रज़ा, टेलर और क्रेमर के अनुभव पर ज़िम्बाब्वे का भरोसा
शेड्यूल
बनाम ओमान, कोलंबो, 9 फ़रवरी
बनाम ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, 13 फ़रवरी
बनाम आयरलैंड, पल्लेकेले, 17 फ़रवरी
बनाम श्रीलंका, कोलंबो, 19 फ़रवरी
बड़ी तस्वीर: ज़िम्बाब्वे की विश्व कप में वापसी
2022 के बाद ज़िम्बाब्वे एक बार फिर विश्व कप में लौट रहा है। वे 2023 वनडे विश्व कप के लिए क्वालिफ़ाई नहीं कर पाए थे और 2024 T20 विश्व कप से चूकने वाले एकलौते पूर्ण सदस्य देश थे। हाल के समय में उनकी सबसे बड़ी चुनौती थी कि वे टूर्नामेंट में अपनी जगह पक्की कर सके। अब जब उन्होंने यह कर लिया है, तो ज़िम्बाब्वे को इस बात पर ध्यान देना होगा कि वे इस मौक़े का कैसे इस्तेमाल करते हैं।
पिछली बार जब ज़िम्बाब्वे ने इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था, तब टूर्नामेंट का फ़ॉर्मेट अलग था और उनका प्रदर्शन काफ़ी ठीक-ठाक रहा था। ऑस्ट्रेलिया में ज़िम्बाब्वे पहले राउंड से सुपर-12 तक पहुंचे थे, जहां उन्हें दो ऐसी टीमों, बांग्लादेश और नीदरलैंड्स से हार मिली, जिन्हें वे अपने स्तर का ही मानते होंगे। इस बार ज़िम्बाब्वे को दो पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के साथ एक ग्रुप में रखा गया है। इसका मतलब है कि सुपर-8 तक पहुंचना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। ओमान और आयरलैंड को हराना, वे अपने न्यूनतम लक्ष्य के तौर पर देखेंगे।
इसके लिए उन्हें जाने-पहचाने नामों, सिकंदर रज़ा, ब्रेंडन टेलर - और ब्रायन बेनेट के अलावा दूसरे बल्लेबाज़ों से भी रन चाहिए होंगे। वे चाहेंगे कि उनका संतुलित गेंदबाज़ी आक्रमण भी अच्छा प्रदर्शन करे।
ब्लेसिंग मुज़राबानी, रिचर्ड एन्गरावा और ब्रैड एवंस के रूप में उनके पास गति, स्विंग और वैरिएशन है। स्पिन विभाग में उनके पास ऑफ़ स्पिन (रज़ा), बाएं हाथ का स्पिन (वेलिंगटन मसकाद्ज़ा) और लेग स्पिन (ग्रेम क्रीमर व रायन बर्ल) का विकल्प भी मौज़ूद हैं, जो उन्हें अच्छी चुनौती देने में मदद करेंगे।
हालिया फ़ॉर्म
ज़िम्बाब्वे ने क्वालिफ़िकेशन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने सभी पांच मैच जीते। इसमें नामीबिया के ख़िलाफ़ फ़ाइनल भी शामिल था।
लेकिन बड़ी टीमों के ख़िलाफ़ उनके हालिया नतीजे ख़राब रहे हैं। जुलाई 2025 में साउथ अफ़्रीका और न्यूज़ीलैंड के साथ घरेलू त्रिकोणीय सीरीज़ में वे चारों मैच हार गए। इसके बाद अफ़ग़ानिस्तान ने उन्हें घर पर ही 3-0 से क्लीन स्वीप किया।
एक सकारात्मक बात यह है कि ज़िम्बाब्वे ने श्रीलंका पर हाल में दो जीत दर्ज किए हैं और वे सह-मेज़बानों के ख़िलाफ़ अपने ग्रुप मैच में उन जीतों से आत्मविश्वास लेंगे। सबसे ज़्यादा चिंता की बात यह है कि ज़िम्बाब्वे ने पिछले दो महीनों से कोई क्रिकेट नहीं खेला है और वे टूर्नामेंट में बिना मैच प्रैक्टिस के उतर रहे हैं।
इन पर रहेंगी नज़रें: ब्रायन बेनेट और सिकंदर रज़ा
ब्रायन बेनेट एक असाधारण प्रतिभा हैं, जिनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के हर फ़ॉर्मेट में कम से कम एक शतक है। क्वालिफ़ायर्स में वह सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ थे। वह शीर्ष क्रम में अपने आक्रामक रवैये के लिए जाने जाते हैं और ज़िम्बाब्वे की बल्लेबाज़ी काफ़ी हद तक उन पर निर्भर करेगी कि वे टीम को अच्छी शुरुआत दिलाएं। बेनेट का T20I स्ट्राइक रेट 145.48 है और उन्होंने 52 मैचों में नौ अर्धशतक बनाए हैं।
पिछले एक महीने में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने वाले ज़िम्बाब्वे के इकलौते खिलाड़ी सिकंदर रज़ा थे, जो SA20 में पार्ल रॉयल्स का हिस्सा थे। ILT20 में खेलने और अपने छोटे भाई के निधन के कारण रज़ा टूर्नामेंट में दो मैच बाद पहुंचे, लेकिन अपनी भावनाओं को एक तरफ़ रखकर वह टूर्नामेंट में तीसरे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने। बोलैंड पार्क की धीमी, टर्न लेने वाली पिचों पर वे ख़ास तौर पर असरदार रहे। रज़ा बड़े मौकों के खिलाड़ी हैं और विश्व कप से बड़ा मंच कोई नहीं होता।
आख़िरी दांव?
रज़ा, टेलर और क्रेमर, तीनों 39 साल के हैं। टेलर तो टूर्नामेंट शुरू होने से एक दिन पहले 40 साल के हो जाएंगे। माना जाता है कि ये तीनों 2027 में होने वाले घरेलू वनडे विश्व कप को अपने करियर का आख़िरी पड़ाव मान रहे हैं। फिलहाल, ये ज़िम्बाब्वे टीम की रीढ़ हैं। इन नामों के अलावा बर्ल, मुज़राबानी, एन्गरावा और मसाकाद्ज़ा तीन अन्य खिलाड़ी हैं, जो पहले T20 विश्व कप में खेल चुके हैं।
सर्वश्रेष्ठ एकादश
1 ब्रायन बेनेट, 2 तडिवानाशे मारुमानी, 3 डियोन मायर्स, 4 ब्रेंडन टेलर (विकेटकीपर), 5 सिकंदर रज़ा (कप्तान), 6 रायन बर्ल, 7 ग्रेम क्रीमर, 8 ब्रैड एवंस, 9 वेलिंगटन मसकाद्ज़ा, 10 ब्लेसिंग मुज़राबानी, 11 रिचर्ड एन्गरावा
सवाल
Firdose Moonda is ESPNcricinfo's correspondent for South Africa and women's cricket