डब्ल्यू वी रमन ने टेस्ट मैचों में भी शफ़ाली वर्मा को बताया गेम-चेंजर
कहा विरोधियों का मनोबल गिराने की क्षमता है उनका मुख्य गुण

भारतीय महिला टीम के पूर्व कोच डब्ल्यूवी रमन का मानना है कि 17 साल की सलामी बल्लेबाज़ शफ़ाली वर्मा की बल्लेबाज़ी का अंदाज़ टेस्ट क्रिकेट में भी विपक्षी गेंदबाज़ों के मनोबल को धराशाई कर सकता है। वर्मा, जिन्होंने अब तक केवल टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, अगले महीने इंग्लैंड के दौरे के लिए सभी प्रारूपों की टीम का हिस्सा हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय महिला टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा भी करेगी, जहां वे सितंबर में पहली बार गुलाबी गेंद से टेस्ट मैच खेलने जा रही है।
स्पोर्ट्स टुडे से बातचीत करते हुए रमन ने कहा, "मान लीजिए किसी 4 दिवसीय या टेस्ट मैच में आपकी पहले बल्लेबाज़ी आ जाती है, तो आप वैसे भी क्रीज़ पर समय बिताने की सोच के साथ आते हैं। ऐसे समय अगर कोई बल्लेबाज़ पहले 45 मिनट या एक घंटे में विपक्षी गेंदबाज़ों के छक्के छुड़ाकर उन पर मानसिक दबाव बना ले, तो मैं फॉर्मेट की चिंता किए बिना खुशी खुशी उस परिणाम को स्वीकार कर लूंगा।"
किसी कारणवश टीमों को अब भी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने में हिचकिचाहट होती है। लेकिन अगर आपके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो परिस्तिथियों तथा विपक्षी गेंदबाज़ों की परवाह किए बिना अपना काम करने में यकीन करते है, तो वह पूरे आत्मविश्वास के साथ गेंदबाज़ों के पीछे पड़ जाएंगे और उनकी बोलती बंद कर देंगे।
अंडर-19 स्तर पर पृथ्वी शॉ का उदाहरण देते हुए रमन ने सभी फ़ॉर्मेट में एक समान भूमिका निभाने की वर्मा की काबिलियत पर ज़ोर दिया। "जैसा कि मैंने 2017 में पृथ्वी शॉ को अंडर-19 टीम में करते हुए देखा था। वह मैदान पर आकर कुछ ही समय में 70-80 रन बना लेते थे और जब तक वह आउट होते और आप ड्रिंक्स ब्रेक लेते, तब तक आपका स्कोर 90 या 100 के पार पहुंच जाता। यह न केवल विपक्षी ख़ेमे के गेंदबाज़ों के लिए बहुत निराशाजनक है, बल्कि आपकी अपनी टीम में आने वाले बल्लेबाज़ों को बहुत आत्मविश्वास प्रदान करता है। आपको और क्या चाहिए? यह अमूल्य है", रमन ने कहा।
इसके बाद रमन से भारतीय टीम में वनडे मैचों में विस्फोटक फिनिशर की कमी और टीम मैनेजमेंट को अंत में अधिक रन बनाने के लिए वर्मा को इस फ़ॉर्मेट में नीचे बल्लेबाज़ी करवाने के विचार पर प्रश्न किया गया। "अगर उन्हें (टीम मैनेजमेंट को) कोई ऐसा मिल सकता है जो 35 से 50 ओवरों में यह काम कर दे, तो उस खिलाड़ी और शफ़ाली, दोनों को टीम में एक साथ शामिल किया जाना चाहिए। अपने आप को शफ़ाली वर्मा या निचले क्रम में किसी और खिलाड़ी तक सीमित क्यों रखना चाहते हैं आप? आपके पास जितने विस्फोटक बल्लेबाज़ है, उन्हें एक साथ खिलाकर विपक्षी टीम पर धावा बोलिए।"
वर्तमान में ICC महिला रैंकिंग में नंबर 1 टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज़ वर्मा 148.31 के स्ट्राइक रेट से रन बनाती है और अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी के लिए जानी जाती हैं। वर्मा ने करीब डेढ़ साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और 22 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में लगभग 30 की औसत के साथ उनके नाम 617 रन हैं। सितंबर 2019 में अपने डेब्यू के बाद से इस फ़ॉर्मेट में वर्मा, बेथ मूनी के बाद दूसरी सबसे अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं। अलिसा हीली के 155.95 के बाद उनका दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट है (न्यूनतम 10 पारियां) और इस अवधि में उन्होंने सबसे अधिक (29) छक्के भी लगाए हैं।
अपनी विस्फोटक शैली के लिए प्रसिद्ध वर्मा, इस साल गर्मियों में इंग्लैंड में द हंड्रेड और साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया में महिला बीबीएल में खेलती नज़र आएंगी। साथ ही उन्हें आगामी इंग्लैंड दौरे के लिए पहली बार वनडे और टेस्ट टीम में शामिल किया गया हैं। और तो और बुधवार को, बीसीसीआई ने उन्हें 30 लाख रुपये की राशी वाली श्रेणी B का वार्षिक अनुबंध भी सौंपा, जो पिछले साल उनके श्रेणी C अनुबंध से प्रमोशन था।
विशाल दिक्षित ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब-एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।
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