भारतीय टीम के शेड्यूल पर गिल : टेस्ट सीरीज़ से पहले तैयारी के लिए वाजिब वक़्त मिलना ज़रूरी
भारत के पास वेस्टइंडीज़ और साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ हालिया घरेलू टेस्ट सीरीज़ से पहले तैयारी के लिए एक हफ़्ते से भी कम का वक़्त था
Gill on T20 World Cup axe: I am right where I have to be
India's ODI captain looks ahead to the series against New Zealandबीते साल भारत ने 28 सितंबर को दुबई की सरज़मीं पर एशिया कप का फ़ाइनल मुक़ाबला खेला और महज़ चार दिनों के अंतराल के बाद, 2 अक्तूबर से वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध अपनी घरेलू टेस्ट सीरीज़ का आग़ाज़ किया। यही सिलसिला आगे भी जारी रहा; टीम ने 8 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया में अपना अंतिम T20I मैच खेला और फिर 14 नवंबर को अपनी सरज़मीं पर साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ पहला टेस्ट मैच खेलने उतरी। इस टेस्ट सीरीज़ में भारत को साउथ अफ़्रीका के हाथों 2-0 से शर्मनाक क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा।
टीम इंडिया के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल का यह तर्क है कि BCCI को भविष्य में ऐसे व्यस्त कार्यक्रमों से परहेज़ करना चाहिए, विशेष रूप से टेस्ट सीरीज़ से ठीक पहले, जब खिलाड़ियों को सीमित ओवरों के क्रिकेट से लाल गेंद के प्रारूप में ढलने के लिए वक़्त की ज़रूरत होती है। शनिवार को वड़ोदरा में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ भारत के पहले वनडे की पूर्व संध्या पर गिल से पूछा गया कि क्या BCCI ने उनसे टेस्ट क्रिकेट में सुधार को लेकर कोई सुझाव मांगा था।
गिल ने मसले पर अपनी बात रखते हुए कहा, "एक अहम सुझाव जिस पर मैं विशेष रूप से ज़ोर दे रहा था, वह यह है कि अगर आप हमारी पिछली दो टेस्ट सीरीज़ पर गौर करें, तो हमें तैयारी के लिए पर्याप्त वक़्त नहीं मिल पाया। किसी दूसरे मुल्क में मुक़ाबला खेलने के महज़ चार दिन बाद भारत आकर मैदान पर उतरना आसान नहीं होता, विशेषकर तब जब आप एक लंबे और थका देने वाले दौरे से वापस लौट रहे हों।"
"मेरा मानना है कि अगर हम साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ वह सीरीज़ जीत भी जाते, तब भी हक़ीक़त यही रहती कि तैयारी के लिहाज़ से हम पीछे थे। हम सब वाक़िफ़ हैं कि दुनिया के किसी भी कोने में टेस्ट मैच फ़तह करने के लिए सही तैयारी कितनी लाज़मी है। निजी तौर पर मेरे लिए तैयारी बहुत मायने रखती है, और मुझे महसूस हुआ कि ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद, या एशिया कप के तुरंत बाद वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध सीरीज़ से पहले हमारे पास तैयारी का वाजिब समय नहीं था।"
"मेरा यह स्पष्ट मत है कि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए कम से कम थोड़ा वक़्त ज़रूर मिलना चाहिए, ख़ास तौर पर तब जब व्हाइट बॉल फ़ॉर्मेट से रेड बॉल क्रिकेट में तालमेल बिठाना हो। यह एक ऐसा गंभीर मसला था जिसे लेकर मैं काफ़ी संजीदा था, और मुझे उम्मीद है कि भविष्य में इस दिशा में ठोस क़दम उठाए जाएंगे, ताकि किसी भी टेस्ट सीरीज़ का आग़ाज़ करने से पहले टीम बेहतर तरीक़े से तैयार हो सके।"
साउथ अफ़्रीका के विरुद्ध टेस्ट सीरीज़ में मिली नाकामी भारत के लिए 12 महीनों के भीतर घरेलू सरज़मीं पर दूसरी क्लीन स्वीप थी। यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि इससे पहले भारत 12 सालों तक अपने घर में कोई टेस्ट सीरीज़ नहीं हारा था। गिल से जब यह पूछा गया कि क्या व्यस्त कैलेंडर को देखते हुए खिलाड़ियों को कुछ फ़ॉर्मेट्स में आराम दिया जाना चाहिए ताकि वे रेड बॉल क्रिकेट के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें, तो एक विरोधाभास भी सामने आया। हाल ही में टीम इंडिया 22 दिनों तक बिना किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के खाली बैठी थी, जो साफ़ तौर पर टीम की प्लानिंग में संतुलन की कमी की ओर इशारा करता है।
गिल ने इस मसले पर अपनी राय रखते हुए कहा, "शायद थोड़ा लचीला कैलेंडर रखना ज़्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है। मुझे नहीं लगता कि 2016 से 2018 के दौर में ऐसा कभी हुआ कि आप किसी विदेशी दौरे से लौटें और चौथे ही दिन भारत में मैच खेलने उतर जाएं। 10वें या 12वें दिन मुक़ाबला खेलना कहीं ज़्यादा आसान और तार्किक होता है। इससे खिलाड़ियों को थोड़ा सांस लेने का वक़्त मिलता है और अगली सीरीज़ के लिए ज़रूरी तैयारी और आत्मविश्वास जुटाने का मौक़ा भी।"
पिछले कुछ महीनों में गिल उन चंद भारतीय सितारों में शामिल रहे हैं जो लगातार तीनों फ़ॉर्मेट खेल रहे हैं। यह कहना मुश्किल है कि अगर उन्हें उचित आराम मिला होता, तो क्या साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट के दौरान उनकी गर्दन में लगी चोट को टाला जा सकता था। उस इंजरी ने मैच की स्थिति को लगभग 10 बनाम 11 के मुक़ाबले जैसा बना दिया था। इसके बाद गिल को वनडे मैचों से महरूम रहना पड़ा और वह T20 विश्व कप टीम में भी अपनी जगह नहीं बना सके, जबकि कुछ ही समय पहले उन्हें इस फ़ॉर्मेट का उपकप्तान नियुक्त किया गया था।
T20 विश्व कप टीम से बाहर होने के दर्द पर गिल ने बहुत ही सुलझा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा, "मैं अपनी ज़िंदगी के उस पड़ाव पर हूं जहां मुझे होना चाहिए। जो मेरी क़िस्मत में लिखा है, उसे कोई मुझसे नहीं छीन सकता। एक खिलाड़ी के तौर पर यह ख़्वाहिश हमेशा रहती है कि आप विश्व कप खेलें और देश को जीत दिलाएं, फिर भी मैंने चयनकर्ताओं के फ़ैसले का पूरा सम्मान किया। मैं T20 टीम को अपनी दिली मुबारक़बाद और शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे हमारे लिए वर्ल्ड कप जीतकर लौटें।"
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