काश्वी गौतम का एकमात्र एजेंडा: विकेट लेना और नीचे बल्लेबाज़ी करके टीम को मैच जिताना

चोट के बाद WPL में सफल वापसी कर रहीं गौतम को भारतीय वनडे टीम से भी बुलावा आया है

काश्वी गौतम ने चोट के बाद WPL 2026 में वापसी की है © BCCI

काश्वी गौतम का भारत के लिए खेलने का सपना ठीक से उड़ान भी नहीं भर पाया था कि वह टूट गया।

एक सफल WPL 2025 (11 विकेट) के बाद उन्हें श्रीलंका में साउथ अफ़्रीका के साथ होने वाली वनडे त्रिकोणीय सीरीज़ के लिए पहली बार भारतीय टीम में बुलाया गया। घरेलू वनडे विश्व कप के साल में इसका मतलब बहुत बड़ा था। लेकिन अपने तीसरे ही मैच के दौरान उन्हें घुटने की चोट के कारण मैदान छोड़कर जाना पड़ा। वह उस सीरीज़ से बाहर हो गईं और उसके बाद 2025-26 का ज़्यादातर समय रिकवरी में चला गया।

WPL 2026 से पहले ESPNcricinfo से बात करते हुए गौतम कहती हैं, "जब स्कैन में मेरे दाहिने घुटने की चोट सामने आई, तो मैं मानसिक रूप से दो-तीन महीने के रिहैब के लिए तैयार थी। लेकिन जब रिकवरी सात-आठ महीने तक खिंच गई, तो यह बहुत मुश्किल हो गया। पिछले साल [2024] भी मैं चोट के कारण काफ़ी क्रिकेट मिस कर चुकी थी। तब मैंने वापसी की थी, अच्छा किया था और लग रहा था कि मैं लय में हूं। लेकिन फिर से चोट लग गई और इस बार इसे स्वीकार करना कठिन था।"

पिछले WPL में उनका प्रदर्शन भारतीय गेंदबाज़ों में शिखा पांडे के साथ संयुक्त रूप से सबसे बेहतर रहा था। इसके बाद उन्हें सीनियर विमेंस मल्टी-डे चैलेंजर ट्रॉफ़ी की टीम D में चुना गया, जहां उन्होंने प्रथम श्रेणी शतक लगाया और चार विकेट भी लिए। यह तेज़ गेंदबाज़ों में तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इन सबका नतीजा था कि भारतीय टीम में पहली बार उनका बुलावा आया। इस बुलावे के बाद गौतम के लिए T20 विश्व कप 2024 के बाद से ही बाहर चल रहीं पूजा वस्त्रकर की जगह वनडे विश्व कप टीम में जगह बनाने की उम्मीदें भी थीं।

गौतम बताती हैं, "एक ऑलराउंडर के तौर पर मेरे लिए यह सपना सच होने जैसा था कि मैं नंबर 6-7 पर बल्लेबाज़ी करूं और शतक लगाऊं। यह सब WPL का असर था। GG के लिए अच्छा करने से मुझे इतना आत्मविश्वास मिला कि वह घरेलू क्रिकेट में भी दिखा। उसी से भारत का कॉल-अप भी मुझे आया।

"हम भारत के लिए खेलने के लिए ही क्रिकेट खेलते हैं। जब ऐसा हुआ, तो वह अहसास अविश्वसनीय था। WPL का स्तर इतना ऊंचा है कि अगर आप वहां प्रभाव डालते हैं, तो चयनकर्ता आपको भारत के लिए खेलने लायक समझते हैं।"

पिछले साल एलिमिनेटर में GG के बाहर होने के बाद गौतम की मुलाक़ात अपने आदर्श और मुंबई इंडियंस पुरूष टीम के कप्तान हार्दिक पंड्या से हुई। गौतम ने हार्दिक से पूछा कि वह कितने वज़न का बल्ला इस्तेमाल करती हैं और कहा कि क्या वह उन्हें अपना एक बल्ला देंगे। एक महीने बाद, हार्दिक का मैसेज आया कि क्या वह दिल्ली में हैं, जहां मुंबई इंडियंस का IPL मैच था।

काश्वी गौतम ने RCB के ख़िलाफ़ नंबर 7 पर उतरकर कुछ बड़े शॉट लगाए © BCCI

उस दिन को याद करते हुए गौतम कहती हैं, "ईमानदारी से कहूं तो जब उन्होंने कहा था कि बल्ला देंगे, तो मुझे लगा था कि अगली किसी मुलाक़ात में मिलेगा, इतनी जल्दी नहीं। लेकिन एक दिन उन्होंने बताया कि उनका दिल्ली में मैच या प्रैक्टिस है और पूछा कि क्या मैं आ सकती हूं। मैंने एक पल भी नहीं सोचा। वहां मैंने उनका नेट सेशन देखा। उसके बाद वह आए, अपना बल्ला मंगवाया और मुझे दे दिया। उन्होंने यह भी कहा, 'अच्छा नहीं लगा तो बताना, मैं दोबारा दूसरा दे दूंगा'। जब आपका आदर्श आपसे ऐसा कहता है, तो बहुत अच्छा लगता है।"

