DC के लगातार चौथे WPL फ़ाइनल खेलने के सपने पर पानी फेरना चाहेगी गुजरात जायंट्स

ESPNcricinfo स्टाफ़

GG की टीम लगातार दूसरे सीज़न एलिमिनेटर खेल रही है © BCCI

क्या DC जीत का चौका लगा पाएगी?

दिल्ली कैपिटल्स लीग स्टेज की सबसे अच्छी टीमों में से एक रही है। लगातार तीनों सीज़न में प्वाइंट टेबल के टॉप पर रहना उनकी मज़बूती बताता है, लेकिन फ़ाइनल की दहलीज़ पर टीम अक्सर लड़खड़ा जाती है। इस बार चुनौती थोड़ी अलग और कठिन है। मंगलवार को होने वाले एलिमिनेटर से उनके इस मिशन की शुरुआत होगी, जहां टीम की नज़रें चौथे लगातार फ़ाइनल टिकट पर टिकी हैं।

गुजरात जायंट्स भी लगातार दूसरे साल एलिमिनेटर खेल रही है, मगर इस बार टीम का अंदाज़ बदला-बदला सा है। ऐश्ली गार्डनर की कप्तानी में टीम ने अपनी एक नई पहचान बनाई है। उनके कुछ फ़ैसले भले ही हैरान करने वाले रहे हों, लेकिन वे कारगर दिखे। जैसे मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़ करो या मरो के मैच में पहले बल्लेबाज़ी चुनना। WPL के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी टीम ने इस तरह का साहसी दांव खेला।

GG की इस रफ़्तार के पीछे सोफ़ी डिवाइन का बड़ा हाथ है। ओपनिंग में आकर उन्होंने न सिर्फ़ रन बनाए बल्कि गेंदबाज़ी में भी कमाल दिखाया। स्लो पिचों पर उनके सटीक कटर ने बल्लेबाज़ों को ख़ासा परेशान किया है, जिससे GG की चुनौती अब और भी घातक नज़र आ रही है।

युवा खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा के दम पर टीम में भरोसा जगाया है। अनुष्का शर्मा नंबर तीन पर अब एक भरोसेमंद नाम बन चुकी हैं, वहीं काश्वी गौतम ने नई गेंद के साथ अपनी धार दिखाई है। भारती फुलमाली की बात करें तो सीज़न की शुरुआत में डेथ ओवरों में उनके आक्रामक अंदाज़ ने सात साल बाद उनकी T20I टीम में वापसी पक्की करा दी।

पिछले दो सीज़न के मुक़ाबले इस बार युवाओं पर दांव लगाने की रणनीति साफ़ नज़र आ रही है। हेड कोच माइकल क्लिंगर भी लगातार इस नए बदलाव और टीम की नई सोच की वक़ालत कर रहे हैं।

मंगलवार के बड़े मैच में सामना उस DC से है, जिसे रोकना आसान नहीं होता। लिज़ेल ली और शेफ़ाली वर्मा की सलामी जोड़ी पावरप्ले में तूफ़ान लाने के लिए जानी जाती है। हालांकि मैच का रुख़ मिडिल ओवरों में तय होगा, जहां स्पिन के ख़िलाफ़ जेमिमाह रोड्रिग्स की चालाकी और लॉरा वुलफ़ॉर्ट की सधी हुई बल्लेबाज़ी गेमचेंजर साबित हो सकती है।

जेमिमाह रोड्रिग्स के साथ जश्न मनातीं श्री चरणी © BCCI

DC ने मिडिल ओवरों में अपनी स्पिन तिकड़ी, ख़ासकर स्नेह राणा और एन श्री चरणी पर बड़ा दांव खेला है। दाएं हाथ के बल्लेबाज़ों से सजी विरोधी लाइनअप पर लगाम कसने में यह जोड़ी अब तक सुपरहिट रही है। वहीं नंदनी शर्मा ने अपने डेब्यू सीज़न में जिस तरह डेथ ओवरों में गेंद थामने का हौसला दिखाया है, उसने टीम को एक मज़बूत विकल्प दिया है। भले ही कभी-कभी उनकी रणनीति पूरी तरह सटीक न रही हो। नीलामी में शिखा पांडे को न ले पाने की कसक अब टीम को ज़्यादा नहीं खलती, क्योंकि इससे पावरप्ले में मारीज़ान काप का बोझ भी कम हुआ है।

GG को स्कोर बोर्ड पर रन टांगना रास आता है, जबकि DC की टीम लक्ष्य का पीछा करने में माहिर है। अब देखना यह है कि नॉकआउट के इस दबाव वाले मैच में कौन सी टीम अपनी स्वाभाविक रणनीति से हटकर भी धैर्य बनाए रखती है।

इन खिलाड़ियों पर रहेगी नज़र: जॉर्जिया वेयरहम और एन श्री चरणी

2024 में जॉर्जिया वेयरहम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ख़िताबी जीत का अहम हिस्सा थीं। दो साल बाद उनके पास फिर से विश्व कप के बाद इस बड़ी ट्रॉफ़ी को चूमने का मौक़ा है, लेकिन इस बार वह GG के खेमे में हैं। यह वही टीम है जहां 2023 में उनका सफ़र कुछ ख़ास नहीं रहा था। दो दिन पहले मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़ करो या मरो के मैच में उन्होंने 26 गेंदों पर नाबाद 44 रन ठोकने के साथ 2 विकेट लेकर दिखा दिया कि वह बड़े मैच की खिलाड़ी हैं। मिडिल ओवरों में जेमिमाह रोड्रिग्स के साथ उनकी जंग देखने लायक होगी।

एन श्री चरणी के लिए मैदान पर चुनौतियां कम नहीं रही हैं। ख़राब कैचिंग और सुस्त फ़ील्डिंग की वजह से उन्हें कई बार बाउंड्री पर छिपाना पड़ा, लेकिन गेंद के साथ उनका आत्मविश्वास कभी कम नहीं हुआ। उन्होंने हर मुश्किल मोड़ पर विकेट चटकाए हैं। एक हफ़्ता पहले GG के ही ख़िलाफ़ 26 रन देकर 4 विकेट लेने वाली उनकी गेंदबाज़ी ने विरोधी टीम को 200 के आंकड़े तक पहुंचने से रोका था। एलिमिनेटर में दाएं हाथ के बल्लेबाज़ों के सामने उनकी भूमिका सबसे बड़ी होगी।

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