खैबर पख़्तूनवा से T20 विश्व कप वाया UAE: कैसे जवादउल्लाह ने टीवी में दिखने का अपना सपना किया पूरा
मुहम्मद जवादउल्लाह, दूसरे एक्सप्रेसिव तेज़ गेंदबाज़ों के विपरीत एक शांत स्वभाव के, बेहद कम बोलने वाले एक शर्मीले क्रिकेटर हैं। वह जब मीडिया के सामने आते हैं, तो UAE टीम के मीडिया मैनेजर पहले ही आपको सचेत कर देते हैं कि वह बहुत धीरे-धीरे ही जवाब देंगे, तो उनका जवाब सुनने के लिए आपको बहुत धैर्य रखना होगा। इसके अलावा उनकी मातृभाषा पश्तो है, इसलिए उन्हें हिंदी या अंग्रेज़ी में बात करने में थोड़ा समय भी लगता है।
26 साल के UAE के बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ जवादउल्लाह का यह पहला T20 विश्व कप है। हालांकि उन्होंने शायद ही कभी इसका सपना देखा था कि वह अपने पड़ोसी देश भारत में एक अन्य पड़ोसी देश अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ विश्व कप का कोई मैच खेलेंगे। उन्होंने 21 साल की उम्र तक हार्ड गेंद को छुआ ही नहीं था।
पाकिस्तान के पहाड़ी राज्य ख़ैबर-पख़्तूनवा के एक छोटे से क़स्बे ढेरी जोलाग्राम से आने वाले जवादउल्लाह पढ़ाई के साथ-साथ अपने गांव और आस-पास टेप बॉल क्रिकेट खेलते थे। वहां उनके गांव के आस-पास क्रिकेट का कोई मैदान या एकेडमी भी नहीं था, जहां वह हार्ड बॉल क्रिकेट की ट्रेनिंग ले सके। वह टेप बॉल के अच्छे गेंदबाज़ थे और बचपन में जब वह टीवी पर क्रिकेट देखते थे, तो उन्हें लगता था कि टेप बॉल में अच्छा खेलकर वह भी कभी टीवी पर आ सकेंगे।
जवादउल्लाह के घर पर खेल नहीं बल्कि पढ़ाई का माहौल था। पिता सरकारी नौकरी में थे, तो वह चाहते थे कि उनका बेटा भी पढ़-लिखकर नौकरी पा जाए। इसलिए जवादउल्लाह ने इलेक्ट्रिकल में डिप्लोमा की और जब पाकिस्तान में बेहतर नौकरी नहीं मिली तो अच्छे मौक़ों की तलाश में कोविड से ठीक पहले 2020 की शुरुआत में UAE आ गए।
UAE में जवादउल्लाह एक कंपनी में इलेक्ट्रिशियन का काम करने लगे और अपने क्रिकेट के शौक़ को जारी रखते हुए शाम को क्रिकेट भी खेलना जारी रखा। जैसा कि UAE में क्रिकेट का कल्चर है, वह दिन में नौ घंटे की नौकरी करते और शाम में टेनिस बॉल से क्लब क्रिकेट खेलते। इस T20 विश्व कप में खेल रहे UAE के कई क्रिकेटरों ने ऐसे ही नौकरी करते और क्रिकेट खेलते हुए राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई है, जिसमें टीम के कप्तान मुहम्मद वसीम, सबसे सफल बल्लेबाज़ सोहैब ख़ान, अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ जुनैद सिद्दीकी और बाएं हाथ के स्पिनर हैदर अली शामिल हैं।
जवादउल्लाह ने क्रिकेट खेलना इसलिए भी जारी रखा क्योंकि ना सिर्फ़ उन्हें क्रिकेट का शौक़ था, बल्कि वहां क्लब क्रिकेट खेलने से उन्हें कुछ अतिरिक्त कमाई भी हो जाती थी, जिसे वह अपने दूर गांव ढेरी जोलाग्राम भेज देते थे। हालांकि दिन में नौकरी कर रात में दो या तीन टेनिस बॉल के मैच खेलना बहुत आसान नहीं था और उनका शरीर पूरी तरह थक जाता था।
