News

मक्कलम: दूसरे टेस्ट से पहले इंग्लैंड ने की थी आवश्यकता से अधिक तैयारी

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स का मानना है कि उनकी टीम दबाव वाली स्थिति को अच्छे से नही संभाल पा रही है

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ गाबा में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट में हार के बाद इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मक्कलम ने अपनी टीम का बचाव किया और कहा है कि उनकी टीम "आवश्यकता से अधिक" से अधिक तैयार थी। दूसरी ओर टीम के कप्तान बेन स्टोक्स ने स्वीकार किया है कि उनकी टीम ऑस्ट्रेलिया द्वारा डाले गए दबाव को सह नहीं पाई है। स्टोक्स का मानना  है कि उनकी टीम को और लड़ाई करनी चाहिए, लेकिन उन्होंने यह भी दोहराया कि वह अब भी टीम की वापसी करा सकते हैं।

Loading ...

पिंक बॉल टेस्ट से पहले इंग्लैंड की टीम ने पांच बार ट्रेनिंग की थी जिसमें एक बार एलन बॉर्डर फ़ील्ड और चार बार गाबा पर। हालांकि, उन्होंने कैनबरा में प्रधानमंत्री एकादश के ख़िलाफ़ पिंक बॉल से मैच काअभ्यास नहीं किया था। चार दिन गर्मी में खेलने के बाद उन्हें करारी हार मिली और मक्कलम का मानना है कि अधिक अभ्यास का उनका निर्णय उलटा पड़ गया।

मक्कलम ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टर चैनल 7 से कहा, "इस टेस्ट मैच से पहले मुझे वास्तव में लगता है कि हमने आवश्यकता से अधिक तैयारी कर ली थी। हमने पांच दिन कड़ा अभ्यास किया। जब आप किसी कड़ी लड़ाई में होते हैं तो हम सबको पता है कि कई बार सबसे अहम बात होती है कि आप थोड़ा फ्रेश महसूस करें और निश्चित करें कि आपका दिमाग़ तरोताज़ा हो।"

"मुझे लगता है कि लड़कों को कुछ दिन की छुट्टी चाहिए और अभ्यास में भी कुछ चीज़ों में बदलाव किया जाए। मैं घोड़े दौड़ाने वाला आदमी हूं और आप अपने घोड़े के साथ हमेशा एक ही काम नहीं कर सकते हैं। आप उसे बाहर भेजेंगे कि वह कुछ कूद लगा सके या फिर कुछ अलग कर सके। अगले कुछ दिन हम अलग  विकल्पों के बारे में सोचेंगे।"

Ben Stokes ने लगातार दूसरी हार पर जताई निराशा  Gareth Copley / Getty Images

दबाव वाली स्थिति में हमसे आगे निकल रहा है ऑस्ट्रेलिया- स्टोक्स

इंग्लिश कप्तान स्टोक्स इस हार से काफ़ी निराश दिखे। उनका मानना है कि दोनों टीमों के बीच कौशल के हिसाब से कोई अंतर नहीं है, लेकिन कड़ी परिस्थितियों में इंग्लैंड की मानसिकता हल्की पड़ रही है। लगातार दूसरे ऐशेज़ में इंग्लैंड पहले दो मैचों के बाद ही 2-0 से पीछे है। 2023 में भले ही उन्होंने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए सीरीज़ ड्रॉ कराई थी, लेकिन इस बार ऑस्ट्रेलिया से URN लेने के लिए वह काफ़ी नहीं होगा।  ऐशेज़ के इतिहास में केवल एक बार ऐसा हुआ है कि कोई टीम 2-0 से पीछे होने के बाद 3-2 से सीरीज़ जीती हो। ऐसा 1936-37 में डॉन ब्रैडमैन की ऑस्ट्रेलिया ने किया था।

मैच के बाद स्टोक्स ने कहा, "काफ़ी निराशाजनक। इसका  एक बहुत कारण ये है कि जब मैच दांव पर हो तो हम इसके और इस फ़ॉर्मेट के दबाव को नहीं झेल पा रहे हैं। थोड़े समय के लिए हम मैच को कुछ हद तक नियंत्रण में लाने में सफल हो रहे हैं, लेकिन फिर हम इसे फिसल जाने दे रहे हैं। इस सप्ताह भी हमने यही किया और यह काफ़ी ज़्यादा निराशाजनक है। ख़ास तौर से तब जब हमारे पास ड्रेसिंग रूम में इस क्वॉलिटी के खिलाड़ी हैं।"

"हमें उन लम्हों के बारे में गहराई और कड़ाई से सोचना होगा और हमें आवश्यकता पड़ने पर थोड़ी अधिक लड़ाई करनी होगी। हम वहां बैठकर देखते हैं कि हमारे सामने से क्या जा रहा है, ऑस्ट्रेलिया हमारे ऊपर क्या फेंक रहा है और वे किस तरह की गेंदबाज़ी करने का प्लान बना रहे हैं। इसके बाद एक खिलाड़ी के रूप में ये हमारे ऊपर है कि हम एक प्लान के साथ वहां जाकर उस खतरे को डील करें।"

"मेरे लिए यह अब एक थीम जैसा हो गया है कि जब आप जानते हैं कि मैच एक दबाव वाली स्थिति में है तो ऑस्ट्रेलिया हमेशा हमसे आगे निकल जा रहा है। वे कहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया कमजोर लोगों की जगह नहीं है। हम निश्चित तौर पर कमजोर नहीं हैं, लेकिन हमें कुछ खोजना होगा क्योंकि अब हम 2-0 से पीछे हैं और हमारे पास सब सही करने के लिए तीन मैच हैं।"

Brendon McCullumBen StokesAustraliaEnglandAustralia vs EnglandThe Ashes