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RR vs PBKS रिपोर्ट कार्ड : करन की सूझबूझ के चलते पंजाब को मिली लगातार दूसरी जीत

इंपैक्ट खिलाड़ी ध्रुव जुरेल ने किया प्रभावित

स्क्वायर लेग के ऊपर बड़ा शॉट खेलते ध्रुव  •  Associated Press

स्क्वायर लेग के ऊपर बड़ा शॉट खेलते ध्रुव  •  Associated Press

बुधवार को गुवाहाटी का मैदान पहली बार आईपीएल का गवाह बन रहा था। टी20 जैसे छोटे फ़ॉर्मैट में क्या आप इस बात पर आसानी से विश्वास कर सकते हैं कि बाद में गेंदबाज़ी कर रही टीम के प्रमुख गेंदबाज़ के चार विकेट लेने के बाद भी टीम पर हार का ख़तरा अंतिम ओवर तक बने रहे। कुछ ऐसा ही राजस्थान बनाम पंजाब के मुक़ाबले में हुआ। जहां आख़िरी ओवर के रोमांच में पंजाब को जीत मिल गई। आइए इस मुक़ाबले के अहम पहलुओं पर नज़र डालते हैं।
बल्लेबाज़ी
आरआर (A) - एक बड़े स्कोर का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स ने पारी की शुरुआत के लिए मैदान पर यशस्वी जायसवाल और आर अश्विन को भेजा। यशस्वी ने पहले ही गेंद पर छक्का जड़ कर अपने इरादे ज़रूर स्पष्ट कर दिए। हालांकि अगले ही ओवर में वह अर्शदीप सिंह की गेंद पर आउट हो गए और इसके बाद राजस्थान पर दबाव बनने की शुरुआत हुई। अर्शदीप के अगले ओवर में अश्विन भी पवेलियन चलते बने। इसके बाद साझेदारी बनाने की ज़िम्मेदारी जॉस बटलर और संजू सैमसन पर आ गई। हालांकि बटलर को शुरुआत अच्छी मिली और डीप स्क्वायर लेग पर एक जीवनदान भी मिला लेकिन छठे ओवर की चौथी गेंद पर गेंद बल्ले से उनके पैड्स पर लगी और नेथन एलिस ने फ़ॉलो थ्रू में उनका कैच लपक लिया। इसके बाद सैमसन पर बड़ी ज़िम्मेदारी आ गई लेकिन देवदत्त पड़िक्कल की धीमी शुरुआत के चलते राजस्थान पर दबाव बना और एक बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह भी आउट हो गए। हालांकि लोकल बॉय रियान पराग की आतिशी शुरुआत ने राजस्थान की आस को एक बार फिर जीवंत कर दिया। लेकिन आवश्यक रन रेट के बढ़ने के चलते 15वें ओवर में बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में पराग भी पवेलियन लौटने पर मजबूर हुए। लेकिन डेथ में शिमरॉन हेटमायर और इंपैक्ट प्लेयर ध्रुव जुरेल ने मुक़ाबले को एक बार फिर राजस्थान के पलड़े में झुका दिया।
पीबीकेएस (A+) : प्रभसिमरन सिंह और शिखर धवन की जोड़ी ने टॉस हारने के बावजूद ताबड़तोड़ अंदाज़ में पारी की शुरुआत की। आक्रामकता की ज़िम्मेदारी प्रभसिमरन सिंह ने अपने कंधों पर ली और पावरप्ले में ही पंजाब का स्कोर 60 के पार पहुंचा दिया। दसवें ओवर में वह जेसन होल्डर की गेंद पर लपके ज़रूर गए लेकिन तब तक वह अपना काम कर चुके थे। हालांकि दो गेंद बाद ही सिकंदर रजा धवने के शॉट पर चोटिल हो गए जिसके बाद उन्हें पवेलियन जाना पड़ा। मध्य ओवरों में जितेश शर्मा की छोटी मगर आतिशी पारी ने पंजाब की लय को बरकरार रखा और डेथ में धवन ने भी अपना गियर बदलते हुए पंजाब को बड़े स्कोर पर पहुंचा दिया।
