पहला दिन इंग्लैंड महिला 269/6 (नाइट 95, बोमॉन्ट 66, राणा 3-77, शर्मा 2-50, वस्त्रकर 1-43) बनाम भारत महिला

2014 के बाद पहली बार क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही भारतीय महिला टीम ने नियंत्रित खेल दिखाया। इसके लिए श्रेय देना होगा डेब्यू कर रही स्नेह राणा , दीप्ति शर्मा और पूजा वस्त्रकर को। एक समय इंग्लैंड हेदर नाइट और टैमी बोमॉन्ट के अर्धशतकों के दम पर सुखद स्थिति में था लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए ब्रिस्टल में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के पहले दिन मेज़बान टीम के छ: विकेट 269 रनों पर गिरा दिए।

अंतिम सत्र शुरू होने तक इंग्लैंड मैच में 230/2 के स्कोर के साथ पूरी तरह से पकड़ बनाता नज़र आ रहा था, लेकिन इसके बाद भारतीय स्पिनरों की जोड़ी राणा और शर्मा ने एक के बाद एक विकेट झटकते हुए इंग्लैंड को 251/6 कर दिया था। राणा और शर्मा ने तीन खिलाड़ियों को LBW आउट किया, विकेटों के गिरने का सिलसिला उप-कप्तान नैटली सीवर के आउट होने के साथ शुरू हुआ। शर्मा की गेंदबाज़ी पर स्वीप करने की कोशिश में सीवर विकेट के सामने पकड़ी गईं।

हालांकि अंपायर के आउट देने के बावजूद सीवर ने रिव्यू भी लिया लेकिन वह ज़ाया हो गया। इस तरह से ये विकेट भारत के लिए टेस्ट में DRS का इस्तेमाल करते हुए पहला था, इत्तेफ़ाक की बात है कि वनडे में भी पहली बार भारतीय महिला टीम के लिए DRS के ज़रिए पहली दीप्ति शर्मा ने ही दिलाई थी। कुछ ही देर बाद इंग्लिश कप्तान नाइट भी LBW आउट हुईं, उन्होंने रिव्यू का इस्तेमाल किया और इस तरह मेज़बान टीम ने अपना दूसरा रिव्यू भी गंवा दिया था। नाइट को भी शर्मा ने ही अपनी ड्रिफ़्टर पर शिकार बनाया।

इन दोनों के आउट होने के बाद इंग्लैंड जो एक समय पहले दिन 300 का आंकड़ा पार करता हुआ दिखाई दे रहा था, ऐसा कर न सका। हालंकि इंग्लैंड ने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया, वह ये कि 1960 के बाद ये पहला मौक़ा था जब इंग्लिश महिला टीम ने किसी टेस्ट मैच में पहले तीन विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी जोड़ी। नाइट ने अपनी 175 गेंदों की पारी में नौ ख़ूबसूरत चौके भी लगाए।

नाइट के आउट होने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज़ एमी जोंस भी LBW आउट हुईं और उन्होंने भी रिव्यू लिया लेकिन अंपायर कॉल होने की वजह से उन्हें भी लौटना पड़ा। जोंस को राणा ने अपना शिकार बनाया, राणा ने इसके बाद जॉर्जिया एल्विस को भी पैविलयन की राह दिखाई।

भारत ने 89वें ओवर में दूसरी नई गेंद ली थी, लेकिन इसके बाद कैथेरिन ब्रंट और डेब्यू कर रही सोफ़िया डंकली ने सूझ बूझ के साथ बल्लेबाज़ी की और मेज़बान टीम को कोई और झटका नहीं लगने दिया। भारत की ओर से राणा अब तक सबसे सफल गेंदबाज़ रही हैं, उनके नाम 77 रनों पर तीन विकेट है।

इससे पहले शेफ़ाली वर्मा ने टैमी बोमॉन्ट का एक बेहतरीन कैच लपकते हुए उनकी 66 रनों की शानदार पारी पर विराम लगाया था। हालांकि भारत के लिए पहले दो सत्र में विकेट बेहद मुश्किल से आए थे, पहले और दूसरे सत्र में भारतीय गेंदबाज़ों को सिर्फ़ एक-एक सफलता हाथ लगी थी। लेकिन अंतिम सत्र में स्पिन गेंदबाज़ों ने भारत की झोली में चार विकेट डालते हुए एक दमदार वापसी करा दी है। देखना दिलचस्प होगा कि यहां से भारतीय गेंदबाज़ मेज़बान टीम को किस स्कोर तक जाने देते हैं।

ऑन्‍नेशा घोष ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट सैयद हुसैन @imsyedhussain ने किया है।