मल्होत्रा का नाबाद शतक, भारत की ज़िम्बाब्वे पर बड़ी जीत

ESPNcricinfo स्टाफ़

भारत अंडर 19 352-8 (मल्होत्रा 109*, कुंडू 61, सूर्यवंशी 52, चिमुगोरो 3-49) ने ज़िम्बाब्वे अंडर 19 148 (चिवाउला 62, म्हात्रे 3-14, मोहन 3-20) को 204 रन से हराया

भारतीय अंडर-19 टीम ने 2026 विश्व कप के सुपर सिक्स चरण का आग़ाज़ धमाकेदार अंदाज़ में किया और बुलावायो में खेले गए मुक़ाबले में मेज़बान ज़िम्बाब्वे को पूरी तरह धो दिया। टीम इंडिया की इस धाकड़ जीत के हीरो विहान मल्होत्रा रहे। उन्होंने नाबाद शतकीय पारी खेलकर विपक्षी गेंदबाज़ों की जमकर ख़बर ली। उनके अलावा वैभव सूर्यवंशी और अभिज्ञान कुंडू ने भी बल्ले से आग उगलते हुए बेहतरीन अर्धशतक जड़े। इन दमदार पारियों की बदौलत भारत ने बोर्ड पर 352 रनों का विशाल स्कोर टांग दिया। 353 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी ज़िम्बाब्वे की टीम दबाव के आगे ताश के पत्तों की तरह ढह गई और 148 रन पर सिमट गई। भारत ने यह मैच 204 रनों से अपने नाम कर लिया।

भारतीय पेस अटैक के सामने ज़िम्बाब्वे का मध्यक्रम और निचला क्रम पूरी तरह बेबस नज़र आया। तेज़ गेंदबाज़ आर एस अमब्रिश और उधव मोहन की जोड़ी ने कहर बरपाते हुए आपस में पांच विकेट साझा किए। वहीं, कप्तानी की ज़िम्मेदारी निभा रहे आयुष म्हात्रे ने मैच के अंतिम पलों में गेंद थामी और देखते ही देखते तीन विकेट झटक लिए। हालात यह थे कि ज़िम्बाब्वे ने अपने आख़िरी छह विकेट महज़ छह रनों के अंदर गंवा दिए और उनकी पूरी पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।

भारतीय टीम ने मैच की पहली ही गेंद से अपने इरादे ज़ाहिर कर दिए थे। सलामी जोड़ी वैभव सूर्यवंशी और ऐरन जॉर्ज ने तूफ़ानी अंदाज़ में खेलते हुए महज़ चार ओवरों में स्कोरबोर्ड पर 44 रन टांग दिए। हालांकि, जॉर्ज पनाशे मज़ाई का शिकार बने, लेकिन सूर्यवंशी ने थमने के बजाय आक्रामकता और बढ़ा दी। उन्होंने कप्तान म्हात्रे के साथ मिलकर महज़ 38 गेंदों में 56 रनों की पार्टनरशिप कर डाली।

सूर्यवंशी ने सिर्फ़ 24 गेंदों में अपनी फ़िफ़्टी पूरी की और इस विश्व कप में दूसरा सबसे तेज़ अर्धशतक जड़ने के मामले में म्हात्रे के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। ततेंदा चिमुगोरो ने हालांकि तीन गेंदों के भीतर दोनों जमे हुए बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेजकर मेज़बान टीम की वापसी करानी चाही।

इसके बाद मल्होत्रा और वेदांत त्रिवेदी के बीच 29 रनों की साझेदारी हुई, जिसमें रन गति थोड़ी थमी और त्रिवेदी अपना विकेट गंवा बैठे। लेकिन असली खेल तब शुरू हुआ जब विहान मल्होत्रा का साथ देने अभिज्ञान कुंडू मैदान पर आए। इन दोनों ने ज़िम्बाब्वे के गेंदबाज़ों को चारों खाने चित करते हुए 115 गेंदों में 113 रन जोड़े। जहां मल्होत्रा ने टूर्नामेंट का अपना पहला पचासा जड़ा, वहीं कुंडू ने लगातार दूसरे मैच में अर्धशतक ठोक दिया। कुंडू 61 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक भारत ड्राइविंग सीट पर आ चुका था।

डेथ ओवर्स में मल्होत्रा को अमब्रिश और खिलन पटेल का बढ़िया साथ मिला। अमब्रिश के जाने के बाद खिलन और मल्होत्रा ने गियर बदला और महज़ 21 गेंदों में 47 रन बटोर लिए। मल्होत्रा ने पारी के 49वें ओवर में अपना शतक पूरा किया। अंत में खिलन ने आख़िरी ओवर में लगातार दो छक्के जड़ते हुए भारत का स्कोर 350 के पार पहुंचाया। उन्होंने सिर्फ़ 12 गेंदों में नाबाद 30 रन बनाए।

जवाब में ज़िम्बाब्वे की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही। पारी की दूसरी ही गेंद पर अमब्रिश ने नथानियल को चलता किया। पावरप्ले ख़त्म होने तक मेज़बान टीम पूरी तरह बैकफ़ुट पर थी। कियान ब्लिगनॉट और लीरॉय चिवाउला ने 69 रनों की साझेदारी कर संघर्ष ज़रूर किया, लेकिन धीमी रन गति के कारण वे कभी जीत की दौड़ में नहीं दिखे।

चिवाउला ने अपनी फ़िफ़्टी पूरी की और चिमुगोरो ने भी कुछ बड़े हिट लगाए, मगर उधव मोहन ने चिवाउला को आउट कर इस प्रतिरोध को तोड़ दिया। यहां से कप्तान म्हात्रे ने मोर्चा संभाला और अपनी फिरकी के जाल में ज़िम्बाब्वे के निचले क्रम को उलझा दिया। म्हात्रे ने एक ही ओवर में दो विकेट लेकर मैच लगभग भारत की झोली में डाल दिया, जिसके बाद उधव मोहन ने आख़िरी दो विकेट चटकाकर ज़िम्बाब्वे की पारी का अंत कर दिया।

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