लानिंग: UP वारियर्ज़ को आगे बढ़ाने के लिए अपनी छाप छोड़ना चाहती हूं
मेग लैनिंग महज 21 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया की कप्तान बनी थीं। उसके बाद से उनका नाम महिला क्रिकेट में कप्तान का पर्यायवाची जैसा बन गया है। यूपी वॉरियर्ज़ के साथ WPL 2026 में लानिंग अपनी कप्तानी के करियर का एक नया अध्याय शुरू करेंगी। यह एक ऐसी भूमिका है, जो उन्हें कुछ ऐसी चुनौती दे सकता है जिसका उन्होंने अब तक कभी सामना नहीं किया है।
वॉरियर्ज़ के लिए WPL में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पहले सीज़न में प्लेऑफ़ तक पहुंचना रहा है। इस बार उनकी टीम में काफ़ी बदलाव किए गए हैं। कोचिंग सेटअप नया है, जिसकी कमान अभिषेक नायर के हाथों में है। टीम में पांच अनकैप्ड खिलाड़ियों समेत एक युवा स्क्वॉड है और WPL 2026 मेगा ऑक्शन से पहले 21 साल की श्वेता सेहरावत ही टीम की इकलौती रिटेंशन थीं।
लानिंग ने WPL के पहले तीनों सीज़न में दिल्ली कैपिटल्स को रनर अप तक पहुंचाया था और अब वह उसी अनुभव को अपनी नई टीम के साथ इस्तेमाल करेंगी।
सोमवार को मीडिया से बातचीत में लानिंग ने साझा किया कि दिल्ली फ़्रैंचाइज़ी के साथ उनके अनुभव ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है। उन्होंने कहा, "नई टीम से जुड़ते ही आपको वहां के वातावरण और कामकाज के तरीक़ों का अंदाज़ा नहीं होता। शुरुआती हफ़्ते में इन चीज़ों के साथ सामंजस्य बिठाना बेहद अहम होता है। यहां अपने शुरुआती दिनों में मैंने इसी बात पर ज़ोर दिया है कि मैं टीम के हर सदस्य को अच्छी तरह जान सकूं।"
लानिंग ने स्वीकार किया कि उन्हें सबके नाम याद रखने में थोड़ी मस्क़्क़त करनी पड़ रही है, लेकिन उनका असली मक़सद टीम के ढांचे और हर खिलाड़ी की ज़िम्मेदारी को समझना है। उन्होंने अपनी लीडरशिप शैली पर बात करते हुए आगे कहा, "ज़रूरी यह है कि मैं सिस्टम की बारीकियों को जान सकूं। कुछ मोर्चों पर मैं अपनी राय साझा कर प्रभाव डाल सकती हूं, लेकिन अन्य मामलों में मुझे विशेषज्ञों को उनकी आज़ादी देनी होगी। मैं हर चीज़ पर नियंत्रण रखने के बजाय एक नया नज़रिया पेश करना चाहती हूं ताकि खिलाड़ी अपनी भूमिका को लेकर पूरी तरह आश्वस्त रहें।"
लानिंग को टीम में कुछ जाने पहचाने चेहरे भी मिलेंगे। ऑक्शन में वॉरियर्ज़ ने सोफ़ी एक्लस्टन और दीप्ति शर्मा को फिर से ख़रीदा, जो WBBL 2024-25 में लानिंग के साथ खेल चुकी थीं। इसके अलावा लानिंग तीन सीज़न तक दिल्ली कैपिटल्स में शिखा पांडे के साथ भी खेल चुकी हैं।
मेग लानिंग ने दीप्ति की प्रशंसा करते हुए कहा, "दीप्ति ने गेंद और बल्ले से मैच का रुख़ बदलने की अपनी क़ाबिलियत को लगातार साबित किया है। उनके खेल में आया निखार काबिल ए तारीफ़ है। एक शानदार खिलाड़ी होने के साथ-साथ, खु़द को बेहतर बनाने का उनका जज़्बा उन्हें इस स्तर पर सबसे अलग खड़ा करता है। वह शुरुआत से ही इस फ़्रैंचाइज़ी की मुख्य कड़ी रही हैं, इसलिए टीम के भीतर और बाहर उनकी भूमिका बहुत वज़नी है। मैं एक बार फिर उनके साथ मैदान साझा करने के लिए बेहद उत्साहित हूं। दीप्ति और सोफ़ी एक्लस्टन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मदद से मुझे टीम की संस्कृति को समझने और अपनी योजनाओं को लागू करने में काफ़ी मदद मिलेगी।"
नायर ने लानिंग की कप्तानी का समर्थन करते हुए उन्हें महिला क्रिकेट की "सबसे बेहतरीन क्रिकेटिंग माइंड" बताया और कहा कि टीम उन्हें लीडर के तौर पर लाना चाहती थी। अलिसा हीली की गैर मौजूदगी में पिछले सीज़न टीम की कप्तानी कर चुकी दीप्ति शर्मा दूसरा विकल्प थीं।
