राजपूत: इस T20 विश्व कप ने साबित किया कि एसोसिएट देश बेहतर हुए हैं
इस टूर्नामेंट के दौरान एसोसिएट देशों ने टेस्ट खेलने वाले बड़े देशों को कड़ी चुनौती दी है और अब तो ज़िम्बाब्वे, ऑस्ट्रेलिया को पछाड़कर क्वार्टर फ़ाइनल में पहुंच गया है

अफ़ग़ानिस्तान, नामीबिया, नीदरलैंड्स, स्कॉटलैंड और कनाडा की तरह UAE का भी मानना है कि एसोसिएट देशों के टेस्ट खेलने वाले देशों से अधिक मुक़ाबले होने चाहिए, ताकि इन देशों के खिलाड़ी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा कर अपने स्किल को और बेहतर कर सकें।
दिल्ली में साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ मैच से पहले UAE के मुख्य कोच लालचंद राजपूत ने कहा, "एसोसिएट देशों को दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ खेलने का मौक़ा बहुत कम मिलता है। इसलिए यह (T20 विश्व कप) उनके लिए एक बड़ा मौक़ा है। जब आप ऐसे मैचों में बेहतर प्रदर्शन करना शुरू करते हो और मैच जीतना शुरू करते हो, तो आपका कॉन्फ़िडेंस लेवल भी ऊपर जाता है। मुझे लगता है कि इस विश्व कप से हमें बहुत कॉन्फ़िडेंस और आत्मविश्वास मिला है और हमें उम्मीद है कि हम इसे बनाए रखेंगे।"
पहले मैच में न्यूज़ीलैंड से करारी हार खाने के बाद UAE ने कनाडा के ख़िलाफ़ एक रोमांचक मैच जीता और अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ मैच को आख़िरी ओवर तक ले गए। ओवरऑल भी 20 देशों के साथ हो रहे इस T20 विश्व कप में एसोसिएट और नीचे के टेस्ट देशों ने प्रभावित किया है। साउथ अफ़्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर सुपर 8 में प्रवेश किया है, जबकि नेपाल जैसी टीम इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच को आख़िरी ओवर तक ले गए हैं। मंगलवार को ही कनाडा के युवराज सामरा ने न्यूज़ीलैंड जैसी टीम के ख़िलाफ़ सबसे कम उम्र में विश्व कप में शतक जड़ने का रिकॉर्ड बनाया।
2007 में भारत को पहला T20I विश्व कप जिताने वाले राजपूत का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि वह UAE के साथ-साथ अफ़ग़ानिस्तान और ज़िम्बाब्वे जैसी टीमों को भी कोच कर चुके हैं।
वह कहते हैं, "मैं इस बात से ख़ुश हूं कि ज़िम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को झटका दिया। यह ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के लिए बहुत बड़ी बात है क्योंकि पिछली बार वह T20 विश्व कप के लिए क्वालिफ़ाई तक नहीं कर पाए थे। इसलिए यह उनके लिए एक अच्छा प्लेटफ़ॉर्म है कि वह दिखा पाए कि वह अब भी बेहतर टीम हैं।"
रविवार को UAE के ख़िलाफ़ मैच से पहले अफ़ग़ानिस्तान के कप्तान राशिद ख़ान ने भी कहा था कि उन्हें बड़े टेस्ट खेलने वाले देशों के ख़िलाफ़ अधिक मैच मिलने चाहिए, ताकि बड़े टूर्नामेंट में जब ये देश उनके सामने आए, तो उनके ऊपर कोई दबाव ना हो। इस मैच के बाद UAE के कप्तान मुहम्मद वसीम ने भी यही बात कही थी। वहीं सोमवार को स्कॉटलैंड के टॉम ब्रूस ने भी यही बात दोहराई थी, हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि टेस्ट खेलने वाले देशों का शेड्यूल वैसे भी बहुत भरा-भरा होता है।
मैं इस टूर्नामेंट में एसोसिएट देशों के प्रदर्शन से सरप्राइज़ नहीं हूं क्योंकि हमारी टीम के मैच इन्ही एसोसिएट देशों से होते रहते हैं। वे अच्छी टीमें हैं और अच्छा प्रदर्शन भी कर रही है। यह टूर्नामेंट एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है और मुझे लगता है कि उन्होंने ऐसा किया भी है।लालचंद राजपूत
राजपूत कहते हैं, "मैं इस टूर्नामेंट में एसोसिएट देशों के प्रदर्शन से सरप्राइज़ नहीं हूं क्योंकि हमारी टीम के मैच इन्ही एसोसिएट देशों से होते रहते हैं। वे अच्छी टीमें हैं और अच्छा प्रदर्शन भी कर रही है। यह टूर्नामेंट एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है और मुझे लगता है कि उन्होंने ऐसा किया भी है। यह क्रिकेट के विकास के लिए भी बहुत अच्छा है। जिस तरह से इस टूर्नामेंट में काफ़ी नज़दीकी मैच हुए हैं, मुझे लगता है कि अगले संस्करण में वे और बेहतर तैयारी से आएंगे और इससे भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "इसलिए मुझे लगता है कि एसोसिएट देशों को अधिक मैच खेलने चाहिए। आप कितना भी अभ्यास कर लो, दबाव वाली परिस्थितियों का सामना आप मैच में ही कर सकते हो और उससे बाहर निकलने का अनुभव आपको मैच में ही मिलेगा। मुझे पता है कि व्यस्त कैलेंडर, टीवी राइट्स, मीडिया और स्पॉन्सरशिप सब शीर्ष 10 देशों के लिए ही मुख्यतः हैं, इसलिए ये सब चुनौतियां भी हैं। लेकिन मुझे लगता है कि यह T20 विश्व कप दिखा रहा है कि एसोसिएट देश पर्याप्त बेहतर हैं कि उन्हें अधिक फ़ंडिंग और अधिक मैच मिल सकें।"
हालांकि राजपूत यह स्वीकार करते हैं कि टेस्ट और एसोसिएट देशों में अंतर सिर्फ़ T20 क्रिकेट में ही थोड़ा कम हुआ है, लेकिन वनडे और बड़े फ़ॉर्मेट में इसे अभी भी पाटा जाना बाक़ी है। उन्होंने इसके लिए एसोसिएट देशों के घरेलू क्रिकेट में अधिक से अधिक 50 ओवर के मैच और मल्टी डे मैचों के टूर्नामेंट कराए जाने की सलाह दी ताकि वहां के बल्लेबाज़ लंबी पारियां खेलने की आदत और मानसिकता विकसित कर सकें। उन्होंने इसके लिए UAE का ही उदाहरण दिया, जहां पर अब दो दिनों के लाल गेंद के भी मैच और टूर्नामेंट आयोजित होते हैं।
दया सागर ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं।dayasagar95
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