Features

शमी ने लाल गेंद से वापसी करते हुए अपनी लय बरक़रार रखी

शमी ने नॉर्थ ज़ोन के ख़‍िलाफ़ दलीप ट्रॉफ़ी के पहले मैच के पहले दिन ईस्‍ट ज़ोन के लिए 17 ओवर गेंदबाज़ी की

Mohammed Shami ने लंबे समय बाद लाल गेंद क्रिकेट में वापसी की  PTI

मोहम्मद शमी ने हाल ही में लाल गेंद से क्रिकेट खेलने की अपेक्षा अपनी फ़‍िटनेस साबित करने में अधिक समय बिताया है।

Loading ...

2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फ़ाइनल के बाद से उनका एकमात्र प्रथम श्रेणी मैच पिछले साल नवंबर में मध्य प्रदेश के ख़‍िलाफ़ बंगाल की ओर से रणजी ट्रॉफ़ी मैच था। यही कारण है कि उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली। नौ महीने बाद वह बेंगलुरु के बाहरी इलाके़ में स्थित BCCI के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में ईस्ट ज़ोन के लिए नॉर्थ ज़ोन के ख़‍िलाफ़ दलीप ट्रॉफ़ी सीज़न के पहले मैच में अपना दूसरा लाल गेंद वाला मैच खेल रहे हैं।

लगभग 35 वर्षीय शमी ने 2024-25 दलीप ट्रॉफ़ी के पहले दिन चार स्पेल में 17 ओवर फ़ेंके और जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता गया, उनकी गेंदबाज़ी और भी प्रभावशाली होती गई। ईस्‍ट ज़ोन ने टॉस जीतकर धुंधले आसमान में गेंदबाज़ी करने का फै़सला किया था। उन्हें पहला ओवर दिया गया। हाला़कि उन्हें ज़्यादा मूवमेंट नहीं मिला, लेकिन उनकी लाइन चुस्त थी। उन्होंने अपने पहले स्पेल में पांच ओवर फ़ेंके और दो मेडन के साथ दस रन दिए। यह स्पष्ट था कि शमी लाल गेंद की लय में वापस आने की कोशिश कर रहे थे और अपनी सीम पोज़िशन और लेंथ पर ज़्यादा ध्यान दे रहे थे।

शमी ने लंच ब्रेक से ठीक पहले अपना दूसरा स्पेल तीन ओवर का डाला, जो उनके पहले स्पेल जैसा ही था, जिसमें उन्होंने दस रन दिए। उन्होंने बल्लेबाज़ों को कुछ बार छकाया और कुछ ग़लत शॉट भी खेलने को मजबूर किया, लेकिन शमी वाली धार गायब थी।

लंच ब्रेक के बाद स्थिति बदल गई। लय हासिल करने के बाद शमी के रन-अप और गेंदबाज़ी की गति में काफ़ी फ़र्क़ देखा गया। उन्होंने अपने तीसरे स्पेल में पांच ओवर फ़ेंके, जिनमें से दो मेडन थे और सिर्फ़ नौ रन दिए। बल्लेबाज़, जो अब तक शमी को काफ़ी आराम से खेल रहे थे, अचानक गति के मामले में पिछड़ने लगे। कई बार शॉट खेलने और चूकने, अंदरूनी किनारा लेकर पैड पर लगने और कभी-कभार ग़लत शॉट खेलने की नौबत आई। अपनी लेंथ हासिल करने के बाद, शमी का ध्यान अब अपनी गति बढ़ाने पर था।

सुधार के बावजूद, शमी को अभी तक कोई विकेट नहीं मिला। उन्हें अपने चौथे स्पेल की शुरुआत में ही नॉर्थ ज़ोन के विकेटकीपर बल्लेबाज़ कन्हैया वधावन को लेग साइड में कैच करा देना चाहिए था, लेकिन कुमार कुशाग्र ने स्टंप के पीछे एक आसान सा मौक़ा गंवा दिया। आख़‍िरकार उन्हें दिन के आखिर में साहिल लोत्रा ​​को विकेट के पीछे कैच कराकर सफलता मिली। यह ऑफ़ स्टंप के बाहर एक तेज़ लेंथ गेंद थी जिसे लोत्रा ​​ने विकेटकीपर के हाथों में पहुंचा दी।

शमी ने पहले दिन ईस्‍ट ज़ोन द्वारा इस्तेमाल किए गए छह गेंदबाज़ों में बाएं हाथ के स्पिनर मनीषी के बाद दूसरे सबसे ज़्यादा ओवर फ़ेंके। उन्होंने बिना किसी रुकावट के पूरा दिन बिताया और दूसरे दिन और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेंगे। कुल मिलाकर, शमी ने 17 ओवरों में 55 रन देकर एक विकेट लिया।

2023 वनडे विश्व कप के दौरान टखने में चोट लगने के बाद से शमी फ़‍िटनेस से जूझ रहे हैं। भारत के फ़ाइनल तक पहुंचने के दौरान दर्द के बावजूद खेलने के बाद उन्होंने सर्जरी करवाई और फिर अपनी चोट, सर्जरी से उबरने और उसके बाद घुटने की समस्याओं के कारण 2024 में भारत के किसी भी मैच में नहीं खेल पाए।

वह इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के ख़‍िलाफ़ भारत की सीमित ओवरों की सीरीज़ और चैंपियंस ट्रॉफ़ी का हिस्सा थे और IPL 2025 के निराशाजनक अभियान में सनराइज़र्स हैदराबाद के लिए नौ मैच खेले। इसके बाद उन्हें एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफ़ी के लिए नहीं चुना गया और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने सुझाव दिया कि शमी का "कार्यभार उतना नहीं है जितना होना चाहिए।"

भारत की अगली टेस्ट सीरीज़ वेस्टइंडीज़ के ख़‍िलाफ़ घर में शुरू होने में अभी एक महीने का समय बाक़ी है और शमी दलीप ट्रॉफ़ी के दौरान चयनकर्ताओं को यह साबित करने के लिए कड़ी मेहनत करना चाहेंगे कि वह टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए तैयार हैं।

Mohammed ShamiIndiaNorth Zone vs East ZoneDuleep Trophy

आशीष पंत ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं।