किशन और सूर्यकुमार की आतिशी पारियों से भारत 2-0 से आगे

ESPNcricinfo स्टाफ़

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इशान किशन और सूर्यकुमार यादव की बदौलत भारत का रिकॉर्ड चेज़

भारत 209 पर 3 (सूर्यकुमार 82*, किशन 76, सोढी 1-34) ने न्यूज़ीलैंड 208 पर 6 (सैंटनर 47*, रविंद्र 44, कुलदीप 2-35) को सात विकेट से हराया

रायपुर में खेले गए भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच दूसरे T20I के दूसरे ही ओवर में भारत ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन का विकेट गंवा दिया था। इसके बावजूद भारतीय टीम ने 209 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा 16वें ओवर में ही कर लिया। इस रनचेज़ में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और टीम में अपनी वापसी को यादगार बनाते हुए इशान किशन ने धमाकेदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। भारतीय टीम के लिए T20I में यह अब तक का संयुक्त तौर पर सबसे बड़ा रन चेज़ था।

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टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला लेने के बाद भारतीय गेंदबाज़ों की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले ओवर में अर्शदीप सिंह ने 18 रन दिए। इसके बाद उन्होंने अपने स्पैल के दूसरे ओवर में फिर से 18 रन दिए। तीन ओवरों में ही मेहमानों का स्कोर 43 रन हो गया था। इसके बाद सूर्यकुमार ने हर्षित राणा को अटैक पर लाया, जो जसप्रीत बुमराह की जगह टीम में आए थे। उन्होंने अपने ओवर की पहली ही गेंद पर डेवन कॉन्वे को एक धीमी गेंद पर हार्दिक पंड्या के हाथों कैच आउट करा दिया। इसके बाद वाले ओवर में वरुण चक्रवर्ती को गेंद थमाई गई और उन्होंने भी अपने पहले ही ओवर में विकेट लेते हुए टिम साइफ़र्ट को पवेलियन पहुंचा दिया।

पावरप्ले के बाद न्यूज़ीलैंड ने 64 रन बना लिए थे और उनके दो बल्लेबाज़ पवेलियन में थे। इसके बाद ग्लेन फ़िलिप्स और रचिन रविंद्र ने टीम के स्कोर को 98 तक पहुंचाया। कुलदीप यादव के दूसरे और पारी के नौवें ओवर में फ़िलिप्स ने कुलदीप की पहली चार गेंदों पर दो चौके और एक सिक्स लगाया, लेकिन ओवर की पांचवीं गेंद पर हवाई शॉट लगाने के प्रयास में उन्होंने बैकवर्ड प्वाइंट पर हार्दिक पंड्या को कैच दे दिया।

इसके बाद न्यूज़ीलैंड ने 13वें ओवर में अपने पांचवें बल्लेबाज़ को गंवा दिया। हालांकि उनका रन रेट 10 से ज़्यादा था। पांच विकेट गिरने के बाद ऐसा लगा कि भारत न्यूज़ीलैंड को आसानी से 200 के स्कोर से पहले रोक लेगा। लेकिन मेहमानों के कप्तान मिचेल सैंटनर ने 27 गेंदों में 47 रनों की बेहतरीन पारी खेली और टीम के स्कोर को 208 तक पहुंचा दिया।

भारत ने आख़िरी तीन ओवरों में कुल 47 रन लुटाए। भारत के गेंदबाज़ों ने इस मैच में सात ऐसे ओवर डाले, जिनमें उन्होंने 15 या उससे ज़्यादा रन दिए। ऐसा पहले, तीसरे, छठे, आठवें, नौवें, 18वें और 20वें ओवर में हुआ। पुरुष T20I में भारत की तरफ़ से यह सबसे ज़्यादा बार है।

ओस का असर पहली पारी के आख़िरी ओवरों में साफ़ दिखने लगा था। इसी कारण से ऐसा लगा कि भारतीय बल्लेबाज़ आसानी से इस स्कोर तक पहुंच सकते हैं। पहले ही ओवर में संजू सैमसन को जीवनदान भी मिला, जब डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग पर कॉन्वे ने न सिर्फ़ कैच छोड़ा बल्कि गेंद को सीमा रेखा के बाहर भी पहुंचा दिया। लेकिन उसी ओवर में मैट हेनरी ने उन्हें मिड ऑन पर रचिन के हाथों कैच आउट करा दिया। इसके अगले ओवर में जैकब डफ़ी ने अभिषेक शर्मा को पवेलियन लौटा दिया।

भारतीय टीम मुश्किल में थी। उन्होंने 1.1 ओवर के भीतर अपने पहले दो विकेट गंवा दिए थे। T20 विश्व कप 2024 के बाद T20I में यह भारत के सबसे जल्दी पहले दो विकेट गिरने का मामला है। इससे पहले यह रिकॉर्ड पिछले साल पुणे में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ भारत के पहले दो विकेट आठ गेंदों में गिर गए थे। इससे पहले भारत ने इतनी जल्दी दो विकेट आख़िरी बार 2017 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ गुवाहाटी में गंवाए थे, जब पहली छह गेंदों में ही दो बल्लेबाज़ आउट हो गए थे।

दो विकेट गंवाने के बाद किशन और सूर्यकुमार ने जिस तरह की पारी खेली, उससे ऐसा लगा कि वे कहीं से भी हारने के मूड में नहीं थे।

122 रनों की इस साझेदारी में किशन की शुरुआत विस्फोटक थी, वहीं सूर्यकुमार ने अपनी पारी काफ़ी धैर्य के साथ आगे बढ़ाई। भारत जब पांचवें ओवर में 54 के स्कोर पर पहुंचा, तो सूर्यकुमार ने छह गेंदों में तीन रन बनाए थे और किशन 19 गेंदों में 41 रन बना चुके थे। किशन ने हमला जारी रखा और 32 गेंदों में 76 रनों की पारी खेलते हुए मैच को पूरी तरह से एकतरफ़ा बना दिया। नौवें ओवर में जब किशन आउट हुए, तो भारत का स्कोर 128 रन था और उन्हें 66 गेंदों में 81 रनों की ज़रूरत थी।

किशन के जाने के बाद सूर्यकुमार और शिवम दुबे ने चेज़ की ज़िम्मेदारी संभाली और टीम को 15वें ओवर में ही लक्ष्य तक पहुंचा दिया। पहली 12 गेंदों में सिर्फ़ 15 रन बनाने वाले सूर्यकुमार ने सिर्फ़ 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। पिछली 23 पारियों में सूर्या का यह पहला अर्धशतक था। पारी के अंत तक वह नाबाद रहे और 37 गेंदों में 82 रन बनाए। वहीं दुबे ने 12 गेंदों में 25 रन बनाए।

भारत ने 28 गेंदें शेष रहते 200 से अधिक रनों का पीछा किया, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। उनके पीछे पाकिस्तान की टीम है, जिन्होंने 24 गेंदें शेष रहते न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ ही ऑकलैंड में 200 से अधिक रनों का पीछा किया था।

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