अपनी मनोवैज्ञानिक बढ़त को एक बार फिर जीत में तब्दील करने उतरेगा भारत
बड़ी तस्वीर
इस मुक़ाबले का हर एक पहलू अपने आप में ही एक बड़ी तस्वीर है। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एशिया कप में तीन जीत में से दूसरी जीत के बाद भारत-पाकिस्तान मुक़ाबले को अब राइवलरी मानने से इनकार कर दिया था। भारत बतौर टीम पाकिस्तान की तुलना में मज़बूत है लेकिन कोलंबो में एक बार फिर इस मुक़ाबले के लिए भाड़ी भीड़ के एकत्रित होने की पूरी उम्मीद है।
भारत के पास इस मुक़ाबले से पहले मनोवैज्ञानिक बढ़त भी हासिल है, एशिया कप में तीनों मुक़ाबले भारत ने जीते थे और T20 विश्व कप में भारत का 7-1 से जीत का रिकॉर्ड भी है। एशिया कप में उन्होंने पहला मुक़ाबला गेंद और दूसरा बल्ले से जीता था और फ़ाइनल उन्होंने दिमाग़ से जीता था।
T20 क्रिकेट में भारत सबसे विस्फोटक बल्लेबाज़ी वाली टीम है, उनका मध्य क्रम भी मज़बूत है और स्पिन भी विश्व स्तरीय है। तेज़ गेंदबाज़ी में तो उनके पास जसप्रीत बुमराह तो हैं ही।T20 विश्व कप 2021 में भारत को हराने के बाद 2022 में मेलबर्न में और 2024 में न्यू यॉर्क में पाकिस्तान के हाथों से मुक़ाबला फिसल गया। पाकिस्तान के सामने मौक़ों को भुनाने की चुनौती भी होगी।
हालिया प्रदर्शन
भारत: WWWLW
पाकिस्तान: WWWWW
हार्दिक पंड्या और साहिबज़ादा फ़रहान पर रहेंगी नज़रें
भारतीय दल में हार्दिक पंड्या को जितना मज़ा पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेलने में आता है उतना शायद ही किसी अन्य खिलाड़ी को आता है। पाकिस्तान के ख़िलाफ़ उनका स्ट्राइक रेट, बल्लेबाज़ी औसत, गेंदबाज़ी इकॉनमी और गेंदबाज़ी औसत सब तुलनात्मक तौर पर अधिक है। चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2017 के फ़ाइनल में उनकी 43 गेंदों पर 76 रनों की पारी कौन भूल सकता है। पिछले तीन मुक़ाबलों में उन्होंने बाबर आज़म, सईम अयूब और फ़ख़र ज़मान को आउट किया है। बल्ले और गेंद के साथ उनकी क्षमता इस मुक़ाबले के लिए उन्हें सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक बनाती है।
साहिबज़ादा फ़रहान ने दो सप्ताह के भीतर भारत के ख़िलाफ़ तीन मुक़ाबले खेले हैं। पहले मुक़ाबलों में उन्होंने 40 रन बनाए थे जबकि अगले दो मुक़ाबलों में उनके दो अर्धशतकों ने पाकिस्तान को थोड़ी उम्मीद दी थी। बुमराह के ख़िलाफ़ उनकी बल्लेबाज़ी ने ध्यान आकर्षित किया था, उन्होंने बुमराह के ख़िलाफ़ तीन छक्के लगाए थे जो कि बुमराह के ख़िलाफ़ उनके T20I करियर में कोई अन्य बल्लेबाज़ नहीं कर पाया था। अगर भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान को जीत हासिल करनी है तो शीर्ष क्रम का बुमराह के ख़िलाफ़ चलना ज़रूरी है।