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तीनों प्रारूप खेलना खिलाड़ियों के लिए कठिन : डिकॉक

विकेटकीपर बल्लेबाज़ को वनडे क्रिकेट पर विश्वास है क्योंकि कई खिलाड़ी वनडे विश्व कप जीतना चाहते हैं

"टेस्ट क्रिकेट से पीछे हटने के निर्णय ने मेरे कैलेंडर को खाली नहीं किया है"  •  Getty Images

"टेस्ट क्रिकेट से पीछे हटने के निर्णय ने मेरे कैलेंडर को खाली नहीं किया है"  •  Getty Images

क्विंटन डिकॉक ने भले ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है लेकिन वह अभी भी सालभर व्यस्त रहने जा रहे हैं क्योंकि उन्होंने अलग-अलग देशों के टी20 लीग में खेलने का फ़ैसला किया है। हालांकि उन्हें सबसे लंबे प्रारूप को छोड़ने के अपने फ़ैसले पर कोई पछतावा नहीं है।
डिकॉक ने 2021 के अंत में, पहली बार पिता बनने से कुछ समय पहले, घर पर अधिक समय बिताने की इच्छा का हवाला देते हुए टेस्ट क्रिकेट छोड़ दिया था। हालांकि उनकी यह इच्छा अभी भी पूरी नहीं हुई है।
टेस्ट से हटने के बाद पहली बार प्रेस वार्ता में डिकॉक ने कहा, "इस (निर्णय) ने मेरे कैलेंडर को खाली नहीं किया है - कम से कम इस साल तो नहीं। मुझे कुछ लीग खेलने के लिए चुना गया है लेकिन यह मेरा अपना निर्णय है। यह अभी भी एक बलिदान है लेकिन मैं धीरे-धीरे एक ऐसी उम्र में पहुंच रहा हूं जहां मुझे यह सोचने की ज़रूरत है कि मैं कहां खेलना चाहता हूं। जब तक मैं इसे कर सकता हूं तब तक मैं ख़ुश हूं।"
पितृत्व अवकाश से लौटने के बाद डिकॉक ने जनवरी में घर पर भारत के विरुद्ध वनडे सीरीज़ में हिस्सा लिया था। इसके बाद उन्हें बांग्लादेश सीरीज़ से पहले दो महीनों का ब्रेक मिला। इस ब्रेक के बाद से वह लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं। पहले वह आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेले, उसके बाद साउथ अफ़्रीका और भारत के बीच टी20 सीरीज़ में हिस्सा लिया और अब इंग्लैंड दौरे पर गए हैं। टी20 विश्व कप, सीपीएल और हंड्रेड में खेलने के बाद वह भारत में एक छोटी टी20 सीरीज़ में भाग लेंगे।
उन्होंने स्वीकार किया कि यह तय करना अधिक कठिन होता जा रहा है कि किसमें भाग लेना है और कई खिलाड़ियों के लिए एक प्रारूप को छोड़ना ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने कहा, "खिलाड़ियों के लिए यह कठिन होने वाला है। तीन प्रारूप बहुत हैं और ऐसा लग रहा है कि कैलेंडर पर अधिक खेल हो रहे हैं। खिलाड़ियों को व्यक्तिगत रूप से निर्णय लेने की ज़रूरत है और अगर उन्हें लगता है कि वे तीनों प्रारूपों में खेल सकते हैं तो मैं उनके लिए ख़ुश हूं। लेकिन लोगों को ख़ुद निर्णय लेने की ज़रूरत है। मेरे लिए, मैं जहां हूं वहां ख़ुश हूं।"
वनडे क्रिकेट के लिए धीमी मौत की भविष्यवाणी करने वाले कई लोगों के बावजूद डिकॉक को अभी भी इस प्रारूप में विश्वास है। उन्हें उम्मीद है कि साउथ अफ़्रीका 50 ओवर का अधिक क्रिकेट खेलेगा। "मैं कहना चाहता हूं कि हमें और मैच खेलने की ज़रूरत है लेकिन मुझे नहीं पता कि कहां? हम में से बहुत से लोग अभी भी 50 ओवर के विश्व कप जीतना चाहते हैं। बहुत कुछ है खेलने के लिए।"
डिकॉक ने नए खिलाड़ियों को तीनों प्रारूपों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि जैसे-जैसे आपकी उम्र या आपकी प्राथमिकताएं बदलती हैं, सभी में फ़िट होना मुश्किल हो जाता है। "जब आप अभी भी युवा हैं तो आपको तीनों प्रारूपों में खेलने और अपने करियर में कुछ चीज़ें हासिल करने की ज़रूरत है," उन्होंने कहा। "जैसे-जैसे आप बड़े होने लगते हैं यह कठिन होता जाता है और शरीर पहले की तरह सहयोग नहीं करता है। यह सिर्फ़ एक प्रबंधन की बात है।"

फ़िरदौस मूंडा ESPNcricinfo की साउथ अफ़्रीकी संवाददाता हैं। अनुवाद ESPNcricinfo के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।