट फंस गए।

पिछले पांच सालों में पहली बार ऐसा हुआ है जब टीम में ना ही जिमी एंडरसन हैं और ना ही स्टुअर्ट ब्रॉड। इस बात का रूट को ख़ामियाज़ा भी भुगतना पड़ सकता है। 2006 के ऐशेज़ सीरीज़ के बाद भी यह पहली बार हुआ है जब ये दोनों गेंदबाज़ों को टीम में शामिल नहीं किया गया है। इस पिच पर गेंदबाज़ों के लिए काफ़ी मदद है और ये दोनों गेंदबाज़ भी उसका फ़ायदा उठा सकते थे।

इससे पहले दिन के पहले ओवर के पहले ही गेंद पर स्टार्क ने बर्न्स को एक शानदार यॉर्कर लेंथ की गेंद पर बोल्ड मार दिया। बर्न्स को शायद जीवन भर अपने इस प्रदर्शन पर पछतावा रहेगा क्योंकि वह ऐशेज़ के इतिहास के दूसरे ऐसे खिलाड़ी हैं जो पहले ही गेंद पर आउट हो गए। साथ ही इस साल वह छठी बार शून्य के स्कोर पर आउट हुए हैं। विश्व स्तर पर किसी भी टेस्ट में एक सलामी बल्लेबाज़ के द्वारा यह सबसे ख़राब रिकॉर्ड है।

इस विकेट के बाद हेज़लवुड ने इंग्लैंड के ऊपरी क्रम के बल्लेबाज़ों की कड़ी परीक्षा ली। पहले डाविड मलान को उन्होंने विकेट के पीछे कैच आउट करवाया। हालांकि मलान जिस गेंद पर अपना विकेट फेंक कर गए, उस गेंद को आसानी से छोड़ा जा सकता था। इसके बाद उन्होंने रूट को भी चलता कर दिया।

बेन स्टोक्स जब बल्लेबाज़ी करने आए तो इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट के नुकसान पर 11 रन था। हालांकि ड्रिंक्स के बाद वह भी तीसरे स्लिप पर कमिंस की गेंद पर कैच आउट हो गए। जिस गेंद पर स्टोक्स आउट हुए, उसमें कमिंस को एक लेंथ गेंद को काफ़ी ज़्यादा उछाल मिली थी।

इसके बाद ऑली पोप और हसीब हमीद के बीच एक साझेदारी तो हुई लेकिन कमिंस के सामने यह साझेदारी भी ज़्यादा देर तक नहीं टिक सकी और हसीब हमीद दूसरे स्लिप पर स्टीवन स्मिथ को कैच थमा बैठे। इसके बाद एक बार फिर पोप और जॉस बटलर के बीच 52 रनों की साझेदारी हुई। इस दौरान बटलर ने कुछ आक्राकम शॉट्स भी लगाए। हालांकि इसके बाद एक बार फिर से जब स्टार्क वापस गेंदबाज़ी करने के लिए वापस आए तो उन्होंने एक शानदार इनस्विंग गेंद पर बटलर का आउट कर दिया। इसके बाद कप्तान कमिंस ने काम पूरा कर दिया और इसी के साथ ऐशेज़ में 1962 के बाद से पांच विकेट लेने वाले पहले ऑस्‍ट्रेलियाई कप्‍तान बने। उनसे पहले रिची बेनॉड ने गाबा में ही इंग्लैंड के ख़िलाफ़ छह विकेट लिए थे।

ऐलेक्स मैल्कम ESPNcricinfo असोसिएट एडिटर हैं। अनुवाद के सब एडिटर राजन राज ने किया है।