चार मैच-अप जो तय कर सकते हैं भारत-पाकिस्तान मैच का परिणाम

रविवार को 11 बनाम 11 वाला होगा मैच, लेकिन परिणाम इन्हीं चार मैच-अप से तय हो सकता है

Abhishek Sharma कर रहे हैं बीमारी से वापसी © AFP/Getty Images

क्या 15 फ़रवरी, 2026 की रात 28 सितंबर, 2025 की यादें दोहराएगी? उस रात एशिया कप फ़ाइनल में तिलक वर्मा ने आख़िरी ओवर में कमाल की सूझ-बूझ दिखाते हुए भारत को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ यादगार जीत दिलाई थी। उस मुक़ाबले को क्लासिक बनाने वाले ज़्यादातर खिलाड़ी रविवार के T20 विश्व कप मुक़ाबले में फिर आमने-सामने होंगे। यहां उन अहम एक-एक भिड़ंतों पर नज़र है, जो नतीजे का रुख़ मोड़ सकती हैं।

बुमराह बनाम फ़रहान: क्या फिर से वायरल होगा?

एशिया कप के दौरान साहिबज़ादा फ़रहान सोशल मीडिया पर उस वक़्त वायरल हो गए थे, जब उन्होंने T20I में जसप्रीत बुमराह के ख़िलाफ़ वो कर दिखाया, जो उनसे पहले कोई बल्लेबाज़ नहीं कर पाया था। फ़रहान ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑल-फ़ॉर्मेट फ़ास्ट बॉलर के ख़िलाफ़ न सिर्फ़ एक छक्का जड़ा, बल्कि तीन अलग-अलग मैचों में तीन छक्के लगाए जिसमें फ़ाइनल का छक्का भी शामिल था। इसके बाद न्यूज़ीलैंड के डैरिल मिचेल भी इस लिस्ट में जुड़े, जिन्होंने पिछले महीने की T20I सीरीज़ में बुमराह को तीन छक्के मारे।

रविवार के लिए बुमराह की फ़रहान के ख़िलाफ़ क्या योजना होगी? और फ़रहान उसका क्या जवाब देंगे? हालांकि, इस द्वंद्व के ज़्यादा लंबा चलने की संभावना कम भी हो सकती है। एशिया कप में भारत ने बुमराह को पावरप्ले में तीन-ओवर के स्पेल्स में इस्तेमाल किया था; उसके बाद से आमतौर पर वह पहले छह ओवरों में सिर्फ़ एक ओवर ही डालते आए हैं।

शाहीन बनाम अभिषेक: पहला ओवर किसका?

शाहीन शाह अफ़रीदी के नाम UAE के जुनैद सिद्दीक़ी के साथ T20I क्रिकेट में पहले ओवर में सबसे ज़्यादा विकेट लेने का संयुक्त रिकॉर्ड (25) है। वहीं अभिषेक शर्मा ने अपने T20I डेब्यू के बाद से पहले ओवर में सबसे ज़्यादा छक्के (10) लगाए हैं।

यह आमना-सामना देखने लायक़ है। एशिया कप में यह टक्कर एकतरफ़ा रही थी। अभिषेक ने पहले ओवरों में शाहीन के ख़िलाफ़ 13 गेंदों पर 24 रन (दो चौके, दो छक्के) बनाए थे और कुल मिलाकर 19 गेंदों पर 36 रन (तीन चौके, तीन छक्के) ठोके वो भी बिना आउट हुए।

रविवार को अभिषेक बीमारी से उबरने के बाद अपना पहला मैच खेलेंगे। पेट की तकलीफ़ के चलते वह नामीबिया के ख़िलाफ़ भारत का पिछला मैच नहीं खेल पाए थे। शाहीन के ख़िलाफ़ यह वापसी उनके खेल को किस हद तक प्रभावित करती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

Saim Ayub पावरप्ले में आ सकते हैं पाकिस्तान के काम © AFP/Getty Images

अयूब बनाम किशन: पावरप्ले में स्पिन?

भारत में हालिया वापसी के बाद से इशान किशन ज़बरदस्त फ़ॉर्म में रहे हैं। छह पारियों में 49.33 की औसत से रन बनाते हुए उन्होंने 222.55 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी की है। हालांकि, पाकिस्तान के पास एक संभावित रास्ता है, जिससे वे उन्हें रोक सकते हैं। अपने T20I करियर में किशन ने पहले छह ओवरों में स्पिन के ख़िलाफ़ 77 गेंदों पर सिर्फ़ 85 रन बनाए हैं (स्ट्राइक रेट 110.38) और चार बार आउट हुए हैं। हालिया शानदार दौर में भी पावरप्ले में स्पिन उनके लिए थोड़ा कम आसान रही है: 10 गेंदों पर 17 रन, एक विकेट।

पिछले एक साल में पाकिस्तान ने अक्सर पार्ट-टाइम ऑफ़-स्पिनर सईम अयूब जो उपयोगी कैरम बॉल भी डालते हैं को पावरप्ले में आज़माया है, लेकिन नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ पिछले मैच में उन्होंने इस योजना से हटकर खेला। SSC में सीम-अनुकूल हालात में उन्होंने पावरप्ले में सिर्फ़ पेस का सहारा लिया, लेकिन आर. प्रेमदासा स्टेडियम की परिस्थितियां जहां स्पिनरों को ज़्यादा मदद मिलने की उम्मीद है उन्हें फिर से अयूब को इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। पाकिस्तान ने नामीबिया के ख़िलाफ़ किशन के आउट होने पर भी ग़ौर किया होगा। सीमरों को उन्होंने बुरी तरह निशाना बनाया था, लेकिन स्पिन की पहली ही गेंद पर ऑफ़-स्पिनर जेरार्ड इरास्मस के ख़िलाफ़ पुल पर जगह कम पड़ने से डीप मिडविकेट पर कैच दे बैठे।

ICC की T20I ऑलराउंडर रैंकिंग में नंबर 2 अयूब ने एशिया कप फ़ाइनल में तीन ओवरों में सिर्फ़ 16 रन दिए थे (हालांकि उस मैच में उन्होंने पावरप्ले में गेंदबाज़ी नहीं की थी)। वह एक बार फिर असरदार भूमिका निभाने की उम्मीद करेंगे।

क्या बीच के ओवरों में Suryakumar Yadav को कंट्रोल करेंगे पाकिस्तानी स्पिनर्स? © Associated Press

अबरार बनाम सूर्यकुमार: मिडिल ओवर्स की जंग

अबरार अहमद पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर हैं। उन्हें भारत के ख़िलाफ़ गेंदबाज़ी करना पसंद है और उनकी ख़ास सेलिब्रेशन भी पहचान बन चुकी है। पिछले T20 विश्व कप के बाद से, मिडिल ओवर्स (7-16) में उनका T20I इकॉनमी रेट 5.92 रहा है जो इस टूर्नामेंट में खेलने वाले सभी गेंदबाज़ों में तीसरा सर्वश्रेष्ठ है (कम-से-कम 300 गेंदें इस फेज़ में डालने वालों में) और उन्होंने इस चरण में पांचवें सबसे ज़्यादा विकेट (31) भी लिए हैं।

यही वह फेज़ है, जहां सूर्यकुमार यादव अपनी ज़्यादातर बल्लेबाज़ी करते हैं। पिछले साल एशिया कप के दौरान वह फ़ॉर्म से जूझ रहे थे, लेकिन अब उन्होंने लय हासिल कर ली है। ग्रुप स्टेज में USA के ख़िलाफ़ उन्होंने 49 गेंदों पर नाबाद 84 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को 77/6 से उबारा।

सूर्यकुमार का मुख्य हथियार स्वीप है, और ख़ासकर लेग-स्पिन के ख़िलाफ़ यह उनके लिए हाई-स्कोरिंग शॉट रहा है। अपने T20I करियर में उन्होंने स्वीप्स और स्कूप्स की पूरी रेंज का इस्तेमाल करते हुए इस स्टाइल की गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ 56 गेंदों में 118 रन (स्ट्राइक रेट 210.71) बनाए हैं और सिर्फ़ तीन बार आउट हुए हैं। टर्न लेने वाली पिच और बड़े आउटफ़ील्ड वाले मैदान पर यह शॉट्स रविवार को भी उनके हथियारख़ाने का अहम हिस्सा हो सकते हैं।

क्या अबरार रविवार को इन गैप्स को बंद कर पाएंगे और सूर्यकुमार की स्कोरिंग पर लगाम कस पाएंगे?

नागराज गोलापुड़ी ESPNcricinfo में न्यूज़ एडिटर हैं

Comments