इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच दोबारा मुक़ाबले में ताज़ा हुईं 2016 की यादें

Jason Holder की फ़ॉर्म रही है शानदार © ICC/Getty Images

बड़ी तस्वीर: एक दशक बाद फिर वही मुक़ाबला

अब तक जिस टूर्नामेंट में कम आंके गए अंडरडॉग्स की जुझारू चुनौतियां देखने को मिली हैं, वहां यह भिड़ंत बड़े नामों की टक्कर के तौर पर रोमांच बढ़ाने वाली है। ठीक है, वेस्टइंडीज़ अब वैश्विक स्तर पर पहले जैसे दिग्गज नहीं रहे। आख़िरकार वे ICC के पिछले दो 50-ओवर टूर्नामेंटों के लिए क्वालिफ़ाई भी नहीं कर पाए थे। लेकिन 20 ओवरों की सीधी जंग में, उन्होंने बार-बार साबित किया है कि उनकी शारीरिक ताक़त और आक्रामक अंदाज़ अब भी बेहद असरदार है। और यह बात ख़ास तौर पर बुधवार को वानखेड़े में मौजूद उनके पुराने परिचित प्रतिद्वंद्वियों के ख़िलाफ़ सच साबित हुई है।

T20 विश्व कप में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ की टक्कर अपने-आप में इतिहास के सबसे महान फ़ाइनल्स में से एक की याद दिलाने का मौक़ा होती है। ठीक 10 साल पहले, लगभग इसी महीने, कोलकाता में कार्लोस ब्रैथवेट ने बेन स्टोक्स को बार-बार आसमान में भेजते हुए 2016 की ट्रॉफ़ी इंग्लैंड के हाथों से छीन ली थी। लगभग उसी वक़्त, जब ट्रॉफ़ी पर नाम उकेरने की तैयारी शुरू हो चुकी थी।

अगर उस पल की कच्ची आक्रामकता ने इंग्लैंड को लुटा-सा महसूस कराया, तो यह भी सच है कि उन्हें पहले ही चेतावनी मिल चुकी थी। उसी टूर्नामेंट के अपने पहले ही मैच में, वानखेड़े पर ही, उन्हें बुरी तरह रौंदा गया था जब महान क्रिस गेल ने 47 गेंदों में शतक जड़ते हुए 11 बड़े छक्के उड़ाए थे।

शायद सफ़ेद गेंद क्रिकेट में उनके पुनर्जागरण की यात्रा में ये हारें कुछ जल्दी आ गईं, जब खिलाड़ियों में IPL-प्रशिक्षित ताक़तवर मशीन को गिराने के लिए ज़रूरी स्ट्रीट-स्मार्ट्स नहीं थे। लेकिन जो सबक़ उन्होंने सीखे, वे अमूल्य साबित हुए। ख़ास तौर पर तब, जब 2019 विश्व कप अपने निर्णायक लम्हों तक पहुंचा।

उस अभियान से इंग्लैंड के पास आज भी दो 'सर्वाइवर' हैं। आदिल रशीद और जॉस बटलर। बटलर के लिए उस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी सीख़ छक्के मारने की अहमियत थी कि जो खिलाड़ी अपनी सीमा-पार करने की क्षमता पर भरोसा रखता है, उसके लिए सबसे कठिन लक्ष्य भी सही मैच-अप मिलने पर कुछ बड़े शॉट्स में टूट सकता है।

लेकिन, जैसा कि सैम करन ने नेपाल के ख़िलाफ़ अपने नपे-तुले डेथ ओवर के बाद कहा, उस टूर्नामेंट की सीख़ दोनों तरफ़ से गूंजती रहती है। "अजीब-सा है, लेकिन मैं 2016 के फ़ाइनल के बारे में सोच रहा था, जब कार्लोस ने स्टोक्सी को पकड़ लिया था," उन्होंने BBC से कहा। "मैं सोच रहा था अगर मैं सही एग्ज़िक्यूट करूं, तो वह मुझे छक्के के लिए नहीं मार पाएगा।"

वेस्टइंडीज़ की बात करें, तो जॉनसन चार्ल्स और जेसन होल्डर 10 साल पहले वाली टीम से अब भी मौजूद हैं, उनके साथ मौजूदा हेड कोच डैरेन सैमी भी हैं जिनकी कप्तानी ने उस वक़्त खिलाड़ियों को एक साझा मक़सद के लिए एकजुट किया था। मैच की पूर्वसंध्या पर मीडिया से 15 मिनट की बातचीत में, जिसमें वेस्टइंडीज़ क्रिकेट से जुड़े हर मुद्दे को छुआ गया, यह साफ़ दिखा कि 2026 की उनकी टीम इन विरोधियों के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की प्रेरणा की कमी से जूझने वाली नहीं है।

