एनओसी मिलने के बाद बंगाल क्रिकेट से अलग हुए साहा
इस साल की शुरुआत से ही उनके और स्टेट एसोसिसिएशन के बीच नोक-झोंक चल रही थी

विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋद्धिमान साहा बंगाल क्रिकेट से पूरी तरह अलग हो गए हैं। एक अधिकारी से मतभेद होने के बाद उन्होंने बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (सीएबी) से एनओसी मांगा था, जो उन्हें अब मिल गया है।
सीएबी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा, "ऋद्धिमान साहा ने अध्यक्ष अविषेक डालमिया के नाम एक आवेदन करके एसोसिएशन से एनओसी मांगा था। सीएबी ने साहा के अनुरोध पर सहमति व्यक्त की और उन्हें दूसरे राज्य के लिए खेलने के लिए एनओसी प्रदान किया है। साथ ही सीएबी उन्हें उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी देता है।"
इस परिघटना की शुरुआत फ़रवरी में हुई थी, जब सीएबी के संयुक्त सचिव देवव्रत दास ने एक बयान जारी कर साहा पर रणजी मैचों को "छोड़ने" के लिए "हर तरह के बहाने" बनाने का आरोप लगाया था। यह साहा को अच्छा नहीं लगा, उन्होंने माफ़ी की मांग की जो उन्हें नहीं मिली।
उस समय साहा को भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था। मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने उनसे बात की कि हम टेस्ट टीम में आपकी ओर नहीं देख रहे हैं। नतीजतन उन्होंने 'व्यक्तिगत कारणों' का हवाला देते हुए रणजी ट्रॉफ़ी के लीग चरण से नाम वापस ले लिया था।
मई में साहा को रणजी ट्रॉफ़ी नॉकआउट के लिए बंगाल की टीम में चुना गया था, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए अपना नाम वापस ले लिया कि टीम में चुने जाने से पहले उनकी अनुमति नहीं ली गई थी। माना जाता है कि साहा ने सीएबी के अधिकारियों से बात की थी, जिन्होंने उनसे वादा किया था कि देवव्रत दास का बयान सीएबी के रुख़ की झलक नहीं है।
हालांकि, साहा ने अपना रुख़ दोहराया और कहा कि यदि विवाद का समाधान नहीं किया जा सकता है तो वह राज्य छोड़ने के लिए एनओसी लेना चाहते हैं। दो महीने तक मामला अनसुलझा रहने के बाद साहा ने आख़िरकार एनओसी लेने का फ़ैसला किया।
इस दौरान चर्चा है कि साहा एक खिलाड़ी के साथ-साथ मेंटॉर के रूप में त्रिपुरा से जुड़ सकते हैं। यह बातचीत के दौर में है और दोनों में से कोई भी इस समय किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने को तैयार नहीं है। इससे पहले गुजरात और बड़ौदा को कुछ समय के लिए साहा की संभावित टीमों के रूप में देखा जा रहा था, हालांकि दोनों टीमों ने इस बात से साफ़ इनकार कर दिया कि उन्होंने साहा से बातचीत की थी।
37 वर्षीय साहा ने 122 प्रथम श्रेणी मैचों में 41.98 की औसत से 6423 रन बनाए हैं। वह अब तक 13 शतक और 38 अर्धशतक लगा चुके हैं। अपने 40 मैचों के टेस्ट करियर में उन्होंने 30 से थोड़े कम के औसत से 1353 रन बनाए। साहा आख़िरी बार भारतीय जर्सी में पिछले साल दिसंबर में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ घरेलू टेस्ट सीरीज़ में दिखे थे।
शशांक किशोर ESPNcricinfo में सीनियर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के एडिटोरियल फ़्रीलांसर कुणाल किशोर ने किया है।
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