BBL में होगी 'डेज़िग्नेटेड बल्लेबाज़' की शुरुआत जिन्हें नहीं करनी पड़ेगी फ़ील्डिंग
BBL अधिकारियों को भरोसा है कि अगले सीज़न से लागू होने वाला नया नियम लीग में बड़े नामों और विस्फोटक बल्लेबाज़ों का जलवा लंबे समय तक बनाए रखेगा। इस नए नियम को "डेज़िग्नेटेड बल्लेबाज़ और फ़ील्डर" का नाम दिया गया है।
बेसबॉल से प्रेरित इस नियम पर BBL पिछले कुछ सालों से विचार कर रही थी। इसके तहत टीमें अब ऐसे खिलाड़ियों को प्लेइंग XI में शामिल कर सकेंगी जो सिर्फ़ बल्लेबाज़ी करेंगे, उनके लिए मैदान पर फ़ील्डिंग करना ज़रूरी नहीं होगा।
इस नए नियम से एडिलेड स्ट्राइकर्स के दिग्गज बल्लेबाज़ क्रिस लिन और पर्थ स्कॉर्चर्स के स्टार मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ियों को बड़ी राहत मिल सकती है। उम्र के इस पड़ाव पर उनके करियर को लंबा खींचने में यह बदलाव मददगार साबित होगा, क्योंकि उन्हें अब फ़ील्डिंग के दौरान शरीर पर अतिरिक्त दबाव नहीं झेलना पड़ेगा।
इतना ही नहीं, यह नियम ट्रैविस हेड जैसे उन खिलाड़ियों को भी BBL की ओर खींच सकता है, जो टेस्ट क्रिकेट की थकान की वजह से लीग से दूरी बना लेते हैं। हेड ने ऑस्ट्रेलिया को ऐशेज़ में शानदार जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी, लेकिन थकान के चलते वे इस सीज़न BBL का हिस्सा नहीं बन सके।
दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी रिकी पोंटिंग ने इस नए नियम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे न सिर्फ़ स्टार बल्लेबाज़ लीग में लंबे समय तक टिके रहेंगे, बल्कि युवा खिलाड़ियों को भी फ़ील्डिंग में अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मौक़ा मिलेगा।
पोंटिंग ने 'सेवन चैनल' से बातचीत में कहा, "करियर के एक पड़ाव पर पहुंचकर कुछ खिलाड़ियों को महसूस होने लगता है कि वे मैदान पर फ़ील्डिंग के दौरान अब उतना असर नहीं छोड़ पा रहे हैं। उनके मन में हमेशा चोटिल होने का डर भी बना रहता है, जो इस फ़ैसले की एक बड़ी वजह है।"
उन्होंने आगे कहा, "कोई भी टूर्नामेंट यह नहीं चाहेगा कि उसके बड़े खिलाड़ी मैदान से बाहर रहें, ख़ासकर तब जब मुक़ाबले बेहद अहम हों। हम सब चाहते हैं कि बेहतरीन खिलाड़ी एक्शन में दिखें। अगर यह नियम उन्हें ज़्यादा समय तक खेलने में मदद करता है, तो यह क्रिकेट के लिए शानदार बात है।"
इस नियम की सबसे अहम बात यह है कि 'डेज़िग्नेटेड बल्लेबाज़' को गेंदबाज़ी करने की इजाज़त नहीं होगी। हालांकि, 'डेज़िग्नेटेड फ़ील्डर' विकेटकीपर की भूमिका निभा सकता है। यदि टीमें इस विकल्प को नहीं चुनती हैं, तो उन्हें अपनी सामान्य प्लेइंग XI के साथ ही मैदान पर उतरना होगा।
मेलबर्न स्टार्स के दिग्गज ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने इस पर अपनी राय देते हुए कहा, "यह टूर्नामेंट में एक नया रोमांच जोड़ देगा। अब यह देखना वाक़ई दिलचस्प होगा कि अगले साल यह नियम ज़मीनी स्तर पर कैसे लागू होता है।"
BBL के क्रिकेट कंसल्टेंट ट्रेंट वुडहिल का मानना है कि यह बदलाव क्लबों के लिए मैदान के अंदर और बाहर रणनीति बनाने का एक नया मौक़ा देगा। वुडहिल ने बताया, "इस विचार को लेकर दुनिया भर के क्रिकेटरों से बहुत ही सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। वे जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट खेलना कितना शानदार अनुभव है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस नियम की वजह से अगले सीज़न में और भी कई बड़े अंतरराष्ट्रीय सितारे इस लीग से जुड़ेंगे।"
फ़िलहाल, यह नया नियम WBBL (महिला बिग बैश लीग) पर लागू नहीं किया गया है। लीग प्रबंधन भविष्य में इसकी ज़रूरत और असर का जायज़ा लेने के बाद ही कोई फ़ैसला करेगा।