अभिषेक ने भारत की तरफ़ से जड़ा दूसरा सबसे तेज़ T20I अर्धशतक
न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ गुवाहाटी में खेले गए तीसरे T20I में भारतीय सलामी बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने भारत के लिए T20I क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज़ अर्धशतक लगाया। उन्होंने सिर्फ़ 14 गेंदों में पचासा जड़ा और पिछले महीने ही अपने साथी हार्दिक पंडंया द्वारा साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ बनाए गए 16 गेंद के अर्धशतक के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
हालांकि अभिषेक अपने मेंटॉर युवराज सिंह से पीछे रह गए, जिनके नाम 2007 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 12 गेंदों में अर्धशतक का रिकॉर्ड दर्ज है। तब उन्होंने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाए थे।
नागपुर में सीरीज़ के पहले मैच की तरह अभिषेक, गुवाहाटी में भी 154 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी आक्रामकता के साथ उतरे। उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत दूसरे ओवर की पहली गेंद पर क्रीज़ से बाहर निकलकर लेग साइड में 88 मीटर का छक्का लगाकर की।
उसी ओवर की आख़िरी गेंद पर उन्होंने जैकब डफ़ी पर अपर कट खेलकर चौका जड़ा। अगले ओवर का अंत उन्होंने लगातार गेंदों पर चौका और छक्का लगाकर किया। छह गेंदों में 23 रन बना चुके अभिषेक को चौथे ओवर के अंत में फिर स्ट्राइक मिली और उन्होंने ईश सोढ़ी के सिर के ऊपर से गेंद को सीमा रेखा के पार भेजकर ओवर का समापन किया।
पांचवें ओवर में मैट हेनरी की शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलते हुए उनका तीसरा छक्का आया और आख़िरी गेंद पर सिंगल लेकर उन्होंने स्ट्राइक बदल दी। छठे ओवर में 4, 1, 4 और 6 रन बटोरते हुए उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया और भारत के स्कोर को पावरप्ले में 94 रन तक पहुंचा दिया। यह पुरुष T20I में भारत का दूसरा सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है।
मैच के बाद अपनी पारी पर बात करते हुए अभिषेक ने कहा, "मैं पहले भी कह चुका हूं, मेरी टीम मुझसे यही चाहती है और मैं हर बार उसे अमल में लाना चाहता हूं। लेकिन ज़ाहिर है, हर बार ऐसा करना आसान नहीं होता। यह काफ़ी हद तक मानसिक पहलू और ड्रेसिंग रूम के माहौल पर भी निर्भर करता है।"
अभिषेक ने भारत की आठ विकेट से जीत में 20 गेंदों में नाबाद 68 रन बनाए, जिसमें सात चौके और पांच छक्के शामिल थे।
युवराज के रिकॉर्ड के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "वह रिकॉर्ड किसी के लिए भी अंसभव से भी अधिक है। लेकिन फिर भी, आप कभी नहीं जानते कि कब क्या हो जाए। कोई भी बल्लेबाज़ ऐसा कर सकता है। मुझे लगता है कि इस सीरीज़ में सभी बल्लेबाज़ बहुत अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहे हैं और आगे यह और भी मज़ेदार होने वाला है।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या पहली ही गेंद से गेंदबाज़ों पर हमला करना कोई सोची-समझी रणनीति थी, तो उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं पहली गेंद से ही मारने का सोचकर जाता हूं। यह विकेट पर मिलने वाले फ़ील पर निर्भर करता है। मैं गेंदबाज़ के बारे में सोचता हूं कि वह मुझे पहली गेंद पर आउट करने के लिए क्या डालेगा, वही बात मेरे दिमाग़ में रहती है और मैं उसी गेंद को खेलने की कोशिश करता हूं।"