भारतीय सितारों के सामने होगी न्यूज़ीलैंड की अनुभवहीन टीम की कड़ी परीक्षा

ESPNcricinfo स्टाफ़

Virat Kohli और Rohit Sharma की एक्शन में होगी वापसी © BCCI

बड़ी तस्वीर: लंबे ब्रेक के बाद टीम इंडिया की वापसी

आमतौर पर ऐसा देखने को नहीं मिलता है कि भारत को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से 22 दिन का ब्रेक मिले। आर्थिक तौर पर सबसे अधिक लोगों को खींचने वाली टीम और उसके खिलाड़ियों को ऐसे छुट्टियों वाले सीज़न में इस तरह का ब्रेक मिलना और भी दुर्लभ बात है। न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ तीन वनडे की सीरीज़ के साथ टीम इंडिया की वापसी होगी और इसके साथ हर कोई अपनी भरपाई करना चाहेगा।

वर्तमान समय में यह ऐसा फ़ॉर्मेट बन चुका है जिसका महत्व शायद सबसे कम है, लेकिन ये वही फ़ॉर्मेट है जिसमें पिछले एक दशक के दो सबसे बड़े भारतीय खिलाड़ी खेलते हैं। भारत एक देश के रूप में इस फ़ॉर्मेट से काफ़ी जुड़ा हुआ भी है। 

Play 03:01
T20 विश्व कप के बारे में गिल: मैं वहीं हूं जहां मुझे होना चाहिए

न्यूज़ीलैंड के लिए चीज़ें काफ़ी अलग हैं क्योंकि उनकी टीम के 15 में से आठ खिलाड़ी अब तक भारत में पहले कभी नहीं खेले हैं। दो ऐसे भी हैं जो अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ही नहीं खेले हैं तो वहीं एक ने कभी वनडे नहीं खेला है। पांच ऐसे हैं जिन्होंने 10 से कम मैच खेले हैं। मिचेल सैंटनर, मैट हेनरी और मार्क चैपमैन चोट से उबर रहे हैं तो वहीं विल ओ'रूर्क और नेथन स्मिथ समय पर वापस नहीं आ सके। टॉम लेथम पितृत्व अवकाश पर हैं और कई बड़े खिलाड़ी राष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट नहीं ले रहे हैं। केन विलियमसन SA20 में खेलने के कारण इस दौरे के लिए उपलब्ध नहीं थे। 

फ़ॉर्म गाइड

भारत: WLWWLL (अंतिम पांच वनडे, हालिया सबसे पहले)
न्यूज़ीलैंड: WWWWW

इन खिलाड़ियों पर होंगी निगाहें

इंग्लैंड में टेस्ट कप्तान के रूप में दमदार डेब्यू सीरीज़ के बाद शुभमन गिल के लिए 2025 का दूसरा हाफ़ काफ़ी ख़राब रहा। घर पर साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ उनकी गले की चोट ने सीरीज़ के निर्णय में बड़ी भूमिका निभाई और भारत को क्लीन स्वीप झेलना पड़ा। इसके बाद उन्होंने वनडे सीरीज़ मिस किया और फिर T20 विश्व कप की टीम से भी बाहर कर दिए गए। घरेलू क्रिकेट के साथ वह वापसी के लिए तैयार ही थे कि वह बीमार पड़ गए। इस सीरीज़ में रन बने तो यह गिल के लिए काफ़ी अच्छी बात होगी। 

न्यूज़ीलैंड की कप्तानी कर रहे माइकल ब्रैसवेल काफ़ी अलग तरह के खिलाड़ी हैं। वह कभी बहुत बड़े खिलाड़ी नहीं बने, लेकिन इतने अच्छे जरूर रहे हैं कि 35 साल की उम्र में भी टीम का अहम हिस्सा हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी सबसे मशहूर पारी भारत में ही आई थी जब उन्होंने दो साल पहले हार के जबड़े से जीत खींच ली थी और हैदराबाद में 140 रनों की पारी खेली थी। हालांकि, स्पिनर के रूप में भारतीय बल्लेबाज़ उनकी कड़ी परीक्षा जरूर लेंगे।

Comments