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अजीबो-ग़रीब तरीके से रन आउट हुए ईश्वरण

ईश्वरण ने कहा, "कई लोग यह कह सकते हैं कि स्पोर्ट्समैनशिप के तहत विपक्षी टीम उन्हें वापस बुला सकती थी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था"

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सर्विसेज़ के ख़िलाफ़ अनोखे अंदाज़ में रन आउट हुए ईश्वरण  PTI

रणजी ट्रॉफ़ी के छठे चरण में अभिमन्यु ईश्वरण बहुत ही अजीबो-ग़रीब तरीक़े से नॉन स्ट्राइक एंड पर रन आउट हो गए। ईश्वरण जब रन आउट हुए, तब वह 81 के स्कोर पर थे। साथ ही जिस तरह से वह अपनी पारी को आगे बढ़ा रहे थे, ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट का 28वां शतक पूरा कर लेंगे, लेकिन एक छोटी सी ग़लती ने ऐसा नहीं होने दिया। तब तक वह पारी पूरी तरह बेदाग़ रही थी, लेकिन इसके बाद कुछ ऐसा हुआ जो वाक़ई हैरान करने वाला था।

यह घटना 41वें ओवर की आख़िरी गेंद पर, ड्रिंक्स ब्रेक से ठीक पहले घटी। स्ट्राइकर एंड पर फुलर लेंथ की गेंद को सुदीप चटर्जी ने हल्के से गेंदबाज़ आदित्य कुमार की ओर खेला और इसी दौरान ईश्वरण क्रीज़ छोड़कर पानी पीने के लिए आगे बढ़ने लगे।

गेंद डेड नहीं हुई थी। गेंद गेंदबाज़ की उंगलियों से लगकर मुड़ती हुई सीधे स्टंप्स से जा टकराई। ख़ुद गेंदबाज़ को भी इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि नॉन स्ट्राइक पर खड़े ईश्वरण क्रीज़ से बाहर निकल चुके हैं। गेंद के स्टंप्स से टकराने के बाद ही उसे एहसास हुआ कि बल्लेबाज़ काफ़ी बाहर थे। इसके बाद अपील की गई और मैदानी अंपायर ने फ़ैसला थर्ड अंपायर को सौंपा, जिन्होंने अंततः उन्हें आउट करार दिया। दिन का खेल पूरा होने के बाद ईश्वरण ने माना कि यह पूरी तरह से उनकी ग़लती थी और उन्हें कुछ समझ ही नहीं आया कि क्या करना है।

ईश्वरण ने कहा, "पारी काफ़ी अच्छी चल रही थी, लेकिन मैंने जो ग़लती की, वह मेरे लिए भी बहुत हैरान करने वाली थी। कई लोग यह कह सकते हैं कि स्पोर्ट्समैनशिप के तहत विपक्षी टीम उन्हें वापस बुला सकती थी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था। यह पूरी तरह से मेरी ग़लती थी। मुझे लगा कि गेंदबाज़ ने गेंद को पकड़ लिया है और मैं झट से आगे बढ़ गया, लेकिन गेंद गेंदबाज़ के हाथ से लगकर विकेट पर चली गई।"

इस संदर्भ में बंगाल के कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला से पूछा गया कि क्या यह ठीक उसी तरह की घटना थी, जैसी 2011 में इंग्लैंड और भारत के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट में इयन बेल के साथ हुई थी, और क्या सर्विसेज़ की टीम को उसी तरह ईश्वरण को वापस बुलाने के बारे में सोचना चाहिए था।

बंगाल के कोच ने कहा, "दोनों घटनाएं एक जैसी थीं, लेकिन आप उन्हें एक साथ जोड़कर नहीं देख सकते। वहां कोई और टीम थी और परिस्थितियां कुछ और थीं, लेकिन यहां हालात अलग थे और यह ईश्वरण की ही ग़लती थी। हालांकि ऐसा नहीं कहा जा सकता कि उनमें गेम अवेयरनेस की कोई कमी है। वह एक सीनियर खिलाड़ी हैं और उन्हें अपनी ज़िम्मेदारियों के बारे में बख़ूबी पता है, लेकिन क्रिकेट ऐसा ही है। यहां कभी-कभी ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिन्हें आप पूरी तरह से समझा नहीं सकते।

यह ज़रूर है कि विपक्षी टीम उन्हें वापस बुलाने के बारे में सोच सकती थी, लेकिन अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो उसमें कुछ ग़लत भी नहीं है। यहां ग़लती पूरी तरह से बल्लेबाज़ की थी और सब कुछ नियमों के हिसाब से हुआ।"

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राजन राज ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं