चेतन साकरिया: घाव भर चुके हैं और सबकुछ फिर से बेहतर हो रहा है

ख़राब फ़ॉर्म और अज़ीबो-ग़रीब चोटों से जूझ रहे साकरिया ने विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी के दौरान फ़ॉर्म में वापसी की है

चेतन साकरिया विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी में फ़िट दिखे हैं और लगातार विकेट ले रहे हैं © PTI

चेतन साकरिया को जुलाई 2024 में जब रात 2 बजे मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में इमरजेंसी सर्ज़री के लिए ऑपरेशन थिएटर में ले जाया जा रहा था, तब उन्हें अपनी जान का डर लग रहा था।

कुछ घंटे पहले भावनगर के अपने घर में साकरिया टूटे हुए शोकेस के कांच के बीच से चाबियों का एक गुच्छा निकालने की कोशिश कर रहे थे, तभी कांच का एक बड़ा टुकड़ा उनकी बाईं कलाई में घुस गया।

बेंगलुरु में सौराष्ट्र के लिए विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी नॉकआउट खेल रहे और फ़ाइनल तक के सफ़र में दूसरे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज साकरिया ESPNcricinfo से बात करते हुए बताते हैं, "मेरा नस कट गया था। मैंने किसी तरह अपनी कलाई पर कसकर कपड़ा बांध लिया था, लेकिन फिर भी खून बेकाबू होकर बह रहा था। मुझे चक्कर आने लगे थे। उस वक़्त मुझे सच में लगा था कि शायद मैं बच नहीं पाऊंगा।"

यह हादसा उस समय हुआ, जब साकरिया की ज़िंदगी का दौर ख़ुशियों से भरा होना चाहिए था। सिर्फ़ दो महीने पहले वह कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की ख़िताब जीतने वाली IPL टीम का हिस्सा थे और उस घटना से मुश्किल से एक सप्ताह पहले ही उन्होंने अपनी ज़िंदगी की नई पारी शुरू की थी। उनकी शादी हुई थी।

साकरिया अपने गांव के एकमात्र सरकारी अस्पताल पहुंचे। वहां मौजूद एक कंपाउंडर ने चोट की गंभीरता को समझा और सबसे पहले खून रोकने में क़ामयाब रहा। लेकिन आगे के इलाज के लिए उन्हें 30 किलोमीटर दूर भावनगर के एक निजी अस्पताल जाना पड़ा।

वहां डॉक्टरों ने घाव को साफ़ किया, दर्द निवारक दवाएं दीं और हड्डी व नसों के विशेषज्ञों को बुलाया। साकरिया बताते हैं, "एक डॉक्टर ने मुझसे कहा कि मेरा बायां हाथ सिर्फ़ 50% ही काम करेगा, साइड मूवमेंट बंद हो जाएगा और ताक़त ख़त्म हो जाएगी। जब उन्हें पता चला कि मैं क्रिकेट खेलता हूं, तो उन्होंने कहा कि मैं दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगा।"

उस वक़्त उनके साथ मौजूद उनके चाचा ने उनसे अपने क्रिकेट जानने वालों से बात करने को कहा।

"मैंने जितने भी क्रिकेट डॉक्टर और फ़िजियो याद आ सकते थे, सभी को फ़ोन करना शुरू किया। क़रीब 10-15 कॉल किए। राजस्थान रॉयल्स (RR), KKR, NCA [BCCI की नेशनल क्रिकेट अकादमी] के फ़िजियो, हर जगह मैंने कॉल लगाया। लेकिन किसी से बात नहीं हो पाई।

"क़िस्मत से एकमात्र व्यक्ति, जिन्होंने मेरा फोन उठाया, वह थे नितिन पटेल [NCA के पूर्व स्पोर्ट्स साइंस प्रमुख]। उन्होंने डॉक्टरों से बात की और पूछा कि क्या किसी तरह मुझे तुरंत मुंबई भेजने लायक बनाया जा सकता है। उन्होंने टांके लगाए, खून बहना रोका, नस को लॉक किया… मुझे ठीक से नहीं पता उन्होंने क्या-क्या किया।"

"मैंने खुद पर शक़ करना शुरू कर दिया और सोचने लगा कि वापसी के लिए मुझे क्या असाधारण करना होगा। मैंने बहुत ज्यादा गेंदबाज़ी शुरू कर दी। मेरी लय अच्छी थी और मैं लगातार ट्रेनिंग करता रहा, जैसे मौक़ा कभी भी मिल सकता है। सीज़न के दौरान जो मेहनत मैंने की थी, उससे मुझे अपने प्रदर्शन पर भरोसा था"
2023 के मुश्किल दौर पर चेतन साकरिया