लानिंग के प्रभाव पर बात करते हुए नायर ने कहा, "महिला क्रिकेट में मेग से बेहतर क्रिकेटिंग माइंड कोई और नहीं है। कोच के तौर पर महिला क्रिकेट में यह मेरा डेब्यू है, पर मैं इस बात पर अडिग हूं कि सबसे सफल टीम वही है जिसकी कप्तानी में दम हो। यह फ़ॉर्मैट ख़ास तौर पर कप्तानों का है। मैं किसी ऐसे चेहरे को चाहता था जो टीम की ज़िम्मेदारी उठा सके और मेग के होने से चीज़ें मेरे लिए काफ़ी सुगम हो गई हैं। वह सारा दबाव अपने कंधों पर ले लेंगी और मैं इत्मीनान से बैठकर अपनी कॉफ़ी पी पाऊंगा।"
कोच की भूमिका पर उन्होंने साफ़ किया, "असलियत में कुछ नहीं बदलता। यह खेल अब भी खिलाड़ियों का ही है। मेरा मक़सद टीम को हर संभव मदद देना है और मुझे उम्मीद है कि हम एक यादगार सफ़र की शुरुआत कर पाएंगे।"
नवंबर 2023 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद लानिंग का कैलेंडर पहले से ज़्यादा खुला हुआ है। उन्हें क्रिकेट से ब्रेक लेने का पर्याप्त समय मिलता है और इसका असर WPL में उनके प्रदर्शन पर नहीं पड़ा है। वह इस लीग की तीसरी सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज़ हैं। वह विक्टोरिया के लिए घरेलू क्रिकेट खेलती हैं, WBBL में मेलबर्न स्टार्स का प्रतिनिधित्व करती हैं और द हंड्रेड में लंदन स्पिरिट (2024) और ओवल इनविंसिबल्स यानी अब एमआई लंदन (2025) के लिए खेल चुकी हैं। इन सभी टूर्नामेंट्स में वह बिना कप्तानी की भूमिका में रहती हैं, जिससे वह WPL में उतरते समय तरोताज़ा महसूस करती हैं।
लानिंग ने कहा, "मुझे नहीं पता कि यह अलग नज़रिया है या नहीं, लेकिन ऐसे टूर्नामेंट में आते वक्त मैं खु़द को काफ़ी फ्रेश और ऊर्जावान महसूस करती हूं। आजकल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मात्रा को देखते हुए एक टूर्नामेंट से दूसरे में जाना मानसिक तौर पर काफ़ी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के अपने फ़ायदे हैं, लेकिन उसकी चुनौतियां भी हैं। मेरे लिए अच्छी बात यह है कि इन टूर्नामेंट के बीच मुझे ब्रेक मिल जाता है, जिससे मैं नई ऊर्जा और उत्साह के साथ मैदान में उतर पाती हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "यहां इस सेटअप में आते समय मैं ज़्यादातर कोचिंग स्टाफ़ या खिलाड़ियों को नहीं जानती थी। यह रोमांचक था और थोड़ा नर्वस करने वाला भी। लेकिन मैं इस चुनौती को लेकर उत्साहित थी कि कैसे सबको एक साथ लाया जाए और सभी को एक ही सोच पर लाकर ज़्यादा से ज़्यादा मैच जीते जाएं, क्योंकि आख़िरकार हमारा लक्ष्य यही है।"
WPL की नींव इस उद्देश्य के साथ रखी गई थी कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जैसी चुनौतियों, भारी दबाव और भरे हुए मैदानों के बीच खेलने के आदी हो सकें। इस निवेश का फ़ायदा अब दिखने लगा है। भारत की हालिया विश्व कप जीत में एन श्री चरणी और क्रांति गौड़ जैसे युवाओं का योगदान रहा है, जो WPL की ही देन हैं। लानिंग के मुताबिक़ भारतीय टैलेंट का इस तरह निखरना यह दर्शाता है कि यह लीग अपनी राह पर सही दिशा में बढ़ रही है।
लानिंग ने कहा, "मुख्य बात यह है कि अब घरेलू खिलाड़ियों की एक बड़ी फ़ौज तैयार हो गई है जो मैच जिताने का दम रखती है। पहले लीग में बड़े अंतरराष्ट्रीय चेहरों का दबदबा था, पर अब नए खिलाड़ी उन पर दबाव बना रहे हैं। प्रदर्शन करने वाले चेहरों की संख्या बढ़ना क्रिकेट के लिए बेहतरीन है।"
उनका यह भी मानना है कि हाई-प्रेशर गेम का अनुभव खिलाड़ियों के लिए निर्णायक साबित हुआ है। उन्होंने कहा, "मीडिया की सक्रियता और हर गेंद पर नज़र रखे जाने वाले माहौल ने खिलाड़ियों को परिपक्व बनाया है। जितना वक़्त आप इस स्तर पर गुज़ारते हैं, उतना ही आपके खेल में सुधार आता है। बीते तीन टूर्नामेंट्स में भारतीय खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और निखार में साफ़ तौर पर बढ़ोतरी देखी गई है।"