'हरमनप्रीत कौर युग' में आपका स्वागत है
"हम ख़ुशक़िस्मत है कि हरमनप्रीत कौर का दौर देख पा रहे हैं।"
यह बात मुंबई इंडियंस (MI) की दूसरी कौर, अमनजोत ने टीम के दूसरी जीत के बाद कही। इस मैच में उनकी कप्तान ने लगातार दूसरी नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली और अपनी टीम के लिए जीत सुनिश्चित की। हो सकता है कि अमनजोत ग़लत भी न हों।
पिछले साल हरमनप्रीत ने MI को उनका दूसरा WPL ख़िताब जितवाया था। हाल ही में उन्होंने भारत को उनका पहला विश्व कप भी जितवाया। अब वह WPL 2026 में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज़ हैं।
हरमनप्रीत की 43 गेंद पर 71 रनों की नाबाद पारी ने MI को गुजरात जायंट्स (GG) के ख़िलाफ़ WPL के इतिहास के दूसरे सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने में मदद की। यह पारी पूरे नियंत्रण और स्पष्ट सोच के साथ खेली गई थी। 193 रन के बड़े लक्ष्य और शुरुआती दो विकेट पावरप्ले में जल्दी गिर जाने सके बावजूद MI कभी भी जीत से दूर नहीं दिखी।
हरमनप्रीत ने मैच के बाद प्रेज़ेंटेशन में कहा, "मुझे लगता है कि ऐसे टूर्नामेंट में अगर आप पहले बल्लेबाज़ी कर रहे हैं तो हर दिन आपको 200 रन बनाने होते हैं। वहीं अगर आप लक्ष्य का पीछा कर रहे हैं तो भी इतने ही रन आपको मिलते हैं। इसलिए हर दिन आपको अच्छा खेलना पड़ता है। आपको यह समझना होता है कि टीम को क्या चाहिए और उसी के अनुसार आपको बल्लेबाज़ी करनी होती है। जब आपकी सोच स्पष्ट हो, तो बस जाकर उसे अंज़ाम देना होता है।"
हरमनप्रीत जब क्रीज़ पर आईं, तब उनकी टीम का स्कोर पांचवें ओवर में 37 रन पर दो विकेट था। उन्होंने अमनजोत के साथ साझेदारी बनाई, जो नैट सीवर-ब्रंट के उपलब्ध न होने के कारण पहली बार तीन नंबर पर खेल रही थीं।
MI कप्तान ने शुरुआत में थोड़ा धीमा खेला, जबकि अमनजोत आक्रामक दिखीं। दोनों के बीच 72 रन की साझेदारी हुई, जिसमें अमनजोत के 20 गेंद पर 38 और हरमनप्रीत के 23 गेंद पर 33 रन थे।
अमनजोत ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "जब हैरी दी आईं तो मैंने उनसे कहा कि वह अपना समय लें और अगर मुझे ख़राब गेंद या मेरे स्लॉट में गेंद मिलेगी तो मैं आक्रमण करने की कोशिश करूंगी। हमने ऐसी ही योजना बनाई थी क्योंकि लक्ष्य बड़ा था और हम दोनों ने यह नहीं सोचा कि दोनों साथ में ही मारना शुरू कर दें। एक को टिककर खेलना था और हैरी दी ने इस भूमिका को निभाया।
"जब तक वह क्रीज़ पर रहती हैं, एक मिनट के लिए भी विपक्षी फ़ील्डर या कप्तान ढीले नहीं पड़ सकते। जैसे पिछले साल, हैरी दी ने 38 गेंद पर 99 (48 गेंद पर 95*, GG के ही ख़िलाफ़) बनाए थे। उनके साथ खेलते समय कोई दबाव नहीं रहता। मैंने उनके साथ बहुत बल्लेबाज़ी नहीं की है, लेकिन मुझे पता था कि अगर वह साथ हैं, तो मुझे स्ट्राइक रेट या बड़े लक्ष्य का दबाव नहीं लेना है।"
अमनजोत 13वें ओवर की पहली गेंद पर आउट हुईं और जैसे ही निकोला कैरी क्रीज़ पर आईं, हरमनप्रीत ने तनुजा कंवर को लगातार दो चौके मारकर सुनिश्चित किया कि रनरेट नहीं गिरे।
हरमनप्रीत को 15वें ओवर में जीवनदान मिला, जब आयुषी सोनी ने प्वाइंट पर उनका कैच छोड़ दिया। उस समय हरमनप्रीत 45 रन पर थीं और आवश्यक रनरेट लगभग 12 का था।
इसके बाद कैरी ने भी लय पकड़ ली और सीज़न में अपनी अच्छी फ़ॉर्म को जारी रखते हुए रेणुका ठाकुर के ओवर में चार बाउंड्रीज़ के साथ 20 रन बंटोरे। इससे हरमनप्रीत को फिर आराम से खेलने का मौक़ा मिला।
17वें ओवर में हरमनप्रीत ने GG के ख़िलाफ़ अपना पांचवां अर्धशतक पूरा किया, एक ऐसी टीम जिसके ख़िलाफ़ उन्हें और MI दोनों को खेलना पसंद करते हैं। तब MI को 18 गेंदों पर 30 चाहिए थे। GG के पास हरमनप्रीत को आउट करने का फिर मौक़ा था, लेकिन भारती फूलमाली ने इस बार एकस्ट्रा कवर से पीछे भागते हुए उनका कैच छोड़ दिया। हरमनप्रीत ने ओवर के अंत में दो बाउंड्रीज़ मारकर हालात GG के लिए और मुश्किल कर दिए।
19वें ओवर के अंत में हरमनप्रीत ने फिर एक मौक़ा दिया, लेकिन सोनी ने फिर कैच छोड़ दिया। MI कप्तान ने आख़िरी ओवर में बाउंड्री मारकर टीम की अब तक की सबसे बड़े लक्ष्य को हासिल करा दिया।
हरमनप्रीत अब WPL में 1000 रन बनाने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। वह मेग लानिंग को पीछे छोड़कर टूर्नामेंट की सर्वकालिक रन सूची में दूसरे स्थान पर भी पहुंच गई हैं। उनसे आगे अब सिर्फ़ उनकी टीम की साथी सीवर-ब्रंट हैं। MI अब तक उन दस मौक़ो पर नहीं हारी है, जब उनकी कप्तान ने पचास से ज़्यादा रन बनाए हैं। टीम भी चाहेगी कि उनका यह शानदार फ़ॉर्म जारी रहे।
और अगर ऐसा होता है तो किसी को हैरान नहीं होना चाहिए।
अभिमन्यु बोस ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं