प्रसिद्ध, कावेरप्पा के तिहरे झटकों से 120 पर सिमटी मुंबई
मुकेश और आकाश दीप ने मिलकर पांच विकेट लिए, वहीं उत्तराखंड के तेज़ गेंदबाज़ों ने अपनी टीम का दिन बना दिया

कर्नाटक 110 पर 2 (अग्रवाल 54*, राहुल 28, शेडगे 1-16) मुंबई 120 (हेरवाडकर 60, गोपाल 3-4, प्रसिद्ध 3-21, कावेरप्पा 3-38) से 10 रन पीछे
BKC की लाल मिट्टी वाली पिच पर मुंबई ने पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय किया और कर्नाटक ने उनकी पूरी पारी को 120 के स्कोर पर समेट दिया। दिन की शुरुआत में तेज़ गेंदबाज़ों को पिच से उछाल और मूवमेंट प्राप्त हो रही थी और विद्वत कावेरप्पा और प्रसिद्ध कृष्णा ने इसका भरपूर लाभ उठाया।
हालांकि पहली सफलता विद्याधर पाटिल को मिली, जिन्होंने चौथे ओवर में यशस्वी जायसवाल को पांच के निजी स्कोर पर विकेट के पीछे आउट कराया। इसके बाद कावेरप्पा ने मुशीर ख़ान (1) और सिद्धेश लाड (12) का शिकार किया। मुंबई 39 के स्कोर पर तीन विकेट गंवा चुकी थी और यहां से उनकी पारी संभल नहीं पाई।
ओपनर अखिल हेरवाडकर और सूर्यांश शेडगे ने मिलकर 31 रन जोड़े, लेकिन प्रसिद्ध ने 10 के निजी स्कोर पर शेडगे को कॉट बिहाइंड आउट कर दिया। इसके बाद प्रसिद्ध ने दो लगातर झटके दिए और 34वें ओवर में आकाश आनंद और शम्स मुलानी को अपना शिकार बनाया। हालांकि मुंबई के कप्तान शार्दुल ठाकुर ने उनकी हैट्रिक नहीं होने दी, लेकिन हेरवाडकर के साथ 39 रनों की साझेदारी करने के बाद वह कावेरप्पा का शिकार बने।
हेरवाडकर ने हालांकि मुंबई के लिए एक छोर संभाले रखा और स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाते रहे। ठाकुर के आउट होने के तुरंत बाद उन्होंने अर्धशतक पूरा किया लेकिन कर्नाटक के लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल ने थोड़े ही अंतराल पर तीन झटके दे दिए। तनुष कोटियान और तुषार देशपांडे को डक पर शिकार बनाने के बाद उन्होंने हेरवाडकर को 60 के निजी स्कोर पर पगबाधा कर दिया।
मुंबई की पारी 120 के स्कोर पर सिमट गई और जवाब में के एल राहुल और मयंक अग्रवाल ने चौकों के साथ आग़ाज़ किया। इसके परिणामस्वरूप कर्नाटक आठ ओवर के भीतर ही 46 के स्कोर तक पहुंच गया। हालांकि प्वाइंट पर स्लैश करने के प्रयास में राहुल 28 के निजी स्कोर पर मोहित अवस्थी का शिकार बने लेकिन अग्रवाल 54 के निजी स्कोर पर नाबाद ही पवेलियन लौटे। इस बीच कर्नाटक ने देवदत्त पड़िक्कल का विकेट भी गंवा दिया।
आंध्रा 264/6 (भुई 83, भरत 47, मुकेश 3-50, आकाश दीप 2-64) बनाम बंगाल
कल्याणी में बंगाल और आंध्र के बीच चल रहे रणजी ट्रॉफ़ी क्वार्टर फ़ाइनल मुक़ाबले में में आंध्र की टीम ने पहले दिन के खेल की समाप्ति तक छह विकेट पर 264 रन बना लिए हैं। 77वें ओवर की अंतिम गेंद पर 83 के निजी स्कोर पर खेल रहे अनुभवी रिकी भुई का ध्यान संभवत: किसी चीज़ के चलते भंग हो गया और आकाश दीप की गेंद को सामने की ओर खेलने के प्रयास में गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और डीप थर्ड के फ़ील्डर के पास गेंद चली गई।
शाहबाज़ अहमद ने बायीं ओर गोता लगाते हुए एक बेहतरीन कैच लपका। इसके बाद भुई और अंपायर के बीच बहस हुई और भुई ने बताया कि वह गेंद खेलने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन अंत में भुई को आउट करार दिया गया।
तीन गेंद बाद नीतीश कुमार रेड्डी ने मुकेश कुमार द्वारा डाली गई शॉर्ट गेंद को पुल किया, लेकिन फ़ाइन लेग पर लपके गए। भुई और रेड्डी ने पांचवें विकेट के लिए 108 रन जोड़े। एक समय आंध्र 147 के स्कोर पर चार विकेट गंवा चुका था। के एस भरत ने शुरुआत में आक्रमण किया, लेकिन 57 गेंदों पर उनकी 47 रनों की पारी को मुकेश कुमार ने समाप्त कर दिया। अभिषेक रेड्डी के साथ उन्होंने पहले विकेट के लिए 58 रनों की साझेदारी की थी। अभिषेक को आकाश दीप ने कॉट बिहाइंड कराते हुए अपना शिकार बनाया।
