किशन ने जो कहा, वही किया और T20 विश्व कप के लिए मज़बूत दावेदारी पेश की

आंकड़े साफ़ हैं। इशान किशन फ़ॉर्म में हैं और संजू सैमसन नहीं। यही फ़र्क़ T20 विश्व कप में भारत की दिशा तय कर सकता है

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हां या ना: इशान किशन ने वर्ल्ड कप की XI से संजू सैमसन का पत्ता साफ़ कर दिया है

तिरुवनंतपुरम में पांचवें T20I से पहले इशान किशन से मुरली कार्तिक ने पूछा कि उनका साउंडिंग बोर्ड (जिससे आप सलाह-मुशविरा करते हैं) कौन है? किशन शायद सवाल को समझ नहीं पाए और बोले, "बल्लेबाज़ी की बात आती है, तो मुझे दरअसल निकी पी [निकोलस पूरन] पसंद हैं। मुझे उनकी बल्लेबाज़ी बहुत पसंद है। जब बाएं हाथ के स्पिनर गेंदबाज़ी करते हैं, तो आपको पता होता है कि वह दस में से नौ बार आक्रमण करेंगे। मुझे लगा कि मुझमें यह कमी है और मैं इसी पर काम कर रहा हूं।"

इसके बाद जो हुआ वह क्रिकेट के चाहने वाले ने बड़े इत्मीनान के साथ देखा। किशन ने जो कहा था, जिन सुधारों के बारे में बात थी। वह कर के दिखाया और अपनी मानसिकता के बारे में सब कुछ बता दिया।

चौथे T20I में किशन एक छोटी सी चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। इसके बाद पांचवें T20I में किशन तीसरे ओवर में बल्लेबाज़ी के लिए उतरे। संजू सैमसन एक बार फिर नाकाम रहे थे और छह रन बनाकर आउट हो गए थे। दूसरे T20I में 32 गेंदों पर 76 रन बनाने के बाद किशन ने कहा था कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था कि वह अच्छी गेंद पर भी आउट नहीं हो सकते। शनिवार की रात भी हालात कुछ अलग नहीं थे।

शुरुआत में तेज़ गेंदबाज़ों को थोड़ी मदद मिली। लेकिन पांचवें ओवर में जब लॉकी फ़र्ग्यूसन ने लगातार दो स्लोअर गेंदें डालीं, तो किशन ने एक को चौके और दूसरी को सिक्सर के लिए भेज दिया। वह 12 गेंदों पर 15 रन बना चुके थे, तभी न्यूज़ीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर गेंदबाज़ी पर आए। वह लेफ़्ट आर्म फ़िंगर स्पिनर हैं, जिनके ख़िलाफ़ पूरन आमतौर पर हावी रहते हैं।

मिचेल सैंटनर दुनिया के सबसे चतुर गेंदबाज़ों में शुमार किए जाते हैं। उन्होंने फ़्लैटर लाइन पर गेंदबाज़ी करते हुए किशन को हाथ खोलने का कोई मौक़ा नहीं दिया और चार गेंदों में महज़ तीन सिंगल ही ख़र्च किए। लेकिन जब सैंटनर अपना दूसरा ओवर लेकर लौटे, तो इशान किशन के मन में साफ़ था कि उन्हें पिछले ओवर की भरपाई इसी ओवर में करनी है।

राउंड द विकेट गेंदबाज़ी कर रहे सैंटनर ने एक गेंद थोड़ी ऊपर फेंकी, जिसे उन्होंने बल्लेबाज़ के हिटिंग ज़ोन से दूर रखने की कोशिश की। लेकिन किशन पहले से ही इसके लिए तैयार थे; वह बिजली की तेज़ी से क्रीज़ से बाहर निकले, गेंद की पिच तक पहुंचे और उसे एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से हवाई यात्रा पर भेज दिया। अगली गेंद सैंटनर ने स्टंप्स की लाइन में रखी, लेकिन किशन ने पलक झपकते ही एक घुटना ज़मीन पर टिकाया और स्लॉग स्वीप के ज़रिए उसे स्क्वेयर लेग के ऊपर से 'आधा दर्जन' रनों के लिए स्टैंड्स में पहुंचा दिया।

© ESPNcricinfo Ltd

किशन इस क़दर ख़तरनाक मूड में थे कि लेग स्पिनर ईश सोढ़ी ने 12वें ओवर की शुरुआत दो ऑफ़ब्रेक गेंदों से की। पहली गेंद वाइड रही, तो दूसरी को किशन ने बाउंड्री के बाहर भेज दिया। सोढ़ी की स्टॉक गेंद (लेग स्पिन) बाएं हाथ के बल्लेबाज़ के हिटिंग आर्क में आती है, शायद इसी डर से उन्होंने अपनी रणनीति बदलकर ऑफ़ब्रेक का सहारा लिया। लेकिन किशन पर इसका कोई असर नहीं हुआ; उन्होंने उस ओवर में चार चौके और दो गगनचुंबी छक्के जड़ दिए। ओवर शुरू होने से पहले किशन 27 गेंदों पर 47 रन बनाकर खेल रहे थे और ओवर ख़त्म होते-होते वह 75 के स्कोर पर जा पहुंचे।

