पूर्व इंग्लैंड कप्तान टेड डेक्सटर का निधन
86-वर्षीय डेक्सटर एक आकर्षक ऑलराउंडर के अलावा चयनकर्ता, पत्रकार, पायलट और उपन्यासकार भी थे

पूर्व इंग्लैंड कप्तान टेड डेक्सटर का 86 साल के उम्र में निधन हो गया है। डेक्सटर एक शक्तिशाली मध्यमक्रम के बल्लेबाज़ और मध्यम गति के गेंदबाज़ थे। इंग्लैंड के लिए उन्होंने 62 टेस्ट खेले और 30 मैचों में उन्होंने कप्तानी की। उनके नाम 4502 रन और 66 टेस्ट विकेट हैं लेकिन क्रिकेट के अलावा उनका निजी जीवन भी यादगार था।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 1956 और 1968 के बीच उन्होंने 21000 से ज़्यादा रन बनाए और 419 विकेट लिए। 1965 में ख़राब हुए अपने गाड़ी को धकेलने से लगे पैर के चोट का उनके करियर पर असर ज़रूर पड़ा, लेकिन 1968 ऐशेज़ के लिए वह टीम में वापस आए। साथ ही 1971 और 1972 में घरेलू वनडे क्रिकेट के कुछ संडे लीग मैचों में भी भाग लिया।
जब उन्हें विसडेन ने 1961 के पांच 'क्रिकेटर ऑफ़ द इयर' में शामिल किया, तब उन्होंने डेक्सटर को विश्व युद्ध के बाद के सबसे आकर्षक इंग्लिश क्रिकेटर कहा। रन बनाने के मामले में बतौर कप्तान डेक्सटर का औसत 53.93 रहा जबकि उनके पूरे करियर का औसत 47.89 रहा, जिसमें नौ शतक भी शामिल थे। 1958 में इंग्लैंड के लिए उन्होंने डेब्यू पर न्यूज़ीलैंड में अर्धशतक जड़ दिया और क्राइस्टचर्च में उसी दौरे पर अपना पहला सैंकड़ा भी मारा।
1962-63 के ऐशेज़ में उनके 481 रन ऑस्ट्रेलिया में किसी भी इंग्लैंड कप्तान के लिए एक सीरीज़ में सर्वाधिक योग है। 1959-60 में उन्होंने वेस्टइंडीज़ में 65.75 की औसत से 526 रन बनाए। लॉर्ड्स में 1963 में वेस हॉल और चार्ली ग्रिफ़िथ के ख़िलाफ़ 75 गेंदों पर 70 रन उनकी यादगार पारियों में शीर्ष पर मानी जाती है। इस मैच में आख़री ओवर तक चारों परिणाम संभव थे और ऐसे में कॉलिन काउड्रे टूटे हुए हाथ के बावजूद बल्लेबाज़ी करने उतरे थे।
"लॉर्ड टेड" के नाम से मशहूर डेक्सटर गॉल्फ़ के अलावा कई खेलों में निपुण थे। 1964 में उन्होंने चुनाव भी लड़ा और बाद में कॉमेंट्री व पत्रकारिता में भी उन्होंने कदम जमाए। क्रिकेट के आधार पर 'टेस्टकिल' नाम का उपन्यास, और मौजूदा क्रिकेट रैंकिंग प्रणाली में भी उनका योगदान था।
और तो और डेक्सटर एक प्रशिक्षित पायलट भी थे और 1970-71 में सपरिवार ऑस्ट्रेलिया तक का सफ़र ख़ुद हवाईजहाज़ उड़ा कर तय किया था।
1989 और 1993 के बीच वह चयन समिति के सचिव भी थे और टेस्ट मुक़ाबलों में करारी हार के बीच इंग्लैंड ने 1992 विश्व कप का फ़ाइनल भी खेला। काउंटी क्रिकेट में तीन दिनों के मैच को चार दिन के मैच में तब्दील करन के पीछे भी डेक्सटर का हाथ था। पिछले साल एक आत्मकथा के उद्घाटन के वक़्त उनका कहना था की वह आज के क्रिकेट में भी फ़िट बैठते। "मैं आधुनिक क्रिकेट की जान होता। मैं आईपीएल में अच्छे ख़ासे पैसे कमा लेता," उनका कहना था। "लेकिन ऐसा नहीं हुआ इस बात की मुझे ख़ुशी है। शायद इतने पैसों पर बैठे रहने से मेरे जीवन के बाक़ी अनमोल अनुभवों की ज़रुरत नहीं पड़ती।"
ऐंड्रयू मक्ग्लैशन ESPNcricinfo के डिप्टी एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सीनियर सहायक एडिटर और स्थानीय भाषा लीड देबायन सेन ने किया है।
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