नालकंडे, मोखाड़े की बदौलत विदर्भ ने कर्नाटक को हराकर फ़ाइनल में प्रवेश किया
विदर्भ 284-4 (मोखाड़े 138, समर्थ 76, शेट्टी 3-48) ने कर्नाटक 280 (नायर 76, श्रीजीत 54, नालकंडे 5-48) को 6 विकेट से हराया।
अपने 25वें जन्मदिन से एक दिन पहले अमन मोखाड़े ने ख़ुद को और विदर्भ की टीम को बेहतरीन तोहफ़ा दिया। उन्होंने अपने शानदार शतक की बदौलत विदर्भ को लगातार दूसरी बार विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी के फ़ाइनल में पहुंचाया। विदर्भ ने गत विजेता कर्नाटक को सेमीफ़ाइनल में हराकर बाहर का रास्ता दिखाया। विदर्भ का सामना फ़ाइनल में रविवार को दूसरे सेमीफ़ाइनल (पंजाब बनाम सौराष्ट्र) की विजेता के साथ बेंगलुरु में होगा। विदर्भ की इस जीत में मोखाड़े के अलावा दर्शन नालकंडे ने भी 5 विकेट लेकर बड़ा योगदान दिया।
विदर्भ को जीत के लिए 281 रनों की ज़रूरत थी और मोखाड़े ने अपनी पारी से टीम को कभी लक्ष्य से भटकने नहीं दिया। उन्होंने अपनी 138 रनों की पारी के दौरान इस सीज़न का अपना पांचवां शतक पूरा किया और सबसे ज़्यादा रनों के मामले में देवदत्त पड़िक्कल (725) को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर पहुंच गए। जब वह आउट हुए, तब विदर्भ को जीत के लिए सिर्फ़ 27 रनों की जरूरत थी। आर समर्थ ने 69 गेंदों में 76 रनों की नाबाद पारी खेली और टीम को 22 गेंद शेष रहते जीत दिला दी।
मोखाड़े को उनकी पारी के दौरान एक जीवनदान भी मिला था और जब वह 96 के स्कोर पर थे तब उनका कैच दो फ़ील्डरों के बीच गिरा था। इसके बाद मोखाड़े ने 101 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। समर्थ ने अपना इस सीज़न का चौथा 50+ स्कोर बनाया।
इससे पहले कर्नाटक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला लिया था लेकिन उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रही और कप्तान मयंक अग्रवाल (9) और देवदत्त पड़िक्कल (4) जल्दी आउट हो गए। यहां से करुण नायर ने ध्रुव प्रभाकर के साथ तीसरे विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी निभाई और उसके आबाद कृष्णन श्रीजीत के साथ उन्होंने चौथे विकेट के लिए 113 रन जोड़े। हालांकि 6 रन के अंदर नायर और श्रीजीत के आउट होने से कर्नाटक का स्कोर 193-5 हो गया था।
श्रेयस गोपाल ने 36 और अभिनव मनोहर ने 26 रनों की उपयोगी पारियां खेली, जिसके कारण कर्नाटक की टीम 280 के स्कोर तक पहुंची। नायर और प्रभाकर को आउट करने के बाद नालकंडे ने गोपाल, मनोहर और पाटिल को आउट करके अपने 5 विकेट पूरे किए।
शशांक किशोर ESPNcricinfo के वरिष्ठ संवाददाता हैं
