किशन की 77 रनों की पारी ने भारत को सुपर-8 में पहुंचाया
भारत 175/7 (किशन 77, सूर्यकुमार 32, अयूब 3-25) ने पाकिस्तान 114 (उस्मान 44, हार्दिक 2-16, बुमराह 2-17, वरुण 2-17, अक्षर 2-29) को 61 रन से हराया
धीमी और स्पिन के अनुकूल पिच पर इशान किशन की 40 गेंदों पर 77 रन की शानदार पारी ने ना सिर्फ़ भारत को T20 विश्व कप में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 8-1 की बढ़त दिलाई, बल्कि सुपर-8 में जगह पक्की करने में मदद भी की। आर प्रेमदासा स्टेडियम की पिच इतनी फंसकर आ रही थी कि पाकिस्तान ने भारत को पहले बल्लेबाज़ी के लिए बुलाने के बाद 20 में से 18 ओवर स्पिन से करवाए, लेकिन किशन ने परिस्थितियों को मात देते हुए भारत को ऐसा स्कोर दिलाया, जो लगभग 30 रन अधिक लग रहा था।
पहले दो ओवरों में तीन विकेट लेकर हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह ने 30 रन के इस आकलन को सही साबित किया और भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अपनी सबसे बड़ी T20I जीत दर्ज की।
सलमान आग़ा ने गेंदबाज़ी की शुरुआत करते हुए अभिषेक शर्मा को टूर्नामेंट में दूसरी बार शून्य पर आउट किया, लेकिन इसके बाद किशन की पारी का प्रभाव आंकड़ों में साफ़ दिखा। भारत की बाक़ी पारी, (एक्स्ट्रा सहित) 80 गेंदों पर सिर्फ 98 रन ही बना सकी, जो पिच की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है। पाकिस्तान की पारी भी उसी तरह रही, जिसमें उस्मान ख़ान 34 गेंदों पर 44 रन की पारी खेल अकेले भारतीय गेंदबाज़ों से लड़ते रहें।
धीमी पिच पर दो बाएं हाथ के ओपनरों के ख़िलाफ़ ऑफ़ स्पिन कराना स्वाभाविक फ़ैसला था, लेकिन पाकिस्तान के गेंदबाज़ का चयन चौंकाने वाला रहा। पाकिस्तानी कप्तान आग़ा ने सईम अयूब की जगह ख़ुद को आक्रमण पर लगाया। उनकी पहली पांच गेंदों पर सिर्फ़ एक रन आया और फिर अभिषेक अपने विश्व कप करियर में लगातार दूसरी बार शून्य पर आउट हो गए।
लेकिन दूसरे छोर पर किशन इस पिच पर बाक़ी बल्लेबाज़ों से बेहतर दिखे। उसे देखते हुए यह पारी साल की सर्वश्रेष्ठ पारियों में गिनी जा सकती है। नई गेंद के साथ शाहीन अफ़रीदी ने हार्ड लेंथ की गेंद फेंकी, लेकिन छोटे क़द के किशन ने अपने तेज़ हाथों का प्रयोग करते हुए गेंद को स्क्वेयर लेग के ऊपर से छक्के के लिए मार दिया। फिर उन्होंने टर्न के ख़िलाफ़ जाते हुए आग़ा को मिड-ऑन के ऊपर से मारा।
काफ़ी चर्चा उस्मान तारिक़ को लेकर भी थी, लेकिन पाकिस्तान के मुख्य स्पिनर लंबे समय से अबरार अहमद रहे हैं, जो ऑफ़ ब्रेक के साथ-साथ कैरम बॉल डालते हैं। किशन ने उन्हें भी जमने नहीं दिया और पहली ही गेंद पर स्वीप कर छक्का जड़ दिया।
पावरप्ले में किशन ने भारत को 51 रनों तक पहुंचाया, जो बेहद अहम था। फ़ील्ड फैलने के बाद भी वह नहीं रुके। पावरप्ले के बाद उन्होंने पहली ही गेंद को चौके के लिए गाइड किया, फिर अबरार के सिर के ऊपर से मारा और फिर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से ड्राइव भी लगाया। इस दूसरे चौके के साथ उन्होंने सिर्फ़ 27 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया।
तीन ऑफ़ स्पिनर होने के बावजूद पाकिस्तान ने आठवें ओवर में दो बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों के खिलाफ लेग स्पिनर शादाब ख़ान को लगाया और 17 रन ख़र्च कर दिए। जब अयूब ने किशन को आउट किया, उससे एक गेंद पहले ही किशन ने रिवर्स-पुल से चौका जड़ा था। तब तक वे 8.4 ओवर में भारत के 88 रनों में में से 77 रन बना चुके थे।
सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा ने इसके बाद संयम से खेलना पसंद किया, जो इस बात का संकेत था कि भारत जानता था कि किशन ने उनका काम कर दिया है और अब उन्हें अपना विकेट बचाए रखना है। दोनों ने 33 गेंदों पर 38 रन जोड़े, जिसमें तारिक़ की पहली गेंद पर चौका भी शामिल था। लेकिन 15वें ओवर में आक्रमण की कोशिश करते हुए अयूब ने वर्मा को आउट कर दिया। इसके बाद उन्होंने हार्दिक को गोल्डन डक पर चलता किया और हैट्रिक गेंद पर शिवम दुबे लगभग बोल्ड ही हो गए थे। उन्हें मिल रही टर्न दिखा रही थी कि भारतीय स्पिनर इस मैच में कमाल कर सकते हैं।
18वें और 20वें ओवर में अबरार और अफ़रीदी की वापसी ने भारत को आखिरी आक्रमण करने का मौक़ा दिया। दुबे ने 17 गेंदों पर 27 और रिंकू सिंह ने 4 गेंदों पर 11 रन बनाए। अफ़रीदी, अबरार और शादाब ने मिलकर 6 ओवर में 86 रन दिए, जो इस पिच पर काफी महंगे साबित हुए।
भले ही हार्दिक बल्ले से गोल्डन डक पर आउट हुए, लेकिन गेंद से वह बेहद सटीक रहे। तीन डॉट गेंदों के बाद साहिबज़ादा फ़रहान ने पुल शॉट खेला और चार गेंद में शून्य पर आउट हो गए। बुमराह ने हार्दिक द्वारा बनाए गए दबाव का फ़ायदा उठाते हुए स्विंग और हार्ड लेंथ से अयूब और आग़ा को पवेलियन भेजा। अक्षर पटेल की धीमी गेंद को स्वीप करने से बाबर आज़म चूक गए और 4.5 ओवर में पाकिस्तान का स्कोर 34/4 हो गया।
यह मैच लगभग ख़त्म हो चुका था, लेकिन उस्मान ने ऐसी पारी खेली जो किशन के पारी के लगभग क़रीब थी। उन्होंने हार्दिक को छक्का लगाया और फिर अक्षर की 15 गेंदों में 27 रन बंटोरे। इसमें दो इनसाइड-आउट चौके और दो सीधे लॉन्ग-ऑफ़ के ऊपर के शॉट शामिल थे। हालांकि 16वें ओवर में अक्षर ने उनकी चाल भांप ली, तेज़ गेंद डाली और अंत में किशन ने कैच लेकर भारत की जीत लगभग पक्की कर दी। इसके बाद सिर्फ़ औपचारिकताएं बाकी थीं, जिसे हार्दिक ने पूरी की।