गेंदबाज़ी
आरआर (C) - राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाज़ गेंद से बेअसर नज़र आए। प्रभसिमरन सिंह को उन्होंने लगातार पाले में गेंद डालीं और कुछ शॉट ख़ुद प्रभसिमरन ने इजाद किया। पावरप्ले में राजस्थान पिछड़ गई थी। उन्हें प्रभसिमरन के रूप में 10वें ओवर में होल्डर ने बटलर के हाथों उन्हें ज़रूर लपकाया लेकिन राजस्थान के गेंदबाज़ पंजाब के बल्लेबाज़ों की लय पर लगाम नहीं लगा पाए। विशेषकर केएम आसिफ़ लगातार अतिरिक्त करने के प्रयास में पंजाब के बल्लेबाज़ों को बड़ी हिट खेलने वाली गेंद डालते रहे। ट्रेंट बोल्ट को भी कोई सफलता नहीं मिली और ओस के चलते उनके हाथों से गेंद लगातार फिसलती दिखाई दी। हालांकि 16वें ओवर एक बार गेंद बदले जाने के बाद अश्विन और युजवेंद्र चहल ने पंजाब पर थोड़ी लगाम ज़रूर लगाई।
पीबीकेएस (B) - पंजाब के गेंदबाज़ों ने शुरु से ही राजस्थान पर दबाव बनाए रखा। हालांकि बीच में बटलर और सैमसन की जोड़ी ने थोड़ी देर के लिए पंजाब को विचलित ज़रूर किया लेकिन नियमित अंतराल पर गिरे विकेटों ने पंजाब को मुक़ाबले से बाहर नहीं होने दिया। राजस्थान के मुक़ाबले पंजाब की गेंदबाज़ी कहीं अच्छी रही। अर्शदीप ने अपने पहले दो ओवर में ही दो विकेट झटक कर पंजाब को ड्राइविंग सीट पर ला दिया लेकिन राजस्थान को इस रेस से बाहर करने में नेथन एलिस ने सबसे अहम क़िरदार निभाया। एलिस के चार विकटों ने राजस्थान को इस मुक़ाबले से लगभग बाहर कर दिया और शिमरॉन हेटमायर के लिए भी राजस्थान का बेड़ा पार लगाना संभव नहीं हो पाया लेकिन इसकी अगली गेंद पर ही लॉन्ग ऑफ़ और सैम करन के बीच सटीक तालमेल के चलते हेटमायर का विकेट नॉन स्ट्राइकर एंड पर उपहार स्वरूप मिल गया।
क्षेत्ररक्षण
आरआर (A) - कुलमिलाकर राजस्थान रॉयल्स ने अच्छी फ़ील्डिंग का मुज़ाहिरा किया। छठे ओवर की अंतिम गेंद पर देवदत्त पड़िक्कल ने कवर पर प्रभसिमरन का कैच ज़रूर टपकाया लेकिन लॉन्ग ऑफ़ पर प्रभसिमरन और लॉन्ग ऑन पर शाहरुख़ का शानदार कैच बटलर ने नहीं लपका होता तो पंजाब 200 से अधिक का स्कोर खड़ा कर सकता था।
पीबीकेएस - गेंदबाज़ी में तो पंजाब ने अच्छी शुरुआत की लेकिन फ़ील्डिंग में उनकी शुरुआत उतनी अच्छी नहीं रही। तीसरे ओवर की दूसरी गेंद पर डीप स्क्वायर लेग पर हरप्रीत बरार के हाथों बटलर का कैच छूट गया। हालांकि बटलर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से जल्द ही आउट ज़रूर हो गए लेकिन अगर वह टिक गए होते तो पंजाब को इसका ख़ामियाज़ा उठाना पड़ सकता था। हालांकि