RCB vs UPW: शीर्ष और अंतिम स्थान वाली टीमों की भिड़ंत
बड़ी तस्वीर
WPL का यह सीज़न अभी तक सबसे रोमांचक रहा है और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के क़्वालीफाई करने के 10 दिन बाद तक भी कोई और टीम अभी तक प्लेऑफ़ में जगह नहीं बना सकी है। बची हुई चार टीमों में से कोई भी टीम लगातार सबसे नीचे भी नहीं रही है और न ही उन्होंने इतने मैच जीते कि प्लेऑफ़ में प्रवेश कर सकें।
इतना ही नहीं, लगातार पांच जीत के बाद RCB भी पिछले दो मैच लगातार हार चुकी है और उनकी विपक्षी टीम यूपी वॉरियर्ज़ (UPW) की प्रमुख बल्लेबाज़ फ़ीबी लिचफ़ील्ड चोटिल होकर बाहर हो चुकी हैं। गुरुवार को RCB का पलड़ा भारी रह सकता है लेकिन दिल्ली कैपिटल्स (DC) के ख़िलाफ़ अपने सबसे छोटे WPL स्कोर बनाने और मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़ सिर्फ़ 35 रन पर ही 5 विकेट गंवाने के बाद वह भी वापसी की कोशिश में रहेगी। MI के ख़िलाफ़ ऋचा घोष के 50 गेंदों में बनाए गए 90 रनों की बदौलत RCB को नेट रन रेट का नुकसान नहीं हुआ लेकिन उनके टॉप 5 को फ़िर से फ़ॉर्म में आने की ज़रूरत है ताकि वह लगातार तीसरी हार से बच सकें।
UPW की स्थिति काफ़ी ख़राब है और अगले दो मैच जीतने के बावजूद उनका प्लेऑफ़ में जगह पक्का होना तय नहीं है क्योंकि उनका नेट रन रेट भी उतना अच्छा नहीं है। इसके अलावा लिचफ़ील्ड के चोटिल होने से उनकी बल्लेबाज़ी भी कमज़ोर हो गई है। MI के ख़िलाफ़ लगातार दो जीत के साथ UPW ने बढ़िया वापसी की थी लेकिन उसके बाद गुजरात जायंट्स (GG) के ख़िलाफ़ 154 के लक्ष्य के सामने उनकी बल्लेबाज़ी बिखर गई। वडोदरा में UPW के स्पिनरों को खेलना काफ़ी मुश्किल है लेकिन उनके भारतीय बल्लेबाज़ों को भी अपनी उपयोगिता साबित करनी होगी ताकि कप्तान मेग लानिंग, क्लोई ट्राइऑन और लिचफ़ील्ड की जगह आने वाली बल्लेबाज़ के ऊपर दबाव कम रहे।
इन खिलाड़ियों पर होंगी नज़रें: हरलीन देओल और ग्रेस हैरिस
रिटायर्ड आउट होने के बाद अगले मैच में MI के ख़िलाफ़ प्लेयर ऑफ़ द मैच बनने के बाद अगले दो मैचों में हरलीन देओल ने ज़्यादा प्रभावित नहीं किया है। लिचफ़ील्ड के चोटिल होकर बाहर जाने के बाद हरलीन को सीनियर खिलाड़ी के तौर पर ज़िम्मेदारी लेनी होगी। गुरुवार को चाहे जैसी भी पिच रहे, या तो धीमी या बल्लेबाज़ी के लिए उपयुक्त, हरलीन ने इस WPL में दिखाया है कि वह टीम की पारी को संभाल सकती हैं और उन्हें RCB के ख़िलाफ़ भी वही करना होगा।
ग्रेस हैरिस ने इस टूर्नामेंट में आख़िरी बार UPW के ही ख़िलाफ़ बढ़िया पारी खेली थी और उसके बाद से उनका स्कोर 15, 9, 1, 1 और 17 रहा है। ज़्यादातर बार वह स्विंग गेंद पर आउट हुई हैं या फ़िर अगर उनके पास वडोदरा में गेंद धीमी आई हो। RCB ने भले ही उन्हें तेज़ खेलने का लाइसेंस दिया हो लेकिन उन्हें रन भी बनाने पड़ेंगे ताकि स्मृति मांधना के ऊपर ज़्यादा दबाव न रहे।