डी क्लर्क ने अकेले दम पर RCB को दिलाई रोमांचक जीत
RCB 157/7 (डी क्लर्क 63*, हैरिस 25, कर 13 पर दो) ने MI 154/6 (सजना 45, कैरी 40, डी क्लर्क 26 पर चार) को तीन विकेट से हराया।
WPL 2026 के पहले ही मैच में रोमांच अपने चरम पर पहुंचा जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) ने आख़िरी गेंद पर मुंबई इंडियंस (MI) को तीन विकेट से हराया। RCB की इस जीत की हीरो नडीन डी क्लर्क रहीं जिन्होंने कमाल का ऑलराउंड प्रदर्शन किया। गेंदबाज़ी में चार ओवर में केवल 26 रन देकर चार विकेट लेने के बाद उन्होंने बल्ले से 44 गेंदों में नाबाद 63 रनों की पारी खेली। उन्होंने आख़िरी ओवर में 18 रनों की जरूरत होने पर दो चौके और दो छक्के लगाकर RCB को जीत दिलाई।
लॉरेन बेल ने मेडन ओवर के साथ मैच की शुरुआत की और 1.4 ओवर गेंदबाज़ी करने के बाद पहला रन दिया, जो WPL की किसी भी पारी में रन देने से पहले किसी भी गेंदबाज़ द्वारा डाले गए सबसे ज़्यादा गेंद हैं। इससे पहले, तनुजा कंवर ने 2024 में DC के ख़िलाफ़ 1.2 ओवर गेंदबाज़ी करने के बाद रन दिया था। लगातार कसी गेंदबाज़ी ने ख़ास तौर से एमेलिया कर को काफ़ी परेशान किया जिन्होंने खाता खोलने के लिए 11 गेंदें लीं, जो WPL में दूसरा सबसे अधिक है। उनसे आगे ग्रेस हैरिस हैं, जिन्होंने 2024 में MI के ख़िलाफ़ 15 गेंदों में खाता खोला था।
पहले पांच ओवर के बाद MI का स्कोर 21/1 था जिसमें कर को बेल ने अपना शिकार बनाया था। जी कमालिनी ने एक छोर संभालने का प्रयास किया, लेकिन 28 गेंदों में केवल 32 रन ही बना सकीं। एक छक्का और एक चौका लगाकर हरमनप्रीत कौर ने इरादे तो दिखाए, लेकिन वह भी 17 गेंदों में केवल 20 रनों का ही योगदान दे सकीं। एक समय MI ने 11 ओवर के बाद केवल 67 पर अपने चार विकेट गंवा दिए थे। यहां से एस सजना और निकोला कैरी ने शानदार तरीके से पारी को संभाला।
ख़ास तौर से सजना ने आक्रामक बल्लेबाज़ी की और मैदान के चारों ओर गेंद को दौड़ाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए केवल 49 गेंदों में 82 रनों की बेहद अहम साझेदारी कर डाली। सजना जब आख़िरी ओवर में आउट हुईं तब वह 25 गेंदों में 45 रन बना चुकी थीं। कैरी ने 29 गेंदों में 40 रनों की पारी खेली। RCB के लिए डी क्लर्क ने सबसे अधिक चार विकेट अपने नाम किए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB के लिए हैरिस ने चौके के साथ पारी की शुरुआत की थी। दूसरे छोर से स्मृति मांधना ने भी पहली गेंद से ही आक्रामक रुख़ अपनाया। पहले तीन ओवरों के बाद ही टीम ने 40 रन बनाते हुए MI को बुरी तरह दबाव में डाल दिया था। चौथे ओवर में शबनिम इस्माइल ने लगातार चार डॉट गेंद डाली और पांचवीं पर मांधना (18) बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट हुईं। अगले ओवर की आख़िरी गेंद पर नैट सिवर-ब्रंट ने हैरिस (25) को भी कैच आउट कराया। यहां से MI के लिए वापसी का रास्ता खुला।
अमनजोत ने हेमलता को आउट किया तो वहीं कर ने प्रमोट की गई राधा को क्लीन बोल्ड किया। देखते ही देखते RCB ने केवल 25 रन के भीतर पांच विकेट गंवा दिए जिसमें कर की दो सफलताएं शामिल थीं। आठवें ओवर में RCB का स्कोर 65/5 था और MI ने जोरदार वापसी कर ली थी। दो विकेट लेकर कर (42) WPL में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज़ बनी, उन्होंने हीली मैथ्यूज़ (41) को पीछे छोड़ दिया है।
यहां से डी क्लर्क ने अरुंधति रेड्डी के साथ मिलकर पारी को संभाला और दोनों ने छठे विकेट के लिए 51 गेंदों में 52 रनों की साझेदारी की। रेड्डी जब आउट हुईं तब RCB को जीत के लिए 23 गेंदों में 38 रनों की जरूरत थी। कुछ अच्छे ओवर के बाद मामला यहां पहुंच गया कि RCB को अंतिम छह गेंदों में 18 रन चाहिए था। पहली दो गेंदों पर कोई रन नहीं आया। इसके बाद डी क्लर्क ने कवर्स के ऊपर से एक छक्का जड़ा।
सिवर-ब्रंट ने लेंथ बदलते हुए शॉर्ट पिच गेंद डाली जिसे पुल करके बैकवर्ड स्क्वायर लेग बाउंड्री के बाहर डी क्लर्क ने चौका हासिल किया। अगली गेंद धीमी गति की बैक ऑफ लेंथ थी जिसे डीप मिडविकेट के बाहर भेजा गया। अब अंतिम गेंद पर दो रन चाहिए थे। डी क्लर्क ने फुलर गेंद को गेंदबाज़ के सिर के ऊपर से चौके के लिए बाहर भेजा और मैच समाप्त किया।
नीरज पाण्डेय ESPNcricinfo हिंदी में एसोसिएट सब-एडिटर हैं। @Messikafan