ख़ुद जवादउल्लाह के शब्दों में, "मुझे पूरी तरह नींद नहीं मिल पाती थी और मेरा पूरा शरीर इतना थक जाता था कि अगले दिन नौकरी के लिए जाने का मन ही नहीं करता। लेकिन मेरे पास इसके अलावा कोई चारा भी नहीं था। एक नए और अनजान देश में ख़ुद को व्यस्त रखने, थोड़ा और पैसे कमाने और सर्वाइव करने का यही एक तरीका था।"
जब जवादउल्लाह टेनिस बॉल में अच्छा करने लगे तो उनके कुछ दोस्तों ने उन्हें हार्ड बॉल से क्रिकेट खेलने की सलाह दी। दोस्तों की बात मान जवादउल्लाह ने हार्ड बॉल में भी अपना हाथ आज़माया और वहां भी सफल होने लगे। इसी दौरान 2022 में UAE क्रिकेट बोर्ड की तरफ़ से तेज़ गेंदबाज़ों का एक ट्रायल हुआ। उस समय UAE टीम के कोच भारतीय ऑलराउंडर रॉबिन सिंह थे।
जवादउल्लाह ने भी यह ट्रायल दिया और उनकी गेंदबाज़ी से रॉबिन बहुत प्रभावित हुए। UAE में तीन साल पूरा नहीं होने के कारण उस समय तक जवादउल्लाह UAE के लिए खेलने के योग्य नहीं थे, लेकिन रॉबिन इस प्रतिभा को ऐसे जाने नहीं देना चाहते थे। इसलिए उन्होंने जवादउल्लाह को टीम से एक नेट बॉलर के तौर पर जोड़ लिया और वह अब UAE की राष्ट्रीय टीम के कैंप का हिस्सा बन गए।
2023 में उन्होंने ILT20 के पहले संस्करण में शारजाह वॉरियर्स के लिए हिस्सा लिया, जहां उन्हें पहली बार रहमानउल्लाह गुरबाज़, मोईन अली, मोहम्मद नबी, मार्कस स्टॉयनिस और क्रिस वोक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के साथ-साथ UAE टीम के सबसे अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ जुनैद सिद्दीकी के साथ खेलने का मौक़ा मिला। इस टूर्नामेंट में जवादउल्लाह ने छह पारियों में सिर्फ़ पांच विकेट लिए, लेकिन उनकी इकॉनमी सिर्फ़ 7.47 की थी। इस प्रदर्शन में अबु धाबी नाइट राइडर्स के ख़िलाफ़ 3-विकेट हॉल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन शामिल था, जिसमें उन्होंने पॉल स्टर्लिंग, ब्रैंडन किंग और चरित असलंका जैसे अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज़ों को अपना शिकार बनाया।
इस टूर्नामेंट के तुरंत बाद जवादउल्लाह को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौक़ा मिला, जब वह अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ फ़रवरी 2023 में गेंदबाज़ी के लिए उतरे।
उस दिन को याद करते हुए जवादउल्लाह, ESPNcricinfo से कहते हैं, "वह दिन मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत भावुक दिन था। मैं जहां से आता हूं, वहां दूर-दूर तक कोई क्रिकेट का टर्फ़ नहीं है। मैं पढ़ाई भी करता था, इसलिए इतना समय नहीं था कि दूर जाकर कहीं क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन कर सकूं और फिर रोज़ घर से अप-डाउन कर सकूं। बचपन में हम टीवी में खिलाड़ियों को खेलता देखते थे और मुझे लगता था कि टेप बॉल खेलते-खेलते मैं भी कभी टीवी पर आ पाऊंगा। इसलिए जिस दिन मेरा डेब्यू हुआ, उस दिन सारा गांव हमारे घर पर आ गया और सबने मुझे टीवी पर खेलता हुआ देखा। मेरे परिवार को बताया गया कि मैं पूरे गांव और आस-पास के स्वात क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाला मैं पहला खिलाड़ी हूं। मेरे परिवार के लिए यह बहुत फ़क़्र की बात थी।"