जब वह 84 रन पर थे, तब उन्हें एक जीवनदान भी मिला। दुनिया के बेहतरीन फील्डरों में शुमार ग्लेन फ़िलिप्स ने डीप मिडविकेट पर काइल जेमीसन की गेंद पर एक आसान सा कैच टपका दिया। गेंद उनके हाथों से छिटककर सीमा रेखा के पार छह रनों के लिए चली गई।

किशन जब दोबारा सैंटनर के सामने आए, तब वह 40 गेंदों पर 91 रन कूट चुके थे। अपने पहले T20I शतक की दहलीज़ पर होने के बावजूद उनकी रफ़्तार में कोई कमी नहीं आई, ख़ासकर बाएं हाथ के स्पिनर के ख़िलाफ़ वह ज़रा भी इत्मिनान बरतने के मूड में नहीं थे। सैंटनर ने एक बार फिर गेंद को बाहर की तरफ़ एंगल दिया, लेकिन किशन ने ऑफ़ स्टंप के बाहर निकलकर उसे डीप मिडविकेट के ऊपर से पुल कर दिया। अगली गेंद फिर से बाहर और फुलर लेंथ पर थी, जिसे किशन ने स्लॉग स्वीप करते हुए बाउंड्री के पार पहुँचाया और अपना शानदार शतक पूरा किया। आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने सैंटनर के ख़िलाफ़ 12 गेंदों में 30 रन और सोढ़ी के ख़िलाफ़ 11 गेंदों में 37 रन बटोरे। T20I इतिहास में आज तक किसी भी बल्लेबाज़ ने इन दोनों गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ एक पारी में इतने रन नहीं बनाए हैं, यहां तक कि निकोलस पूरन भी इस मामले में उनसे पीछे रह गए।

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हां या ना: इशान किशन ने वर्ल्ड कप की XI से संजू सैमसन का पत्ता साफ़ कर दिया है

मैच के बाद किशन से पूछा गया कि क्या माइलस्टोन नज़दीक होने के बावजूद लगातार बड़े शॉट खेलना सोची समझी रणनीति थी। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि आजकल हमारी टीम के हर खिलाड़ी की यही योजना है। अगर आप अपने माइलस्टोन के क़रीब भी हों, तो उससे फ़र्क़ नहीं पड़ता। अगर हम सिंगल लेने लगते हैं और बाद में लगे कि उन ओवरों में हम बड़ा खेल सकते थे, तो उससे फ़ाइनल टोटल में बहुत फ़र्क़ पड़ता है। इसलिए ज़रूरी यही है कि अगर गेंद पाले में है तो आपको अपना शॉट खेलना है। आप माइलस्टोन के बारे में नहीं, मैच जीतने के बारे में सोचते हैं।"

किशन आख़िरकार 43 गेंदों पर 103 रन बनाकर आउट हुए। लेकिन उनका हर रन उन्हें T20 विश्व कप के लिए भारत की XI के और क़रीब ले जा रहा था। चेज़ के दौरान जब वह बड़े ग्लव्स पहनकर मैदान पर उतरे, तो ऐसा भी लगा कि टीम मैनेजमेंट ने उनके पक्ष में फ़ैसला कर लिया है, जबकि टीम शीट में विकेटकीपर के तौर पर सैमसन का नाम था। हालांकि सूर्यकुमार यादव ने बाद में साफ़ किया कि यह पहले से तय था। उन्होंने कहा, "सीरीज़ से पहले ही तय किया गया था कि संजू सैमसन तीन मैचों में विकेटकीपिंग करेंगे और ईशान दो में। इशान दुर्भाग्य से पिछला मैच नहीं खेल पाए थे, लेकिन आज वह वैसे भी विकेटकीपिंग करने वाले थे।"

विकेट के पीछे किशन का दिन कुछ ख़ास अच्छा नहीं रहा। अक्षर पटेल की एक गेंद पर वह फ़िन ऐलन को स्टंप करने से चूक गए। हालांकि यह मिस्ड स्टंपिंग भारत को भारी नहीं पड़ी, क्योंकि ऐलन उसी ओवर में आउट हो गए।

इसके बावजूद, स्टंप्स के सामने किशन ने इतना कर दिया था कि विश्व कप में पहले पसंद के विकेटकीपर के तौर पर उनका दावा बेहद मज़बूत हो गया।

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