चलिए पढ़िए इस मैच का मैच-रिपोर्ट और हमें दिजिए विदा। नई साल की बहुत शुभकामनाएं!
रोहित शर्मा, कप्तान, भारत : "यह बहुत निराशाजनक है। ऐसा नहीं है कि हम हार मानने के इरादे से ही मैदान में उतरे थे। हम अंत तक लड़ना चाहते थे और दुर्भाग्य से हम ऐसा नहीं कर पाए। सिर्फ़ पिछले दो सत्रों का आकलन करना मुश्किल होगा। अगर आप पूरे टेस्ट मैच को देखें, तो हमारे पास मौके थे, लेकिन हम उनका फ़ायदा नहीं उठा पाए। ऑस्ट्रेलिया के 6 विकेट 90 रन पर गिर गए थे। हम जानते हैं कि हमारे लिए अब हालात मुश्किल हैं, लेकिन हम मुश्किल परिस्थितियों में मुश्किल क्रिकेट खेलना चाहते हैं। मैं सिर्फ़ एक परिस्थिति पर गौर नहीं करना चाहता। हम इस मैच में बेहतर नहीं थे। उन्होंने हमें कड़ी टक्कर दी, ख़ासकर दूसरी पारी में उनकी आख़िरी विकेट की साझेदारी, जिसकी वजह से शायद हम यह मैच हार गए। हम जानते थे कि 340 रन बनाना आसान नहीं होगा। हमने आख़िरी दो सत्रों में एक प्लेटफ़ॉर्म सेट करके विकेट बचाए रखने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने शानदार गेंदबाज़ी की। हम लक्ष्य हासिल करना चाहते थे, लेकिन हम अपनी तरफ़ से प्लेटफ़ॉर्म सेट नहीं कर पाए। गेम जीतने के कई तरीके होते हैं, लेकिन हम ऐसा करने में असफल रहें।"
पैट कमिंस प्लेयर ऑफ़ द मैच हैं और उन्हें जॉनी मुलाघ मेडल मिला है। उन्होंने कहा, "यह एक शानदार टेस्ट मैच था। मुझे लगता है कि यह उन कुछ बेहतरीन मैचों में से एक है, जिसका मैं हिस्सा रहा हूं। पूरे हफ़्ते दर्शकों की भीड़ बेमिसाल रही और इसका हिस्सा बनना अद्भुत रहा। मार्नस ने दूसरी पारी में मेरी बहुत मदद की और बल्ले से योगदान देकर ख़ुशी हुई। पहले दिन स्टीव की शानदार पारी रही। 400 तक पहुंचना इतना आसान भी नहीं था, लेकिन 400 के पार पहुंचना शानदार था। हम भारत की जीत के सभी समीकरण से बाहर करना चाहते थे, इसलिए हमने लंबी बल्लेबाज़ी की और पारी नहीं घोषित किया। हमारे पास ढेर सारे रन थे और हमने बल्ले के चारों ओर जितने हेल्मेट (क्लोज़िंग फ़ील्डर) लगा सकते थे, लगाए। हमने अपने निचले क्रम की बल्लेबाज़ी पर बहुत काम किया है, हमने इस बात पर भी बहुत काम किया कि पहले विपक्षी बल्लेबाज़ों को कैसे बेहतरीन गेंदबाज़ी करनी है, लेकिन साथ ही हम गेंदबाज़ बल्ले से भी कैसे योगदान दे सकते हैं। हम ओवर रेट में थोड़ा पीछे थे, इसलिए हमने सोचा ट्रैविस को गेंदबाज़ी पर लाया जाए, इससे हमें मदद मिली। स्मिथ ने दिखाया कि इस विकेट पर कैसे बल्लेबाज़ी करनी है। उन्होंने कुछ शानदार कैच भी स्लिप में पकड़े, जिस पर किसी का ध्यान नहीं जाता।"
5.24pm AST/11.54am IST : भारत ने अपने आख़िरी सात विकेट 20.3 ओवरों में सिर्फ़ 34 रनों के भीतर गंवाए। जब दूसरे सत्र में एक भी विकेट नहीं गिरा और यशस्वी जायसवाल-ऋषभ पंत ने एक बढ़िया साझेदारी की, तो लगा कि भारत यह मैच ड्रॉ करा सकता है। लेकिन यही क्रिकेट है, जिसे अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है। इस जीत के साथ अब ऑस्ट्रेलिया WTC अंक तालिका में भारत से काफी आगे पहुंच गया है। अब भारत को अन्य परिणामों पर निर्भर रहना होगा। जानिए, अब कैसे भारत पहुंच सकता है WTC फ़ाइनल में।
Vinod: "अनिश्चितताओं का खेल शायद इसलिए ही कहा जाता है क्रिकेट को।जो मैच ड्रा की तरफ जा रहा था वह निश्चित हार में बदल गया।"