लानिंग और बेल की टक्कर पर सबकी नज़र, पहली जीत की तलाश में UPW
बड़ी तस्वीर
सलामी जोड़ी में बदलाव, मध्यक्रम का अचानक लड़खड़ाना और अंत तक संघर्ष करने वाला एक अकेला बल्लेबाज़ - रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और UP वॉरियर्ज़ के शुरुआती मुक़ाबलों की कहानी लगभग एक जैसी ही नज़र आई है। हालांकि दोनों टीमों की क़िस्मत ने अलग-अलग मोड़ लिए, लेकिन उनके खेल के उतार-चढ़ाव में गज़ब की समानता थी। ऐसा लगा मानो दोनों टीमें एक ही स्क्रिप्ट पर चल रही थीं, जहां जीत और हार के फ़ासले ने ही उन्हें एक-दूसरे से जुदा किया।
RCB की कप्तान स्मृति मांधना ने अपनी पारी की शुरुआत तो रफ़्तार के साथ की, मगर वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहीं और जल्दी पवेलियन लौट गईं। इसके बाद ग्रेस हैरिस के बल्ले से निकले आक्रामक शॉट्स ने RCB को तेज़ शुरुआत तो दी, लेकिन बल्लेबाज़ी क्रम अचानक ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और महज़ 25 रन के फ़ासले में पांच अहम विकेट गिर गए। टीम ने ऋचा घोष को नंबर चार और नडीन डी क्लर्क को नंबर छह पर उतारकर 'पावर हिटिंग' की जो योजना बनाई थी, वह काग़ज़ों पर तो सही थी, लेकिन असल मैदान पर डी क्लर्क के संयम और दबाव में किए गए प्रदर्शन ने ही RCB की डूबती नैया पार लगाई।
वहीं, UPW की कमान संभाल रही नई कप्तान मेग लानिंग के लिए इस सत्र का आग़ाज़ उम्मीद के मुताबिक़ नहीं रहा और वे लय पकड़ने के लिए जूझती नज़र आईं। हालांकि, तीसरे पायदान पर आईं फ़ीबी लिचफ़ील्ड ने अपने अनोखे और रचनात्मक शॉट्स से पारी को बखूबी संभाला। टीम के इरादे साफ़ हैं कि हरलीन देओल और दीप्ति शर्मा मध्यक्रम की ज़िम्मेदारी उठाएं, ताकि श्वेता सेहरावत और डिएंड्रा डॉटिन जैसे विस्फोटक बल्लेबाज़ों को आख़िरी ओवरों के लिए बचाकर रखा जा सके। टीम संयोजन को देखते हुए, दोनों टीमों के लिए डी हेमलता और किरण नवगिरे की भूमिका अहम हो जाती है। सोमवार रात नवी मुंबई में होने वाला मैच इन दोनों टीमों के अप्रोच को लेकर और साफ़ तस्वीर देगा। यह UPW का इस सीज़न का पहला नाइट गेम होगा।
लॉरेन बेल और श्वेता सेहरावत पर रहेगी नज़र
लॉरेन बेल के लिए WPL का माहौल नया नहीं है। वह पहले भी UPW के कुनबे का हिस्सा रही हैं, लेकिन अपने डेब्यू मुक़ाबले में उन्होंने जो असर छोड़ा, वह काबिल-ए-तारीफ़ था। उनकी लंबी कद-काठी से निकलती आउटस्विंग गेंदों ने एमेलिया कर को खासा परेशान किया। अपने शुरुआती स्पेल के तीन ओवरों में उन्होंने कर का बहुमूल्य विकेट चटकाया और नौवें ओवर तक अपना कोटा लगभग ख़त्म कर लिया। आंकड़ों का दायरा भले ही अभी छोटा हो, लेकिन बेल ने लानिंग के ख़िलाफ़ मनोवैज्ञानिक बढ़त बना ली है। लानिंग ने उनके विरुद्ध 23 गेंदों में महज़ 12 रन बनाए हैं और एक बार अपना विकेट भी गंवाया है। सोमवार को होने वाली यह शुरुआती भिड़ंत एक बार फिर मैच का रुख़ तय कर सकती है।
दूसरी ओर, श्वेता सेहरावत को WPL 2026 के आगाज़ के साथ दो बड़ी चुनौतियों के बीच तालमेल बिठाना पड़ा है। बुनियादी तौर पर वह शीर्ष क्रम की बल्लेबाज़ हैं, लेकिन UPW की ज़रूरतों के मुताबिक़ उन्हें अक्सर मध्यक्रम में ज़िम्मेदारी संभालनी पड़ती है। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने घरेलू सीज़न में दिल्ली के लिए सीनियर T20 ट्रॉफ़ी और अंडर-23 टूर्नामेंट में मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाज़ी की, जहां उनका स्ट्राइक रेट क्रमशः 144.57 और 157.89 का रहा। GG के विरुद्ध उन्होंने अपनी इसी विस्फोटक ताक़त की एक झलक भी दिखाई। दूसरी अहम बात उनकी विकेटकीपिंग है, जिस पर उन्होंने अभिषेक नायर की देखरेख में काफ़ी पसीना बहाया है। हालांकि, पहले मैच में इस मोर्चे पर सुधार की गुंजाइश साफ़ नज़र आई। उन्होंने पारी की शुरुआत में ही एश्ली गार्डनर को स्टंप करने का एक सुनहरा मौक़ा हाथ से जाने दिया और उस जीवनदान का फ़ायदा उठाते हुए गार्डनर ने आगे चलकर एक शानदार अर्धशतक जड़ दिया।