भारत-साउथ अफ़्रीका सीरीज़ में होगा सख़्त बायो-बबल
ओमिक्रॉन वेरियंट के कारण खिलाड़ियों को नहीं मिलेगी छूट

भारत और साउथ अफ़्रीका के बीच होने वाली आगामी सीरीज़ में अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉज़िटिव पाया जाता है तो लक्षण गंभीर नहीं होने तक उसे बायो-बबल से बाहर ना जाते हुए अपने कमरे में ही क्वारंटीन रहना होगा। साथ ही उसके तत्काल संपर्क में आए लोगों को आइसोलेट करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। यह मेहमान टीम के जोहैनेसबर्ग पहुंचने से पहले क्रिकेट साउथ अफ़्रीका (सीएसए) द्वारा बनाए गए बायो-बबल के सख़्त नियमों का हिस्सा हैं।
सीएसए के मुख्य चिकित्सा अधिकारी शुएब मंजरा के अनुसार दोनों बोर्ड इस बात पर सहमत हुए हैं कि बायो-बबल में किसी भी पॉज़िटिव मामले से निपटना आसान होगा। मंजरा ने ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को बताया, "यह ध्यान में रखते हुए कि बायो-बबल में रहने वाले सभी सदस्यों का पूरा टीकाकरण हो चुका है, अगर पॉज़िटिव पाया गया व्यक्ति स्थिर हालत में हो, तो वह अपने कमरे में ही क्वारंटीन हो सकता है। तत्काल संपर्क में आए लोगों का लगातार कोरोना टेस्ट किया जाएगा और वह खेलना जारी रखेंगे।"
मंजरा ने यह भी बताया कि ओमिक्रॉन वेरियंट के कारण उन्हें बायो-बबल बनाने की योजना में बदलाव करने पड़े। अक्तूबर में कोरोना की तीसरी लहर का प्रभाव कम होने के बाद वह इस सीरीज़ के बायो-बबल में खिलाड़ियों को थोड़ी छूट देना चाहते थे जो अब नहीं हो पाएगा।
साउथ अफ़्रीका के गॉटेंग प्रांत में नवंबर महीने में यह ओमिक्रॉन वेरियंट सामने आया था। स्थानीय चिकित्सा अधिकारियों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य देशों को इसकी जानकारी दी। सभी को कड़ी चेतावनी देते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि यह बहुत जोखिम भरा हो सकता है और इसके संक्रमण में बढोतरी हो सकती है। इन सबके बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस दौरे को जारी रखने का फ़ैसला किया। हालांकि उन्होंने इसके कार्यक्रम में बदलाव करने की मांग भी की।
इस दौरे के जारी रहने के पहले संकेत तब मिले थे जब बीसीसीआई ने इंडिया ए टीम को साउथ अफ़्रीका दौरे से वापस नहीं बुलाया था। वह सीरीज़ ब्लूमफ़ोंटेन में दर्शकों की ग़ैरमौजूदगी में खेली गई थी। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत और साउथ अफ़्रीका की इस सीरीज़ में दर्शकों को मंज़ूरी मिलेगी, मंजरा ने कहा, "सरकार के निर्देशानुसार केवल 2000 समर्थक ही मैच देखने आ पाएंगे।"
हालांकि इस हफ़्ते साउथ अफ़्रीकी सरकार नए प्रतिबंध जारी करेगी जिससे दर्शकों की उपस्थिति पर प्रभाव पड़ेगा। मेज़बान देश इस समय खुली सीमाओं, आधी रात से सुबह चार बजे के कर्फ़्यू, अनिवार्य मास्क और प्रतिबंधित जनसमूहों के साथ लेवल 1 अलर्ट पर हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि राष्ट्रीय कोरोनावायरस कमांड काउंसिल (एनसीसीसी) त्योहारों की इस अवधि में और कड़े प्रतिबंध लगाएगी जो नए साल के पहले दिन तक लागू होंगे।
फ़िरदौस मूंडा ESPNcricinfo की साउथ अफ़्रीकी संवाददाता हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।
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