रणजी ट्रॉफ़ी : हर्ष दुबे ने लगाया अर्धशतक, गुजरात को लगे सपनों के पंख
नायर-दुबे के बाद ठाकरे ने विदर्भ को अच्छी स्थिति में पहुंचाया
विदर्भ ने इस सीज़न अन्य टीमों की तुलना में सात में से सर्वाधिक छह आउटराइट जीत के साथ नॉकआउट में प्रवेश किया था। हालांकि क्वार्टर-फ़ाइनल में ख़राब शुरुआत के बाद करुण नायर (122) और हर्ष दुबे (69) द्वारा टीम को पटरी पर लाने के बाद तेज़ गेंदबाज़ आदित्य ठाकरे ने कमाल दिखाया।
ठाकरे ने तमिलनाडु के पहले दिन विकेट चटकाए जिसमें साई सुदर्शन का विकेट भी शामिल था। सुदर्शन महज़ सात के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गए। विजय शंकर और सी आंद्रे सिद्धार्थ ने मिलकर 95 रनों की साझेदारी की लेकिन लगातार इसके बाद लगातार दो ओवर में दोनों आउट हो गए। तमिलनाडु अब पहली पारी में विदर्भ से काफ़ी पिछड़ गई है।
हिंगराजिया और जयमीत ने दिए गुजरात के सपनों को पंख
राजकोट में सौराष्ट्र पर मैच में बढ़त बनाने में मनन हिंगराजिया और जयमीत पटेल के बीच चौथे विकेट के लिए 134 रनों की साझेदारी अहम साबित हुई। गुजरात ने दिन की शुरुआत 21 पर बिना विकेट खोए की थी और वह अब सौराष्ट्र से 44 रन आगे है और उनके छह विकेट भी शामिल थे।
अपना पहला रणजी सीज़न खेल रहे 22 वर्षीय जयमीत अपने दूसरे शतक की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि ऐसा लगा नहीं था कि गुजरात इस स्थिति में पहुंच जाएगा क्योंकि जयदेव उनादकट और चिराग़ जानी के एक समय गुजरात ने 78 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। लेकिन इसके बाद गुजरात ने अपने आप को संकट से निकाल लिया।
निज़र, सक्सेना ने केरल की लड़ाई लड़ी लेकिन जम्मू-कश्मीर आगे
पिछले राउंड में सलमान निज़र ने बिहार के ख़िलाफ़ केरल के लिए 150 रनों की पारी खेलते हुए अपनी टीम को 189 पर 7 से 351 के स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि जम्मू-कश्मीर के ख़िलाफ़ क्वार्टर-फ़ाइनल में उनका सामना अधिक घातक आक्रमण से था। लेकिन यहां भी उन्होंने संयमित पारी खेलते हुए 50 रनों की नाबाद पारी खेली जबकि दूसरे छोर पर लगातार विकेट गिरते रहे।
केरल के पास अब एक विकेट शेष है और वह अगले दिन जम्मू-कश्मीर के 280 के स्कोर तक पहुंचने के लिए निज़र पर निर्भर होंगे। केरल अभी भी 80 रन पीछे है। निज़र के अलावा जलज सक्सेना ने 67 रनों की पारी खेली।
जम्मू-कश्मीर की टीम केरल पर हावी रही लेकिन केरल ने 11 पर तीन विकेट खोने के बाद वापसी की।
हारियाणा और मुंबई में कांटे की टक्कर
हरियाणा और मुंबई का मैच अभी बराबरी पर है, मुंबई दिन के अधिकतर समय हरियाणा से खेल में पिछड़ रही थी लेकिन अंत में उन्होंने हरियाणा को अपने ऊपर हावी होने का मौक़ा नहीं दिया। मुंबई ने पहले दिन का खेल 278 पर आठ विकेट के नुक़सान पर समाप्त किया था और दूसरे दिन उन्होंने स्कोरबोर्ड पर कुल 315 रन जोड़ा।
हरियाणा के कप्तान अंकित कुमार की 136 रनों की पारी ने उनकी टीम को अच्छी स्थिति में ला दिया था। यह प्रथम श्रेणी में अंकित का पांचवां शतक भी है। हालांकि दिन के अंत में शम्स मुलानी ने उन्हें आउट कर मुक़ाबला संतुलित कर दिया।