साकरिया अहमदाबाद पहुंचे और वहां से मुंबई की फ़्लाइट ली। वहां उन्हें सीधे इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां हाथों के सर्ज़न डॉ. सुधीर वारियर ने उसी रात उनका ऑपरेशन किया। सर्ज़री सफल रही और अगली शाम उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। साथ ही एक उम्मीद भरी खबर भी उन्हें मिली। "उन्होंने कहा कि मेरा हाथ कम से कम 70-80% तक काम करेगा और मैं अगला IPL ज़रूर खेल पाऊंगा। एक सप्ताह के भीतर ही मुझे भरोसा होने लगा कि मैं इससे बाहर निकल पाऊंगा।"

रिकवरी में पांच महीने लगे। छठे महीने में उन्होंने फिर से गेंदबाज़ी शुरू की। उनकी कलाई और बाएं हाथ में ताकत, मांसपेशियां और यहां तक कि त्वचा भी कम हो गई थी। वह कहते हैं, "तभी मुझे कांच की ताकत समझ में आई। मैं तो बस चाबियां उठाने गया था। मुझे लगा ही नहीं था कि मैं चोटिल हो जाऊंगा।"

पीछे मुड़कर देखें तो आज भी वह ठीक से समझा नहीं आता कि यह कैसे हुआ। "ऐसी चोट लगना बहुत ही दुर्लभ है। यह क़िस्मत ख़राब होने जैसा था।"

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साकरिया ने IPL 2021 में बड़ा ब्रेकथ्रू पाया था। यह वह सीज़न था, जो सौराष्ट्र की रणजी ट्रॉफ़ी जीत के ठीक बाद आया था। राजस्थान रॉयल्स (RR) के साथ शानदार प्रदर्शन ने जुलाई में श्रीलंका दौरे पर गई भारतीय टीम में उनका रास्ता खोल दिया।

चेतन साकरिया ने IPL 2021 में अपनी पहचान बनाई © BCCI

लेकिन यह उछाल निजी दुखों के बीच आया। IPL के दौरान उनके बड़े भाई और भारत के लिए डेब्यू के सिर्फ़ दो महीने बाद उनके पिता की कोविड से मौत हो गई।

उस समय को वह "किसी के लिए भी सबसे कठिन दौर" बताते हैं। उससे निकलने के लिए उन्होंने सारी मानसिक ताक़त और हौसला जुटाया और वापसी की उम्मीद की। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि IPL 2022 वही बदलाव लेकर आएगी, जब दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने उन्हें 4.2 करोड़ रुपये में ख़रीदा।

साकरिया कहते हैं, "विकेट इतने अच्छे थे कि यह धारणा बन गई थी कि तेज़ रफ़्तार वाला गेंदबाज चाहिए, जबकि मैं ज्यादा स्विंग और स्किल पर निर्भर करता हूं। वह सीज़न बस निकलता चला गया। मुझे तभी मौक़ा मिलता, जब टीम तीन भारतीय तेज़ गेंदबाज़ खिलाती और वहां पहले से ही शार्दुल ठाकुर और ख़लील अहमद थे। और मुझे जब भी मौक़े मिले, एक मैच अच्छा गया, एक नहीं। ऐसे में हमेशा दबाव रहता है, क्योंकि टीम बदलाव करना चाहे तो सबसे पहले गेंदबाज़ ही बाहर होता है।"

साकरिया ने 2022 सीज़न की शुरुआत अच्छी की और ऑस्ट्रेलिया में हुए T20 विश्व कप में भारत की टीम के साथ नेट गेंदबाज़ के तौर पर भी रहे। लेकिन IPL 2023 में जब उन्हें मैच नहीं मिले, तो हालात बिगड़ने लगे।

वह बताते हैं, "मैंने फिर ख़ुद पर शक करना शुरू कर दिया और सोचने लगा कि वापसी के लिए मुझे क्या असाधारण करना होगा। मैंने बहुत ज़्यादा गेंदबाज़ी शुरू कर दी। मेरी लय अच्छी थी और मैं लगातार ट्रेनिंग करता रहा, जैसे मौक़ा कभी भी मिल सकता है। सीज़न के दौरान जो मेहनत मैंने की थी, उससे मुझे भरोसा था कि मैं अच्छा कर पाऊंगा।"

"ईमानदारी से कहूं तो मेरी गेंदबाज़ी थोड़ी ऊपर-नीचे रही है। रणजी ट्रॉफ़ी में एक मैच अच्छा गया, एक नहीं। मैं कुछ हिस्सों में अच्छी गेंदबाज़ी कर रहा था। कभी लय में लगता था, कभी नहीं। आत्मविश्वास बार-बार बदलता रहा और वही SMAT में मेरे प्रदर्शन में दिखा"
चेतन साकरिया

