2016 T20 विश्व कप का हिस्सा रह चुके ये खिलाड़ी एक दशक बाद भी कर सकते हैं कमाल

इस सूची में हार्दिक और बुमराह के अलावा एक ऐसा नाम भी है, जो संन्यास से वापस आ रहा है

Glenn Maxwell को भारतीय सरज़मीं काफ़ी रास आती है © Getty Images

लगभग एक दशक बाद T20 विश्व कप भारत वापस आ रहा है। 2016 में जब पिछली बार भारत में T20 विश्व कप हुआ था, तब वेस्टइंडीज़ ने कोलकाता में इंग्लैंड को हराकर ख़िताब जीता था, वहीं भारतीय टीम सेमीफ़ाइनल में वेस्टइंडीज़ से ही हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई थी।

जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या का यह पहला T20 विश्व कप था और अब 10 साल बाद ये दोनों भारतीय दिग्गज भारत के लिए ख़िताब बचाने की कोशिश करेंगे। बुमराह और पंड्या के अलावा कुल 43 ऐसे खिलाड़ी हैं, जो एक दशक बाद भारत में हो रहे इस सबसे छोटे फ़ॉर्मेट के विश्व कप का हिस्सा बन रहे हैं। इनमें से मार्क चैपमैन और शेहान जयूसूर्या दो ऐसे खिलाड़ी हैं, जो 2016 में क्रमशः हॉन्ग कॉन्ग और श्रीलंकाई दल का हिस्सा थे, लेकिन इस बार क्रमशः न्यूज़ीलैंड और USA दल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

आइए जानते हैं ऐसे पांच खिलाड़ियों के बारे में जो इस विश्व कप में भी अपनी छाप छोड़ सकते हैं।

जसप्रीत बुमराह (भारत)

बुमराह को अपने पहले T20 विश्व कप में पांच मैचों में सिर्फ़ चार विकेट मिले थे। लेकिन तब से लेकर अब तक उन्होंने बहुत प्रगति कर ली है। उनके सटीक यॉर्कर का कोई मुक़ाबला नहीं है और T20 विश्व कप के 18 मैचों में 14.3 की औसत और 5.44 की बेहतरीन इकॉनमी से 26 विकेट लिए हैं, जो बताता है कि वह ना सिर्फ़ विकेट लेते हैं, बल्कि उनके सामने रन बनाना भी बिल्कुल आसान नहीं है। 2024 में हुए विश्व कप में बुमराह ने सिर्फ़ 4.17 की इकॉनमी से रन दिए थे और 8.26 की औसत से आठ मैचों में 15 विकेट निकालकर भारत के ख़िताबी अभियान में अहम भूमिका निभाई थी बुमराह अपने उस प्रदर्शन को ज़रूर दोहराना चाहेंगे।

राशिद ख़ान (अफ़ग़ानिस्तान)

हार्दिक और बुमराह की तरह राशिद ने भी 2016 में अपना पहला T20 विश्व कप खेला था और इस बार वह अपनी टीम के कप्तान हैं। पिछली बार USA और वेस्टइंडीज़ में हुए विश्व कप में राशिद अपनी टीम को पहली बार सेमीफ़ाइनल तक लेकर गए थे। वह इस बार भी कुछ ऐसा ही कारनामा करना चाहेंगे। भारत और श्रीलंका की स्पिन की मददग़ार पिचें और IPL में खेलने का अनुभव राशिद के काम आएगा। राशिद ने 2016 के T20 विश्व कप में सात मैचों में 16.63 की औसत और 6.53 की इकॉनमी से 11 विकेट लिए थे, जो दूसरा सर्वाधिक था। T20 विश्व कप में उनका ओवरऑल प्रदर्शन भी शानदार रहा है और उन्होंने 23 T20 विश्व कप मैचों में 14.89 की औसत और 6.30 की इकॉनमी से 37 विकेट लिए हैं। वह इस प्रदर्शन को फिर से दोहराना चाहेंगे, ताकि उनकी टीम इस बार पिछले साल के अपने प्रदर्शन को और बेहतर कर सके।