मुकेश ने भरत को हुक खेलने के प्रयास में फ़ाइन लेग पर कैच आउट कराया तो शेख़ रशीद (46) को उन्होंने स्लिप में कैच आउट कराया। मुकेश ने 50 रन देकर तीन विकेट और आकाश दीप ने 64 रन देकर दो विकेट के आंकड़े के साथ दिन के खेल को समाप्त किया।
कुलदीप के पंजे से 194 पर सिमटी जम्मू और कश्मीर
मध्य प्रदेश 28 पर 0 (दुबे 14*, गवली 8*) जम्मू-कश्मीर 194 (खजुरिया 60, कुलदीप 5-66, कार्तिकेय 3-26, पांडे 2-27) से 166 रन पीछे
कुलदीप सेन के तीसरे प्रथम श्रेणी पंजे की बदौलत मध्य प्रदेश ने इंदौर में पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला करने के बाद जम्मू-कश्मीर को 194 रन पर समेट दिया। जम्मू-कश्मीर के सलामी बल्लेबाज़ों शुभम खजुरिया और यावेर हसन ने अपना समय लिया और 16 ओवर में 28 रन जोड़े। कुलदीप ने अगले ओवर में यावेर को कॉट बिहाइंड कराते हुए जम्मू-कश्मीर को पहला झटका दिया। दो ओवर के बाद शुभम पुंडीर भी कुलदीप का शिकार बने और जम्मू-कश्मीर ने 30 के स्कोर पर अपने दो विकेट गंवा दिए।
हालांकि खजुरिया और कप्तान पारस डोगरा ने अपने दल को मुश्किल से उबारा और दोनों ने धैर्यपूर्वक तीसरे विकेट के लिए 79 रनों की साझेदारी की, जिसके बाद कुमार कार्तिकेय ने इस साझेदारी को तोड़ दिया। कार्तिकेय ने खजुरिया को 60 के निजी स्कोर पर रजत पाटीदार के हाथों कैच आउट कराया और इसके बाद जम्मू-कश्मीर की पारी बिखर गई। खजुरिया के विकेट को गिनते हुए जम्मू-कश्मीर ने 27 रन के भीतर अपने छह विकेट गंवा दिए। डोगरा भी 91 गेंदों पर 33 रन बनाकर कुलदीप का शिकार बने।
हालांकि नंबर 10 के बल्लेबाज़ युधवीर सिंह ने काउंटर अटैक किया और 35 गेंदों पर 41 रन बनाए जिसमें तीन चौके और तीन छक्के शामिल थे और अपनी टीम को 194 के टोटल तक ले गए। कुलदीप ने पारी में अंतिम दो विकेट हासिल करते हुए अपना पंजा पूरा किया। मध्य प्रदेश के सलामी बल्लेबाज़ यश दुबे और हर्ष गवली ने दिन के खेल की समाप्ति तक क्रीज़ पर अपने पांव जमाए रखे और 28 के स्कोर पर बिना किसी के नुक़सान के साथ दिन का खेल समाप्त किया।
गेंदबाज़ों ने बनाया उत्तराखंड का दिन
उत्तराखंड 4 पर 0 झारखंड 235 (आदित्य 83, जोशी 4-46, ए रावत 3-39, मयंक 3-50) से 231 रन पीछे
तेज़ गेंदबाज़ जन्मेजय जोशी और आदित्य रावत, और बाएं हाथ के स्पिनर मयंक मिश्रा ने मिलकर सभी 10 विकेट हासिल किए और उत्तराखंड ने झारखंड को जमशेदपुर में 235 के स्कोर पर समेट दिया। पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला करने के बाद उत्तराखंड को सातवें ओवर में पहली सफलता मिली, जब जोशी ने शिखर मोहन को चार के निजी स्कोर पर कॉट बिहाइंड आउट कराया।
शरणदीप सिंह और मनीषी के बीच दूसरे विकेट के लिए 37 रनों की साझेदारी हुई लेकिन मयंक ने शरणदीप को 26 के निजी स्कोर पर पवेलियन का रास्ता दिखाया। शरणदीप के बाद झारखंड को मनीषी (20), कुमार कुशाग्र (14) और रॉबिन मिन्ज़ (0) के रूप में नियमित झटके लगे और 29 रन के भीतर झारखंड ने चार विकेट गंवाए।
इसमें रावत ने दो विकेट हासिल किए और झारखंड की आधी टीम 80 के स्कोर पर पवेलियन लौट गई। हालांकि कप्तान विराट सिंह और आदित्य सिंह ने वापसी कराने की कोशिश की। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी हुई। यह साझेदारी 64वें ओवर की शुरुआत में टूटी, जब रावत ने विराट की 122 गेंदों पर 47 रनों की धैर्यपूर्ण पारी को समाप्त किया।
आठ ओवर बाद आदित्य ने साहिल राज के रूप में अपना अगला जोड़ीदार भी खो दिया, जब मयंक ने राज को 12 के निजी स्कोर पर बोल्ड कर दिया। लेकिन इसके बाद आदित्य ने आठवें विकेट के लिए इशान ओम के साथ 27 रन और नौवें विकेट के लिए जतिन पांडे के साथ 21 रन जोड़े।
आदित्य पारी के नौवें विकेट के रूप में 167 गेंदों पर 83 रन बनाकर आउट हुए, उन्होंने अपनी पारी में एक छक्का और 10 चौके लगाए। आदित्य की पारी की बदौलत झारखंड 235 के टोटल तक पहुंचने में सफल हो पाया।
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