"फिर जब मैं चोटिल थी, तब वह [BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस] में भी मुझसे मिले। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी चीज़ की ज़रूरत हो, चोट के बारे में भी बात करनी हो, तो बेझिझक बताना। WPL 2026 पास आ रहा था, तो मैंने एक और बल्ला मांगा और उन्होंने दे दिया। उन्होंने अपने तीन बल्ले मेरे सामने रखे और कहा कि जो चाहो, चुन लो। जब इतना बड़ा खिलाड़ी इतनी विनम्रता से पेश आता है, तो बहुत अच्छा लगता है। मैं भी सफलता के बावजूद ऐसी ही विनम्र बनना चाहती हूं।"

गौतम सिर्फ़ 22 साल की हैं, लेकिन उम्र से कहीं ज़्यादा परिपक्व लगती हैं। वह भारत की वनडे विश्व कप मुहिम का हिस्सा नहीं बन पाईं, लेकिन वह समझती हैं कि यह भारतीय क्रिकेट के लिए कितना बड़ा पल था।

"मैं गेंद से ब्रेकथ्रू देना चाहती हूं। मुझे पता है कि मुझे मुश्किल हालात में गेंदबाज़ी करनी होगी, चाहे पावरप्ले हो या डेथ। इसलिए विकेट लेना मेरा काम है। और फिर नीचे बल्लेबाज़ी करके मैच जिताने वाले रन बनाना भी मेरा काम है।"
काश्वी गौतम

उन्होंने कहा, "उस बारे में सोचकर थोड़ा चुभता है, जब आपको लगता है कि आपके पास मौक़ा था। जब आपके बारे में बातें हो रही होती हैं और फिर आप चूक जाते हैं, तो दुख होता है। मैंने पूरा विश्व कप देखा। महिला क्रिकेट के नज़रिये से मुझे अच्छा लगा कि अब ज़्यादा मौक़े मिलेंगे। हमने देखा कि घरेलू मैच फ़ीस बढ़ाई गई। कुल मिलाकर मैं ख़ुश थी। विश्व कप आते रहेंगे, लेकिन भारत का जीतना बहुत बड़ी बात थी।"

WPL 2026 में आने से पहले गौतम ने सिर्फ़ दो प्रतिस्पर्धी मैच खेले थे। लेकिन टूर्नामेंट से पहले मिले दस दिनों में उन्होंने अपने कोच नागेश गुप्ता के साथ काफ़ी काम किया। उन्होंने स्क्रैम्बल-सीम गेंद को असरदार बनाने पर काम किया। कलाई की पोज़िशन पर भी ध्यान दिया ताकि स्विंग मिल सके। उन्होंने बाउंसर पर भी मेहनत की, जिसकी झलक शुक्रवार को डी हेमलता को देखने को मिली।

गौतम कहती हैं, "मैं गेंद से ब्रेकथ्रू देना चाहती हूं। मुझे पता है कि मुझे पावरप्ले या डेथ में गेंदबाज़ी करनी होगी, इसलिए विकेट लेना और नीचे बल्लेबाज़ी करके मैच जिताना मेरा काम है।"

काश्वी गौतम ने भारत के लिए सिर्फ़ तीन मैच खेले हैं, लेकिन अब यह संख्या बढ़ सकती है © SLC

लंबी चोट से वापसी करने के बाद भी गौतम ने मौजूदा WPL में अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने चार मैचों में चार विकेट लिए हैं और नई गेंद से काफ़ी प्रभावी रही हैं। पावरप्ले में उनकी इकॉनमी सिर्फ़ 7.75 है और इस दौरान उनके नाम तीन विकेट हैं, जो सभी गेंदबाज़ों में संयुक्त रूप से दूसरा सर्वश्रेष्ठ है। बल्ले से भी उन्होंने असर छोड़ा है। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के ख़िलाफ़ भारती फूलमाली के साथ सिर्फ़ 28 गेंदों में 56 रन की साझेदारी की और नडीन डी क्लर्क को डीप स्क्वायर लेग के ऊपर से छक्का भी मारा।

वह बताती हैं, "नागेश सर ट्रेनिंग में नए ड्रिल्स करवाते हैं। इस बार उन्होंने मुझे नो-लुक शॉट सिखाया। तकनीकी तौर पर बड़ा शॉट खेलने के बाद सिर स्थिर रहता है। वह हमेशा मुझे प्रोत्साहित करते हैं। मैं ऑलराउंडर हूं, तो वह हर पहलू में मेरी सोच को बेहतर करते हैं।"

WPL में GG के लिए गौतम के प्रदर्शन ने उनके भारत के सपने को फिर से रफ़्तार दी है और उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम से दोबारा बुलावा मिला है। WPL 2026 का वडोदरा चरण अभी बाक़ी है, इसलिए वह जानती हैं कि कुछ और प्रभावशाली प्रदर्शन उन्हें जून में होने वाले T20 विश्व कप के दौड़ में भी ला सकते हैं।

एस सुदर्शनन ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं. @Sudarshanan7

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