भारत को अति आक्रामक सोच को जारी रखना चाहिए : शास्त्री
पूर्व भारतीय कोच का मानना है विराट कोहली एशिया कप में अपनी आलोचकों का "मुंह बंद" कर देंगे

पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने मंगलवार को कहा कि भारत को अतीत में थोड़ा धीमा खेलने के बाद सबसे छोटे प्रारूप में बल्ले के साथ अपने अति आक्रामक दृष्टिकोण को जारी रखना चाहिए। पारी की शुरुआत में पुराने दृष्टिकोण ने भारत को पिछले साल टी20 विश्व कप से जल्दी बाहर करा दिया था। यह टूर्नामेंट भारत के मुख्य कोच के रूप में शास्त्री के कार्यभार का आख़िरी टूर्नामेंट था।
शास्त्री ने कहा, "उन्हें दृष्टिकोण नहीं बदलना चाहिए। यहां तक कि जब मैं कोच था तब भी हमने चर्चा की थी कि हम शीर्ष क्रम पर थोड़े 'संकोची' थे क्योंकि हमारे पास बल्लेबाज़ी क्रम में नीचे उस तरह के खिलाड़ी नहीं थे।"
शास्त्री ने स्टार स्पोर्ट्स द्वारा आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "यह सही तरीक़ा है। आप बीच में कुछ मैच हार जाएंगे लेकिन अगर आप इस दृष्टिकोण से जीतना शुरू करते हैं तो आप बड़े मैचों में उस आत्मविश्वास से खेल सकते हैं और उसी रणनीति का इस्तेमाल कर सकते हैं।"
विराट कोहली वेस्टइंडीज़ और ज़िम्बाब्वे सीरीज़ से आराम के बाद प्लेइंग-XI में वापसी करेंगे, जबकि केएल राहुल ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ चोट के बाद वापसी की थी। यह पूछे जाने पर कि क्या ये दो सीनियर बल्लेबाज़ वही आक्रामकता दिखा सकते हैं जो युवा खिलाड़ियों ने उनकी अनुपस्थिति में दिखाई है, शास्त्री ने कहा, "क्यों नहीं? वे काफ़ी अनुभवी खिलाड़ी हैं। उन्होंने काफ़ी आईपीएल और टी20 खेले हैं और उन्हें तालमेल बिठाने में मुश्किल नहीं होना चाहिए। ऋषभ [पंत], हार्दिक [पंड्या], [रवींद्र] जाडेजा के साथ भारत के मध्य और निचले क्रम में इतनी गहराई है कि अगर शीर्ष क्रम बिखरता है तो पारी को वापस पटरी पर लाया जा सकता है।"
हरफ़नमौला हार्दिक की वापसी ने भारतीय प्लेइंग-XI को बहुत ज़रूरी संतुलन दिया है। शास्त्री ने कहा, "वह भारतीय टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक है। आप उसे बाहर निकालकर देखिए संतुलन गड़बड़ा जाता है। हमने पिछले साल विश्व कप में उसे मिस किया था जहां वह गेंदबाज़ी नहीं कर सका था। जो क्वालिटी उसके पास है कोई भी उसके क़रीब नहीं है। उसे बहुत क़रीब से देखना होगा। आने वाले मैचों में (टी20 विश्व कप से पहले) [जसप्रीत] बुमराह और हार्दिक को बहुत सावधानी से देख-भाल करने की ज़रूरत है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई गड़बड़ी न हो। वे आपके दो महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं।"
साथ ही शास्त्री ने एशिया कप के लिए विराट कोहली का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "मैंने उससे (हाल में) बात नहीं की है। यह रॉकेट साइंस नहीं है। मानसिक थकान दुनिया में सबसे अच्छे खिलाड़ी को भी परेशान कर सकती है। यह आराम सिर्फ़ उसके शरीर के लिए नहीं बल्कि चिंतन करने के लिए आवश्यक था। वह बहुत ठंडे दिमाग़ के साथ वापसी करेगा। वह पहले मैच में 50 रन बनाता है, तो सबके मुंह बंद हो जाएंगे। लोगों की याददाश्त बहुत कमज़ोर होती है और दोनों तरह से काम करती है।"
शास्त्री ने आगे कहा, "उससे ज़्यादा फ़िट कोई क्रिकेटर नहीं है। लोग कहते रहते हैं कि एक पारी से फ़र्क़ पड़ सकता है लेकिन कोहली जैसे खिलाड़ी के लिए इससे बहुत बड़ा फ़र्क़ पड़ सकता है। उसकी भूख़ और जुनून कम नहीं हुई है। मैं आपको बता दूं कि उसने इस फ़ेज़ से सीखा होगा।"
साथ ही शास्त्री ने यह भी कहा कि टॉस के लाभ को बेअसर करने के प्रयास किए जाने चाहिए। पिछले साल यूएई में टी20 विश्व कप में टॉस ने बड़ी भूमिका निभाई थी, जहां अधिकांश टीमों ने ओस के कारण बाद में बल्लेबाज़ी करने का विकल्प चुना था। उन्होंने कहा, "90 फ़ीसदी मैच टॉस जीतने वाली टीमों ने जीते। दोनों पारियों में ओस का असर होने पर आपको मैच की शुरुआत करनी चाहिए। शाम छह बजे से मैच की शुरुआत आग़ाज़ को बेहद महत्वपूर्ण बनाती है (क्षेत्ररक्षण टीम को ओस का अनुभव नहीं होने पर)। यदि आपको यह सुनिश्चित करना है कि दोनों टीमों को समान मात्रा में ओस का सामना करना पड़े।"
अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के एडिटोरियल फ़्रीलांसर कुणाल किशोर ने किया है। @ImKunalKishore
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