सूर्यकुमार और गेंदबाज़ों की मदद से भारत की जीत से शुरुआत

भारत 161/9 (सूर्यकुमार 84*, वान शाल्कविक 4-25, हरमीत 2-26) ने USA 132/8 (रांजने 37, कृष्णमूर्ति 37, सिराज 3-29, अर्शदीप 2-18) को 29 रन से हराया

खेल का सबसे छोटा फ़ॉर्मेट T20 इतना लंबा तो है ही कि किसी को उम्मीद दिला सके और फिर उसका दिल तोड़ दे। USA, T20 विश्व कप 2026 के पहले दिन उलटफेर की उम्मीद जगाने वाली तीसरी टीम बनी, जब उन्होंने भारत की खतरनाक बल्लेबाज़ी क्रम को 77/6 पर ला दिया था। लेकिन नीदरलैंड्स और स्कॉटलैंड की तरह अंत में USA ने भी निराश किया। सूर्यकुमार यादव को 17 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला और उन्होंने इसका फ़ायदा उठाते हुए 49 गेंदों में नाबाद 84 रन की शानदार पारी खेल भारत को एक चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचा दिया।

सूर्यकुमार ने अपनी आख़िरी 18 गेंदों में 48 रन बनाए, जिसमें अंतिम ओवर से 21 रन शामिल थे। उन्होंने ऑफ़ के काफ़ी बाहर की सात गेंदों को लेग-साइड की बाउंड्री तक खींचा और कई बार शॉट पूरा करते-करते पीठ के बल गिरते नज़र आए। गेंदबाज़ी में मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह ने शुरुआती सफलताएं दिलाईं, जिसके बाद USA कभी भी मैच में वापसी नहीं कर सका।

जब USA ने भारत को पहले बल्लेबाज़ी के लिए बुलाया, तो चर्चा 300 के आसपास घूमने लगी। वजह भी थी। पिछले विश्व कप के बाद से भारत तीन बार 250 से ऊपर जा चुका है और यहां एक आम तौर पर बल्लेबाज़ी के अनुकूल पिच, छोटा मैदान और सामने एक एसोसिएट टीम थी।

USA ने रिंग के बाहर दो फ़ील्डर स्क्वेयर लेग और स्वीपर कवर पर लगाकर गेंदबाज़ी की शुरुआत की। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ T20I बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा गोल्डन डक पर डीप कवर में लपके गए। शैडली वान शाल्कविक ने पावरप्ले के आख़िरी ओवर में तीन विकेट लिए। इशान किशन को धीमी फ़ुल गेंद, तिलक वर्मा को तेज़ शॉर्ट गेंद और शिवम दुबे को धीमी शॉर्ट गेंद पर उन्होंने पवेलियन भेजा।

सात टेस्ट खेलने वाले वसंत रांजने के पोते शुभम रांजने ने सूर्यकुमार की कप्तानी में मुंबई के लिए अपना आख़िरी मैच खेला था। अब USA के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में, उन्होंने अपने पुराने घरेलू मैदान पर रात की शुरुआत चार रन बचाने के लिए डाइव लगाकर की। फिर उन्होंने किशन का कैच छोड़ा, हालांकि उससे ज़्यादा नुकसान नहीं हुआ। गेंदबाज़ी शुरू करते ही उन्होंने अपने पूर्व कप्तान से रिटर्न कैच का मौक़ा बनाया, लेकिन जूते के फ़ीतों के पास से गेंद छूट गई।

शैडली वान शाल्कविइक की शुरुआती विकेटों ने भारत को संकट में डाला © ICC via Getty Images

लंबे क़द के लेग स्पिनर मोहम्मद मोहसिन ने मध्य ओवरों में शिकंजा कसा रखा। अपनी पहली 15 गेंदों में एक भी बाउंड्री न देते हुए उन्होंने रिंकू सिंह को लॉन्ग-ऑन पर कैच करवाया। इसके बाद एक और पूर्व मुंबई खिलाड़ी हरमीत सिंह ने मौजूदा मुंबई इंडियंस कप्तान हार्दिक पंड्या को डीप कवर में कैच कराकर आउट किया, जहां गेंद फिर से रुककर आई थी।

जब हरमीत ने 17वें ओवर में अक्षर पटेल को डीप मिडविकेट पर कैच कराकर स्कोर 118/7 किया, तब सूर्यकुमार के लिए बहुत काम बाक़ी था।

जैसे ही भारत ने हाथ खोलना शुरू किया, अली ख़ान डाइव लगाते हुए चोटिल हो गए। रांजने ने उनकी जगह गेंदबाज़ी संभाली, अच्छी गेंदबाज़ी की और फिर वह भी फ़ॉलो-थ्रू में डाइव लगाते हुए चोटिल हो गए। इसके बाद सूर्यकुमार ने 20वां ओवर पूरी तरह लूट लिया, जो सौरभ नेत्रवलकर ने डाला। वह अब T20 विश्व कप मैच में सबसे ज़्यादा रन देने का रिकॉर्ड रखते हैं और उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में 65 रन दिए।

मोहम्मद सिराज ने तीन विकेट लेकर पारी समाप्त की © ICC via Getty Images

सिराज को इस विश्व कप का हिस्सा होना नहीं था। फिर साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ अभ्यास मैच में हर्षित राणा चोटिल हो गए। इसके बाद भी उनका XI में होना तय नहीं था, लेकिन जसप्रीत बुमराह बीमार पड़ गए।

सिराज आए और दो साल बाद अपना पहला T20I खेलते हुए चौथी गेंद पर ही बड़े हिटर ऐंड्रियस गौस को पवेलियन वापस भेज दिया। अर्शदीप सिंह ने पहले ओवर में बल्ले से एक भी रन नहीं देकर माहौल बनाया और फिर अगले ओवर में विपक्षी कप्तान मोनांक पटेल का विकेट ले लिया। सिराज ने तीसरा विकेट भी उसी ढंग से लिया, जब उन्होंने साई तेजा एम को शॉर्ट मिडविकेट पर कैच कराया। पिच के धीमे होने के कारण तीनों शॉट थोड़े मिसटाइम हुए।

ओस न होने की वजह से, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर इस सतह पर बहुत ज़्यादा असरदार साबित हुए। 22 गेंदों तक बिना बाउंड्री का दौर मिलिंद कुमार के छक्के से टूटा, लेकिन वरुण ने जल्द ही उन्हें स्टंप आउट करा दिया। संजय कृष्णमूर्ति टिके रहे, समीकरण को आख़िरी पांच ओवरों में 62 रन तक ले आए, लेकिन अक्षर ने दो गेंदों में दो विकेट लेकर मुक़ाबले का अंत कर दिया।

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में वरिष्ठ लेखक हैं

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