बटलर, सॉल्ट और स्पिनरों की इर्द-गिर्द बुनी गई टीम के सहारे फिर से अच्छा प्रदर्शन करना चाहेगा इंग्लैंड
इंग्लैंड
ग्रुप मैच
नेपाल, 8 फ़रवरी, मुंबई
वेस्टइडीज़,11 फ़रवरी, मुंबई
स्कॉटलैंड, 14 फ़रवरी, कोलकाता
इटली, 16 फ़रवरी, कोलकाता
बड़ी तस्वीर
ऐशेज़ में इंग्लैंड की करारी शिकस्त ने हेड कोच ब्रेंडन मक्कलम के भविष्य को लेकर चर्चाएं गर्म कर दी हैं। अब यह T20 विश्व कप ही तय करेगा कि मक्कलम की कोचिंग की दिशा क्या होगी। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 4-1 से टेस्ट सीरीज़ गंवाने वाली टीम के छह खिलाड़ी इस विश्व कप स्क्वॉड में मौजूद हैं। इनमें हैरी ब्रुक का नाम भी शामिल है, जिन्हें पिछले साल सफ़ेंद गेंद के क्रिकेट की कप्तानी सौंपी गई थी। न्यूज़ीलैंड में एक नाइटक्लब के बाहर बाउंसर के साथ हुई देर रात की झड़प के बाद ब्रुक की कप्तानी पर संकट मंडरा रहा था, लेकिन वह किसी तरह अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे। हालांकि, हाल ही में ब्रुक ने जो सार्वजनिक माफ़ी मांगी है, उसने इंग्लैंड टीम मैनेजमेंट के मामले को दबाने की कोशिशों की पोल खोलकर रख दी है।
मैदान के बाहर की उथल-पुथल और विवादों के बीच शायद यह सच्चाई कहीं दब गई है कि पिछले दस सालों में इंग्लैंड T20 क्रिकेट की सबसे ताक़तवर टीमों में से एक रही है। वह इकलौती ऐसी टीम है, जो पिछले चारों विश्व कप में कम से कम सेमीफ़ाइनल तक ज़रूर पहुंची है। साथ ही इंग्लैंड उन चुनिंदा तीन टीमों में शामिल है जिन्होंने दो बार इस टूर्नामेंट को जीतने का गौरव हासिल किया है। हालिया प्रदर्शन भी इसी दबदबे की कहानी कहता है। हैरी ब्रुक की कप्तानी में इंग्लैंड एक साफ़ रणनीति के साथ मैदान पर उतर रहा है। लंबा बैटिंग ऑर्डर और स्पिन के इर्द-गिर्द बुना गया गेंदबाज़ी आक्रमण। इसकी सबसे बड़ी मिसाल सितंबर में साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ देखने को मिली, जब इंग्लैंड ने 304/2 का रिकॉर्ड तोड़ स्कोर खड़ा किया।
भारत में ग्रुप स्टेज की चुनौती पार करना उनके लिए बहुत बड़ी बाधा नहीं होनी चाहिए, लेकिन असली इम्तिहान सुपर 8 के राउंड में शुरू होगा। दूसरे दौर के मुक़ाबले श्रीलंका में होने तय हैं और वहां सेमीफ़ाइनल का रास्ता इस बात पर निर्भर करेगा कि उनके बल्लेबाज़ फिरकी को कितने बेहतर ढंग से खेल पाते हैं। यह इंग्लैंड की पुरानी कमज़ोरी रही है, जो 12 महीने पहले भारत में 4-1 की शिकस्त के दौरान भी साफ़ दिखी थी और हाल ही में पल्लेकल में हुए मुक़ाबले में भी उजागर हुई। इसके बाद वे कहां तक जाएंगे, यह फ़िलहाल कहना मुश्किल है।
हालिया फ़ॉर्म
मुंबई में नेपाल के ख़िलाफ़ रविवार के मैच से पहले अपने पिछले 11 पूरे हुए मुकाबलों में इंग्लैंड ने 10 जीत और सिर्फ़ एक हार दर्ज की है। वह हार कार्डिफ़ में बारिश से प्रभावित और अव्यवस्थित मुकाबले में आई थी।
इन खिलाड़ियों पर रहेगी नज़र
फ़िल सॉल्ट ने हाल के वर्षों में अपने T20 खेल को एक नए स्तर पर पहुंचाया है और जोस बटलर के साथ मिलकर एक आक्रामक ओपनिंग जोड़ी बनाते हैं। बटलर इस फ़ॉर्मैट में इंग्लैंड के अब तक के सबसे महान बल्लेबाज़ माने जाते हैं। दोनों के पास IPL का भरपूर अनुभव है। ऐसे में यह कल्पना करना मुश्किल है कि इनमें से कम से कम एक के बड़े प्रदर्शन के बिना इंग्लैंड इस विश्व कप में गहराई तक जा पाए।
जैकब बेथेल ने जनवरी की शुरुआत में SCG पर अपने पहले टेस्ट शतक से अपनी असाधारण प्रतिभा का संकेत दिया था। चोट के कारण पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफ़ी से चूकने के बाद यह उनका पहला सीनियर ICC टूर्नामेंट होगा और मिडिल ऑर्डर में उनकी भूमिका अहम रहने वाली है। इसके उलट लियम डॉसन कई विश्व कप टीमों का हिस्सा रह चुके हैं, ज़्यादातर रिज़र्व या बिना खेले हुए सदस्य के तौर पर। इस बार हालांकि इंग्लैंड के स्पिन विकल्पों से भरे संयोजन में उन्हें खेलने का मौक़ा मिलने की पूरी संभावना है।
आख़िरी विश्व कप ?
इंग्लैंड की टीम कुल मिलाकर काफ़ी युवा है, लेकिन तीन बड़े अपवाद हैं। बटलर और डॉसन दोनों 35 साल के हैं और आदिल रशीद 37 साल के हैं। T20 अब धीरे-धीरे अनुभवी खिलाड़ियों का खेल बनता जा रहा है और ख़ास तौर पर रशीद की रफ़्तार में कोई कमी नहीं दिखती। फिर भी 2028 के आख़िर में ऑस्ट्रेलिया तक इनमें से किसी का भी पहुंच पाना आसान नहीं होगा।
संभावित प्लेइंग XI 1 फ़िल सॉल्ट, 2 जोस बटलर (विकेटकीपर), 3 जैकब बेथेल, 4 टॉम बैंटन, 5 हैरी ब्रुक (कप्तान), 6 सैम करन, 7 विल जैक्स, 8 जेमी ओवरटन या ल्यूक वुड, 9 लियाम डॉसन, 10 जोफ़्रा आर्चर, 11 आदिल रशीद
बाक़ी स्क्वॉड बेन डकेट, रेहान अहमद, जोश टंग
पोल प्रश्न