फ़ील्ड पर हरप्रीत ने कुछ चौके ज़रूर बचाए। उन्हीं की गेंद पर शाहरुख़ के लॉन्ग ऑफ़ पर प्रयास करने के बावजूद गेंद चौके के लिए चली गई लेकिन इस प्रयास के उन्हें पूरे नंबर मिलने चाहिए। राहुल चाहर ने भी डीप में कुछ अहम चौके बचाए। हालांकि 19वें ओवर की पांचवी गेंद पर रन आउट का मौक़ा मिस किया गया और अंतिम गेंद पर जब हेटमायर के शॉट पर डीप मिडविकेट पर कैच लपकने की सबसे अधिक ज़रूरत थी उसे टपका दिया गया। 20वें ओवर की चौथी गेंद पर भी हेटमायर का रन आउट चांस मिस किया गया।
रणनीति
आरआर (B) - प्रभसिमरन जिस तरह से बल्लेबाज़ी कर रहे थे वैसी स्थिति में राजस्थान की कोई रणनीति काम नहीं आने वाली थी। हालांकि कप्तान संजू पावरप्ले में ही अश्विन को लेकर ज़रूर आए लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली बल्कि उन्हें दो चौके और पड़ गए। सातवें ओवर में अश्विन ने धवन को नॉन स्ट्राइकर एंड पर रन आउट नहीं किया और चेतावनी देकर छोड़ दिया। ओस की वजह से गेंद फिसल रही थी लेकिन 15वें ओवर में बोल्ट की गेंदबाज़ी के दौरान एक बार जब गेंद का लेदर हटने के कारण नई गेंद आई, वैसी ही संजू अगले ही ओवर में चहल को वापस आक्रमण पर लेकर आए और चहल-अश्विन ने उन्हें सफलता भी दिलाई। बल्लेबाज़ी में पारी का आग़ाज़ करने के लिए मैदान पर यशस्वी के साथ अश्विन को भेजे जाने का फ़ैसला ग़लत साबित हुआ। यशस्वी के आउट होने के बाद विकेट बचाने की दरकार थी। ऐसी स्थिति को एक नियमित बल्लेबाज़ नियंत्रित कर सकता था लेकिन अश्विन के आउट होने के बाद दबाव बटलर और संजू पर आ गया। हालांकि डेथ में हेटमायर और ध्रुव जुरेल ने मैच के पलड़े को राजस्थान के पक्ष में ज़रूर झुकाया लेकिन राजस्थान जीत की दहलीज़ पर पहुंच कर पिछड़ गया। लेकिन चहल के चार ओवर पूरे होने के बाद ध्रुव जुरेल को इंपैक्ट प्लेयर के तौर पर चुने जाने को ध्रुव ने सही साबित कर दिखाया।
पीबीकेएस (A+) - बल्लेबाज़ी में जब प्रभसिमरन राजस्थान के गेंदबाज़ों पर टूट पड़े तब धवन ने प्रभसिमरन को लगातार स्ट्राइक दिए। स्ट्राइक रोटेशन के चलते राजस्थान के गेंदबाज़ों के लिए बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाज़ों की इस जोड़ी पर असहजता साफ़ तौर पर दिखी। हालांकि धवन एक बार के लिए अधिक धीमे ज़रूर नज़र आए लेकिन उन्होंने अपनी पारी को अंजाम तक पहुंचाया जोकि राजस्थान के लिए कारगर साबित हुआ। गेंदबाज़ी में भी एक बार अच्छी शुरुआत मिलने के बाद पंजाब ने अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी। हालांकि डेथ में राजस्थान के हेटमायर और जुरेल ने पंजाब के लिए मुश्किल तो खड़ी कर दी लेकिन अंतिम ओवर में अपने सबसे महंगे खिलाड़ी करन को गेंदबाज़ी थमाना पंजाब के लिए निर्णायक साबित हुआ।