ऑस्ट्रेलिया ने कैसे 90 हज़ार आवाज़ों को चुप करा दिया
दर्शक बड़ी उम्मीद के साथ अहमदाबाद आए लेकिन अंतिम गेंद फेंके जाने से पहले वह स्टेडियम से जाने लगे
शशांक किशोर
20-Nov-2023
फ़ाइनल देखने के लिए भारी संख्या में पहुंचे थे दर्शक • AFP/Getty Images
रात के 8 बजकर 20 मिनट हुए थे। प्रशंसक अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम से जाने लगे थे। हालांकि मैच अभी भी समाप्त नहीं हुआ था लेकिन अधिकतर प्रशंसकों की उम्मीदें समाप्त हो चुकी थीं।
ट्रैविस हेड और मार्नस लाबुशेन की शतकीय साझेदारी हो चुकी थी। भारत को 240 रनों का ही बचाव करना था लेकिन यह उस समय संभव लग रहा था जब ऑस्ट्रेलिया ने 47 के स्कोर पर अपने तीन विकेट गंवा दिए थे। पिच को लेकर यह उम्मीद जताई जा रही थी कि रात में यह स्पिन के लिए मददगार हो जाएगी और तब रवींद्र जाडेजा और कुलदीप यादव की जोड़ी हावी हो जाएगी।
हालांकि ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने मैच से पहले यह कहा था कि इतने बड़े क्राउड को शांत करने से अधिक संतोषजनक कुछ और नहीं होगा और ऑस्ट्रेलिया के 11 खिलाड़ियों ने अहमदाबाद में कुछ वैसा ही कर दिखाया।
शुरुआत मैच के नतीजे के एकदम विपरीत हुई थी। कमिंस के टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने के फ़ैसला लेते ही दर्शकों का शोर गूंज उठा था। रोहित शर्मा ने जब बल्लेबाज़ी शुरू की तो प्रशंसकों का जोश देखते ही बन रहा था। ग्लेन मैक्सवेल को पहले छक्का और चौका जड़ने के बाद प्रशंसकों का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया था। लेकिन तभी कवर के ऊपर से खेले गए रोहित के शॉट पर हेड ने एक असंभव सा लगने वाला शानदार कैच लपक लिया और मैदान में सन्नाटा पसर गया। मैच देख रहे अधिकतर लोगों को यही लगा होगा कि हेड इस कैच को नहीं लपक पाएंगे। चार गेंदों के बाद मैदान पर और भी सन्नाटा छा गया जब श्रेयस अय्यर बाहरी किनारे पर कॉट बिहाइंड हो गए।
भारत अब 11वें ओवर में 81 के स्कोर पर अपने तीन विकेट गंवा चुका था। विराट कोहली के सामने पारी को फिर से निर्मित करने की कड़ी चुनौती थी। सातवें ओवर में उन्होंने मिचेल स्टार्क की गेंद पर तीन लगातार चौके भी लगाए थे लेकिन विकेट गिरने के बाद जोखिम ना उठाना लाज़मी था।
कोहली और के एल राहुल ने धीरे धीरे पारी का फिर से निर्माण करना शुरू किया। पावरप्ले के बाद अगले 15 ओवर तक भारत की पारी में एक भी बाउंड्री नहीं आई। लेकिन जब कोहली ने अपना अर्धशतक पूरा किया तब एक बार फिर क्राउड से आवाज़ आई। हालांकि इसके ठीक सात गेंद बाद ही कोहली आउट हो गए और वह अपने बल्ले को निहारने लगे। कमिंस ने दूसरी बार मैच से पहले किए अपने वादे को निभा दिया था। इसके बाद भारत की पारी पूरी होने तक अहमदाबाद में सन्नाटा ही पसरा रहा।
हालांकि दूसरी पारी में दर्शकों में दोबारा जोश का संचार हुआ। ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटके लग रहे थे और अहमदाबाद में दर्शकों का शोर भी बढ़ रहा था। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी ने प्रशंसकों को उनकी आवाज़ लौटा दी थी। हालांकि भारतीय प्रशंसकों को शायद ही इस बात का अंदाज़ा रहा होगा कि अब मैच में आगे उनके लिए खुश होने का अवसर नहीं आने वाला है। हेड के शतकीय पारी खेलकर आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए सिर्फ़ दो रन चाहिए थे और क़रीब एक लाख की संख्या में मैदान पहुंचे प्रशंसकों की मौजूदगी का अहसास भी समाप्त हो चुका था।
शशांक किशोर ESPNcricinfo में सीनियर सब-एडिटर हैं।