महाराष्ट्र के समद फ़लाह घर वापसी के लिए हैं तैयार
बाएं हाथ के इस तेज़ गेंदबाज़ ने ख़ुद को 2021-22 सीज़न के लिए उपलब्ध बताया

समद फ़लाह को उत्तराखंड से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफ़िकेट (एनओसी) मिल गई है और अब वह अपने घरेलू राज्य महाराष्ट्र के लिए एक बार फिर खेलने को तैयार हैं। 2021-22 के इस सीज़न के लिए उन्होंने ख़ुद को तीनों ही फ़ॉर्मैट के लिए उपलब्ध बताया है।
36 वर्षीय समद 2020-21 के कोविड प्रभावित सत्र में उत्तराखंड के लिए सिर्फ़ सफ़ेद गेंद से ही खेल पाए थे क्योंकि रणजी ट्रॉफ़ी को रद्द करना पड़ा था। 50 ओवर फ़ॉर्मैट वाले विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी में वह पिछले सत्र में उत्तराखंड की तरफ़ से संयुक्त तौर पर सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ थे। उन्होंने 28.57 की औसत से छः मैचों में सात विकेट झटके थे।
विजय हज़ारे ट्राफ़ी के अलावा उन्होंने सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी टी20 प्रतियोगिता में भी उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया था। सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी में समद ने चार मैच खेले थे जिसमें 8.28 की इकॉनमी से उन्होंने दो विकेट लिए थे।
समद ने महाराष्ट्र के लिए 2007-08 सत्र में डेब्यू किया था।उनके नाम रणजी ट्रॉफ़ी में 28.56 की औसत से 272 विकेट हैं। बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ों के मामले में रणजी ट्रॉफ़ी में वह महाराष्ट्र की ओर से सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं। हालांकि इस फ़ेहरिस्त में 1941 से 1963 के बीच रणजी ट्रॉफ़ी में खेल चुके हीरालाल गायकवाड़ का भी नाम शामिल है जिन्होंने 278 विकेट लिए हैं, लेकिन गायकवाड़ बाएं हाथ से पेस गेंदबाज़ी के साथ साथ स्पिन भी करते थे।
रणजी ट्राफ़ी के अलावा समद के नाम कुछ 287 प्रथम श्रेणी विकेट हैं, जबकि लिस्ट ए क्रिकेट में उन्होंने 75 और टी20 क्रिकेट में 62 विकेट झटके हैं।
एक समय समद उस महाराष्ट्र पेस आक्रमण का नेतृत्व करते थे जिसमें अनुपम संकलेचा, डॉमिनिक मुथुस्वामी और श्रीकांत मुंडे शामिल थे।
इस पेस अटैक ने 2013-14 में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 21 सालों में पहली बार महाराष्ट्र को रणजी ट्रॉफ़ी के फ़ाइनल में पहुँचाया था, जहां उन्हें कर्नाटक से हार मिली थी।
उस सीज़न समद का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सेमीफ़ाइनल के पहले दिन आया था, जब इंदौर में बंगाल के ख़िलाफ़ उन्होंने 58 रन देकर सात विकेट झटके थे और बंगाल की पारी को 114 रनों पर ढेर कर दिया था।
अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट सैयद हुसैन ने किया है।
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