हार्दिक पंड्या (भारत)

2024 में हार्दिक ने फ़ाइनल में बहुमूल्य अंतिम ओवर फेंककर भारत को ख़िताब जिताया था। वह सिर्फ़ भारत ही नहीं दुनिया के प्रमुख ऑलराउंडर्स में से हैं और गेंद व बल्ले के साथ ख़ासकर बड़े टूर्नामेंट्स में उनका प्रदर्शन क़ाबिल-ए-तारीफ़ रहा है। तब से अब तक सभी T20 विश्व कप का हिस्सा रहे हार्दिक ने 24 मैचों में लगभग 30 की औसत से 357 रन बनाए हैं, जबकि 24 विकेट भी लिए हैं। भारत को अगर अपने ख़िताब की रक्षा करनी है, तो हार्दिक को गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देना होगा।

ग्लेन मैक्सवेल (ऑस्ट्रेलिया)

मैक्सवेल को भारत आना पसंद है। 2023 में पिछली बार जब भारत में वनडे विश्व कप हुआ था, तो मैक्सवेल ने चोट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करते हुए दो शतकों के साथ 400 रन बनाकर अपनी टीम की ख़िताबी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारत और श्रीलंका की स्पिन की मददग़ार पिचों पर उनका ऑफ़ स्पिन भी कमाल कर सकता है। 2012 से ही T20 विश्व कप का हिस्सा रहे मैक्सवेसल का यह आख़िरी विश्व कप हो सकता है और वह निश्चित रूप से इसे यादग़ार बनाना चाहेंगे।

भारतीय सरज़मीं पर Quinton de Kock के आंकड़े भी प्रभावशाली हैं © BCCI

क्विंटन डी कॉक (साउथ अफ़्रीका)

मैक्सवेल की तरह डी कॉक को भी भारतीय सरज़मीं रास आती है। शायद यही कारण है कि वह संन्यास से वापस आए हैं और शानदार फ़ॉर्म में हैं। वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ हाल ही में उन्होंने शतक बनाया और जब SA20 से पहले साउथ अफ़्रीकी टीम भारत आई थी, तब उन्होंने चार मैचों में दो अर्धशतक लगाया था। 2016 के T20 विश्व कप में उन्होंने चार पारियों में तीन 40+ का स्कोर बनाया था, वहीं 2023 में भारत में हुए वनडे विश्व कप में वह चार शतकों और 594 रनों के साथ सर्वाधिक रन बनाने वाले विदेशी बल्लेबाज़ थे। डी कॉक भारत से अपने इस प्रेम को बरक़रार रखना चाहेंगे, ताकि उनकी टीम पिछली बार की कसक को पूरा कर पाए, जब 2024 में उनकी टीम फ़ाइनल में एक रोमांचक मुक़ाबला हार गई थी।

मिचेल सैंटनर (न्यूज़ीलैंड)

राशिद की तरह सैंटनर ने भी 2016 में अपना पहला T20 विश्व कप खेला था और इस बार वह अपनी टीम का कप्तान बनकर आए हैं। उन्हें भी भारत की ज़मीन पसंद आती है। 2016 के T20 विश्व कप में पांच मैचों में लगभग छह की इकॉनमी से रन देते हुए उन्होंने 10 विकेट लिए थे और शीर्ष पांच गेंदबाज़ों में शामिल थे। इसके बाद से उन्होंने लगातार T20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया है और 21 मैचों में सिर्फ़ 6.33 की इकॉनमी से रन देते हुए 25 विकेट लिए हैं। हाल ही में भारत दौरे पर आए सैंटनर ने पांच T20I मैचों में ना सिर्फ़ गेंद बल्कि बल्ले से भी अहम योगदान दिया और वह बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ इस वैश्विक टूर्नामेंट में प्रवेश करेंगे।

दया सागर ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं।dayasagar95

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