साकरिया 2023-24 सीज़न की शुरुआत में वेस्ट ज़ोन के लिए दलीप ट्रॉफ़़ी खेलने वाले थे, लेकिन टूर्नामेंट से एक सप्ताह पहले ही बाएं हाथ से गेंदबाज़ी करते समय दर्द महसूस होने पर उन्हें हटना पड़ा। स्कैन में बाएं कोहनी में स्ट्रेस फ़्रैक्चर निकला।

वह बताते हैं, "जोड़ों में एक साल से दर्द था। फ़िज़ियो उसे संभाल रहे थे, लेकिन अचानक गेंदबाज़ी का लोड बदल गया। IPL में T20 गेंदबाज़ी का वॉल्यूम कम होता है और मैं ज़्यादा खेल भी नहीं रहा था। फिर मैं ज्यादा गेंदबाज़ी करने लगा, क्योंकि अच्छा करना चाहता था। उसी लोड के उतार-चढ़ाव ने इसे ट्रिगर कर दिया।"

इससे उबरने में उन्हें तीन महीने लगे। जैसे ही वह पूरी लय में लौटने लगे, उनकी पीठ में स्ट्रेस रिएक्शन का पता चला। "उसमें और चार महीने लग गए, जिससे 2023-24 सीज़न का ज़्यादातर हिस्सा छूट गया।"

वह NCA की निगरानी में थे। जब फ़िज़ियो को लगा कि वह तैयार हैं, तो KKR ने IPL 2024 की नीलामी में उन पर दांव लगाया, लेकिन टीम संयोजन के कारण वह पूरा सीजन बाहर बैठे रहे। IPL 2025 से पहले उन्हें रिलीज़ कर दिया गया, लेकिन चोटिल उमरान मलिक के रिप्लेसमेंट के तौर पर फिर से उन्हें साइन किया गया। हालांकि उन्हें सिर्फ़ एक ही मैच मिला। लगातार अंदर-बाहर होना और मौक़े की उम्मीद में किनारे पर बैठे रहना, वह यही सिलसिला तोड़ना चाहते हैं।

उन्हें इस सीज़न रणजी ट्रॉफ़ी के पहले हिस्से में लय पकड़ने में समय लगा, लेकिन मौज़ूदा विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी में उन्होंने टॉप गियर पकड़ लिया है। अब तक वह सात मैचों में 15 विकेट ले चुके हैं, जिसमें शुक्रवार के सेमीफ़ाइनल में लिया गया चार विकेट भी शामिल है, जिसने पंजाब के ख़िलाफ़ सौराष्ट्र की वापसी कराई।

चेतन साकरिया 2021 में भारतीय टीम के लिए भी खेले © BCCI

हाल की IPL नीलामी में ना बिकने के बावजूद, वह मानते हैं कि अगर आख़िरी समय पर भी कॉल आया, तो वह पूरी तरह तैयार रहेंगे।

वह कहते हैं, "ईमानदारी से कहूं तो मेरी गेंदबाज़ी थोड़ी ऊपर-नीचे रही है। रणजी ट्रॉफ़ी में एक मैच अच्छा गया, एक नहीं। कुछ हिस्सों में मैं लय में था, कुछ में नहीं। आत्मविश्वास बदलता रहा और वही SMAT में दिखा।

"लेकिन पिछले तीन मैचों में गेंद मेरे हाथ से बहुत अच्छी निकल रही है। मैं अब ख़ुश हूं। पहले मुझे लगता था कि मैं अपने प्रोसेस में कुछ ग़लत कर रहा हूं। मैंने हालिया समय में ज़्यादा गेंदबाज़ी की है। ऑफ़-सीज़न में स्टेमिना और ताक़त पर काम किया है और अब वॉल्यूम पर फ़ोकस कर रहा हूं। विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी के दौरान मैंने एक भी ट्रेनिंग सेशन मिस नहीं किया है।"

अब उनके बाएं हाथ में लगभग पूरी ताक़त लौट आई है। उन्हें उम्मीद है कि यह सब तब सार्थक लगेगा, जब वह एक बार फिर सेमीफ़ाइनल जैसे मैच जिताने वाले स्पेल डाल पाएंगे।

उन्होंने कहा, "अब सच में लगता है कि सब कुछ एक साथ सही हो रहा है। नियमित खेलने का मौक़ा मिलना ही मेरे लिए सबसे बड़ी ख़ुशी है। अपने रन-अप पर खड़े होकर यह सोचना कि किसी बल्लेबाज़ को किस तरह आउट करना है और फिर जाकर उसे अंज़ाम देना, इससे ज्यादा ख़ुशी मुझे किसी चीज़ से नहीं मिलती।"

Shashank Kishore is a senior correspondent at ESPNcricinfo

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