श्रीलंका का लक्ष्य: अव्यवस्था से उबरना और ट्रॉफ़ी का सूखा समाप्त करना
2014 T20 विश्व कप विजेता को हाल ही में कुछ झटके लगे हैं

ग्रुप मुक़ाबले
बनाम आयरलैंड, कोलंबो, 8 फ़रवरी बनाम ओमान, पल्लेकेले, 12 फ़रवरी बनाम ऑस्ट्रेलिया, पल्लेकेले, 16 फ़रवरी बनाम ज़िम्बाब्वे, कोलंबो, 19 फ़रवरी
बड़ी तस्वीर: श्रीलंका को अपने T20 खेल में सुधार करना होगा
एक तरफ़ अन्य प्रारूपों में जहां श्रीलंका को ख़ुशी के कुछ पल मिले हैं तो वहीं T20 प्रारूप में उनका प्रदर्शन ख़ास नहीं रहा है। 2022 की शुरुआत से ही श्रीलंका ने एक भी कैलेंडर ईयर में हारे हुए मुक़ाबलों से अधिक संख्या में मुक़ाबले नहीं जीते हैं।
इस विश्व कप में श्रीलंका अव्यवस्था के साथ प्रवेश करेगी। उनका कप्तान बदला गया है, या यह कहें कि कप्तानी दोबारा दसून शानका को सौंप दी गई है। चयनकर्ताओं ने नए विकल्प आज़माए, लेकिन उतनी जल्दी उन्होंने विकल्पों को ख़ारिज भी कर दिया। कोचिंग स्टाफ़ दबाव में काम कर रहा है। हालिया समय में उन्हें ज़िम्बाब्वे से हार झेलनी पड़ी, पाकिस्तान ने उन्हें कड़ी टक्कर दी और इंग्लैंड से हार झेलनी पड़ी।
हालांकि श्रीलंका के पास पतुम निसंका हैं, जो वैश्विक मंच पर अपना लोहा मनवाने की क्षमता रखते हैं। भले ही वानिंदु हसरंगा के हालिया आंकड़े उतने प्रभावशाली न हों लेकिन हर कोई उनकी क्षमता से परिचित है। दुनित वेल्लालगे में घरेलू परिस्थितियों में विपक्षी बल्लेबाज़ों पर हावी होने का कौशल है। और जब दुश्मांता चमीरा लय में हों तो वह तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण का प्रभावी रूप से नेतृत्व कर सकते हैं। हालांकि इन खिलाड़ियों ने हालिया समय में मिलकर एक साथ मैच जिताऊ प्रदर्शन नहीं किया है।
2009 से 2014 के बीच श्रीलंका ने चार बार सेमीफ़ाइनल में प्रवेश किया और 2014 में ढाका में ख़िताबी जीत भी हासिल की। हालांकि इसके बाद श्रीलंका एक भी बार टूर्नामेंट के नॉकआउट स्टेज तक नहीं पहुंच पाई है।
हालिया प्रदर्शन
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सीरीज़ ड्रॉ करने के बाद उन्हें इंग्लैंड से हार झेलनी पड़ी। यह दोनों ही सीरीज़ उन्होंने घर पर ही खेले थे।
इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नज़रें: निसंका और रत्नानायके
निसंका उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जिनके नाम वनडे में दोहरा शतक और T20I में शतक है। सबसे छोटे प्रारूप में उन्होंने शतक भारत के ख़िलाफ़ ही पिछले साल एशिया कप में जड़ा था। शॉर्ट गेंद को खेलने की उनकी क्षमता से सभी परिचित हैं।
हाल ही में वनडे में शतक जड़ने वाले पवन रत्नानायके ने भी काफ़ी उम्मीदें जगाई हैं।
कुसल परेरा का अंतिम विश्व कप!
कुसल परेरा के लिए यह अंतिम विश्व कप हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह एक यही प्रारूप खेलते हैं और नवंबर से उन्होंने T20I नहीं खेला है, विशेष रूप से रत्नानायके के जुड़ने के बाद से। हालांकि इस अभियान में उनकी ज़रूरत श्रीलंका को पड़ सकती है।
सर्वश्रेष्ठ एकादश
1 पतुम निसंका, 2 कमिल मिशारा, 3 कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), 4 पवन रत्नानायके, 5 चरित असलंका/कुसल परेरा, 6 दासुन शानका (कप्तान), 7 दुनित वेल्लालगे, 8 वानिंदु हसरंगा, 9 दुश्मांता चमीरा, 10 इशान मलिंगा/महीश तीक्षणा, 11 मतिशा पतिराना
ऐंड्र्यू फ़िडेल फ़र्नांडो ESPNcricinfo के वरिष्ठ लेखक हैं।
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