भारत-पाकिस्तान मैच न होने के इतर आग़ा को उनकी टीम के मुक़ाबले रोचक होने की उम्मीद
"तीन और मैच भी हैं। फ़ैंस आएंगे और उन मैचों को देखेंगे। बिल्कुल भी चिंता मत कीजिए। मुझे पूरी उम्मीद है कि वे सारे मैच काफ़ी अच्छे होंगे। (हंसते हुए)"
सलमान आग़ा से पूछा गया था कि श्रीलंका के फ़ैंस के लिए उनका क्या संदेश है, जिन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुक़ाबला देखने को नहीं मिलेगा। इस T20 विश्व कप के शुरू होने से पहले जिस तरह का राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है, वैसा माहौल शायद ही पहले कभी देखने को मिला हो। आग़ा से जब यह सवाल पूछा गया तो उन्होंने पूरी कोशिश की कि नरम लहजे में जवाब दें। यह काफ़ी हद तक संभव है कि आगे भी आग़ा को इस तरह के सवालों का जवाब देना पड़े, जहां उनसे राजनीति और उनके देश से जुड़े कई मुद्दों पर सवाल किए जाएंगे। यहां तक कि राजनेताओं को भी शायद उतने सवालों का जवाब नहीं देना होगा, जितना उन्हें देना पड़ेगा, और वह भी इसी तरह के नरम लहजे में बात करनी होगी।
प्रेस वार्ता के दौरान आग़ा का पूरा प्रयास रहता है कि वह श्रीलंका के लोगों के साथ एक अच्छा रिश्ता बना सकें। उन्होंने कहा, "श्रीलंका में होना मेरे लिए अपने दूसरे घर में होने जैसा है। हमारी टीम को श्रीलंका में खेलना हमेशा से अच्छा लगता है। अगर अपनी बात करूं तो मैं यहां पांच से छह बार आ चुका हूं। यहां के लोगों का स्वभाव काफ़ी अच्छा है। हमारी टीम को यहां काफ़ी समर्थन मिलता है और उम्मीद है कि इस बार भी वैसा ही होगा। मैं उसके लिए काफ़ी उत्साहित हूं।"
अब जब पाकिस्तान ने यह फ़ैसला लिया है कि वे भारत के ख़िलाफ़ अपना मुक़ाबला नहीं खेलेंगे, तो उनके पास ग्रुप ए में सिर्फ़ तीन ही मैच होंगे। इनमें से पहला मैच सात फ़रवरी को नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ खेला जाएगा। वहीं 10 फ़रवरी को USA के ख़िलाफ़ उनका मुक़ाबला है, और उसके बाद उन्हें लगभग आठ दिनों का ब्रेक मिलेगा। उनका आख़िरी लीग मैच नामीबिया के ख़िलाफ़ 18 फ़रवरी को है। ये सारे मैच कोलंबो में खेले जाएंगे।
अब तक क्रिकेट के मैदान में जितनी बार भी आग़ा को देखा गया है, ऐसा प्रतीत हुआ है कि वह एक शांत मिज़ाज के खिलाड़ी हैं। अगर इस बार भी वह ज़्यादा सहज और नरम मिज़ाज वाले दिख रहे हैं, तो उसका एक प्रमुख कारण यह भी है कि श्रीलंका में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों को काफ़ी प्यार मिलता है। पुराने इतिहास को देखें तो इस वक्त दक्षिण एशिया में श्रीलंका उन देशों में शामिल रहा है, जिनके अपने पड़ोसियों के साथ कभी ख़राब संबंध नहीं रहे हैं। फिलहाल देश की अर्थव्यवस्था भी काफ़ी ख़राब है, जिसके कारण अनावश्यक टकराव का जोखिम लेना मुश्किल है। साथ ही दिसंबर में चक्रवात के कारण श्रीलंका को काफ़ी नुक़सान हुआ, तो उसके पड़ोसियों ने काफ़ी मदद की। इसी कारण से देश में आप कहीं भी जाएं, आपको सद्भावना ही नज़र आएगी।
पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच क्रिकेट में जो भी दोस्ताना संबंध हैं, वे पिछले तीन दशकों से बिना किसी रोक-टोक के चलते आ रहे हैं। इसलिए ऐसा माना जा सकता है कि इस विश्व कप के दौरान भी कुछ वैसा ही माहौल देखने को मिलेगा। अगर स्टेडियम में कुछ श्रीलंकाई लोग पाकिस्तान की जर्सी पहने नज़र आ जाएं, तो उसमें किसी तरह की हैरानी नहीं होनी चाहिए।
अगर श्रीलंका में पाकिस्तान के रिकॉर्ड की बात करें, तो यहां उन्हें 13 T20 मैचों में नौ जीत मिली हैं। आग़ा यह भी जानते हैं कि पिछले तीन विश्व कप में उनकी टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफ़ी में भी उनका प्रदर्शन काफ़ी ख़राब था। हालांकि हालिया प्रदर्शनों को देखते हुए आग़ा का मानना है कि इस बार तस्वीर अलग हो सकती है।
उन्होंने कहा, "पिछले तीन टूर्नामेंटों में हम अच्छा क्रिकेट नहीं खेल पाए। हमारा प्रदर्शन वैसा नहीं था, जैसा लोग हमसे चाहते हैं या जैसा हम ख़ुद से उम्मीद करते हैं। उससे हमने सीख ली है। पिछले छह महीनों से हम बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। हर बॉक्स टिक हो रहा है, हर खिलाड़ी अपनी भूमिका जानता है और उसे अच्छे से निभा रहा है। हमें पूरा भरोसा है कि इस टूर्नामेंट में हम अच्छा क्रिकेट खेल पाएंगे और ख़िताब जीतेंगे।"
हक़ीकत यह है कि इस समय श्रीलंका के प्रशंसकों के सामने भारत पाकिस्तान मैच के रद्द होने से कहीं बड़ी चिंताएं हैं। इसी हफ्ते इंग्लैंड ने मेज़बान टीम को 3-0 से सूपड़ा साफ़ किया, जिसके बाद पल्लेकेले में मौजूद दर्शकों के वीडियो वायरल हो गए। इन वीडियो में स्टैंड्स से घरेलू टीम पर तीखे शब्दों की बौछार होती दिखी। श्रीलंका का यह विश्व कप अनुभव लगभग पूरी तरह उनकी अपनी टीम के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। अगर टीम जीत के साथ शुरुआत करती है, तो गैर श्रीलंका मैचों में भी दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है। लेकिन अगर शुरुआत से ही टीम लड़खड़ा गई, तो दर्शकों को स्टेडियम तक बुलाना काफ़ी मुश्किल हो सकता है।
ऐसे में पाकिस्तान का मज़बूत अभियान एक तरह से सांत्वना पुरस्कार का काम कर सकता है और आने वाले हफ्तों में दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाने की क्षमता भी रखता है। हालांकि इसके लिए उन्हें ग्रुप चरण में बारिश के कारण ज़्यादा अंक गंवाए बिना आगे बढ़ना होगा। फ़िलहाल आग़ा उन हालात में टूर्नामेंट खेलने की संभावना का आनंद ले रहे हैं, जो ऐतिहासिक रूप से पाकिस्तान के लिए अनुकूल रहे हैं।