2023 में ही जवादउल्लाह को वनडे डेब्यू का भी मौक़ा मिला और उन्होंने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ उस मैच में दो विकेट भी लिए। तब से अब तक जवादउल्लाह ने 13 वनडे में 13 विकेट जबकि 40 T20I में सिर्फ़ 19.93 की औसत से 59 विकेट लिए हैं। हालांकि उनका तीन साल का ये छोटा सा करियर चोटों से बहुत प्रभावित रहा है।
ऐसा इसलिए भी है क्योंकि उनका ऐक्शन सामान्य बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ों से थोड़ा अलग और अपरंपरागत है। बॉलिंग क्रीज़ पर आते वक़्त वह एक छोटा सा जंप नहीं लेते हैं, अमूमन जो हर तेज़ गेंदबाज़ लेता है। बल्कि वह अपनी दौड़ के साथ शरीर को आगे ले जाते हैं और बिना कोई जंप लिए गेंद फेंक देते हैं। इसके कारण 2024 में उन्हें पहले टखने और फिर जांघ की चोट लगी और वह जनवरी से सितंबर तक ऐक्शन से बाहर रहे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा ILT20 2024 के भी एक बड़े हिस्से को मिस किया।
जवादउल्लाह को इस बात का अंदाज़ा है कि उनका ऐक्शन अलग है और इससे उनका करियर चोटों से प्रभावित रह सकता है। लेकिन वह कहते हैं कि वह बचपन से ही ऐसे ऐक्शन से गेंदबाज़ी करते आए हैं, इसलिए अब इसे बदलना बहुत मुश्किल है।
उन्होंने कहा, "मैं टेप बॉल क्रिकेट में इसी ऐक्शन से ही गेंदबाज़ी करता था। बचपन में हमारा कोई कोच नहीं था,जो हमारा ऐक्शन चेंज करवाता। फिर मैं जब UAE में हार्ड बॉल क्रिकेट खेलने लगा तो कई खिलाड़ियों ने मुझे ऐक्शन को लेकर टोका। इसके बाद मैंने भी अपना वीडियो देखा तो मुझे भी लगा कि मेरा ऐक्शन कुछ अलग है। चोट के चक्कर में मेरा एक साल ख़राब भी हुआ, लेकिन इसे अब बदला नहीं जा सकता। अगर मैं इसे अब बदलूंगा तो ना मुझे पेस मिलेगी और ना ही गेंदबाज़ी कर पाऊंगा। इसलिए मैं अब अपने फ़िटनेस, जिम, रूटीन और डाइट पर बहुत ध्यान देता हूं, ताकि चोटों से बचा जा सके।"
वसीम अकरम और मोहम्मद आमिर को अपना आदर्श मानने वाले जवादउल्लाह शुरुआत में बस नई गेंद के स्विंग गेंदबाज़ थे, लेकिन T20 के अनुसार उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी में तब्दीली भी लाई है और कुछ वैरिएशन भी सीखे हैं। UAE में T10 क्रिकेट के दौरान उनकी मुलाक़ात आमिर से हुई, जहां उन्होंने, उनसे नेट्स पर रिवर्स स्विंग और स्लोअर गेंदों के बारे में सीखा। अब जवादउल्लाह पुरानी गेंद के साथ बीच के और डेथ ओवरों में भी गेंदबाज़ी कर लेते हैं और उनके पास इसके लिए वैरिएशन भी है।
जवादउल्लाह अपने इस सीखने के सफ़र को जारी रखना चाहते हैं और फ़िलहाल अपने इस अप्रत्याशित यात्रा का पूरा लुत्फ़ उठा रहे हैं।
दया सागर ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं।dayasagar95