इतिहास और मिसालों से हटकर भी, यह मुक़ाबला क्वालिफ़िकेशन के लिहाज़ से काफ़ी अहम है। ऊपर से देखने पर ग्रुप-C में बांग्लादेश के हटने से दबाव कुछ कम हुआ है, लेकिन नेपाल उलटफेर के लिए बेचैन दिख रहा है और, जैसा कि स्कॉटलैंड ने इटली के ख़िलाफ़ शानदार जीत से दिखाया, उन्होंने इस अप्रत्याशित मौक़े को पूरे जोश के साथ अपनाया है।

यह ऐसा मौक़ा है जिसे संजोकर देखा जाना चाहिए। भारत-पाकिस्तान पर हफ़्तों चली अनिश्चितता ने भी यह दिखा दिया कि क्रिकेट के सबसे बड़े मंचों पर ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विताओं की अब भी अपनी ख़ास क़ीमत है। इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ दोनों ने दो-दो T20 विश्व कप ख़िताब जीते हैं। भारत के साथ संयुक्त रूप से टूर्नामेंट की सबसे सफल टीमें। बुधवार की रात, उनका गौरवशाली अतीत वर्तमान को दिशा देगा, जब दोनों टीमें भविष्य की ओर क़दम बढ़ाने उतरेंगी।

फ़ॉर्म गाइड

इंग्लैंड: WWWWW (पिछले पांच पूरे हुए टी20I, हालिया पहले)
वेस्टइंडीज़: WWWWW

इन खिलाड़ियों पर होंगी निगाहें

नेपाल के ख़िलाफ़ रन-चेज़ में इंग्लैंड की बेचैनी की बड़ी वजह आदिल रशीद के साथ हुआ अप्रत्याशित व्यवहार था। पिछले विश्व कप से चली आ रही 25 T20I पारियों की लय के बाद, पहली बार वह विकेट नहीं ले सके। इतना ही नहीं, उन्हें 14 रन प्रति ओवर की दर से मारा गया। यह उनके करियर का तीन या उससे ज़्यादा ओवरों वाला दूसरा सबसे महंगा स्पेल रहा। नेपाल ने उनकी वैरिएशन्स को जिस तरह पढ़ा, वही निर्णायक साबित हुआ। शायद लेग-स्पिन की कला से उनकी अपनी परिचितता के कारण। टूर्नामेंट से पहले के फ़ॉर्म को देखते हुए, हैरी ब्रूक के मन में रशीद की अहमियत को लेकर कोई शक नहीं है। जैसा कि खुद रशीद ने पिछले हफ़्ते कहा था, "एक स्पिनर के तौर पर आपका दिल बड़ा होना चाहिए।" एक बार फिर इसकी परीक्षा होने वाली है।

गुणवत्तापूर्ण स्पिन अब भी इंग्लैंड के पावर-हिटर्स की कमज़ोरी रही है, और गुडाकेश मोती के रूप में उन्हें एक ऐसे बाएं हाथ के स्पिनर से फिर सामना करना होगा, जो उनकी रफ़्तार पर लगाम लगाना जानता है। उनके 40 T20I विकेटों में से 10 इंग्लैंड के ख़िलाफ़ आए हैं, जिनमें दो साल पहले टारूबा में 3/24 का मैच-जिताऊ स्पेल भी शामिल है। हालिया फ़ॉर्म में गिरावट और तकनीकी ख़ामी के चलते उन्हें न्यूज़ीलैंड दौरे से बाहर रखा गया था, लेकिन पिछले महीने साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ बारिश से प्रभावित मैच में उन्होंने एक बार फिर अपनी 'ट्रम्प-कार्ड' हैसियत साबित की।

मैच की पूर्वसंध्या पर नेट्स में गेंद डालते गुडाकेश मोती © ICC via Getty Images

टीम न्यूज़: ओवर्टन की वापसी, वुड बेंच पर

एक बार फिर इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग XI जल्दी घोषित कर दी। नेपाल के ख़िलाफ़ तनावपूर्ण ओपनर से बस एक बदलाव। ल्यूक वुड की बाएं हाथ की तेज़ गेंदबाज़ी की जगह जेमी ओवर्टन को शामिल किया गया, जिनकी हार्ड-लेंथ गेंदबाज़ी ज़्यादा असरदार मानी जाती है। ओवर्टन लंबा शॉट भी खेल सकते हैं, जो निचले क्रम में उपयोगी हो सकता है। ख़ासकर वेस्टइंडीज़ की छक्कों की प्रतिष्ठा को देखते हुए।

इंग्लैंड: 1 फ़िल साल्ट, 2 जॉस बटलर (विकेटकीपर), 3 जैकब बेथेल, 4 टॉम बैंटन, 5 हैरी ब्रूक (कप्तान), 6 सैम करन, 7 विल जैक्स, 8 लियम डॉसन, 9 जेमी ओवर्टन, 10 जोफ़्रा आर्चर, 11 आदिल रशीद

वेस्टइंडीज़ को अपनी XI पता है, लेकिन उन्होंने अब तक इसका खुलासा नहीं किया है। स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ टूर्नामेंट ओपनर में मिली जीत के बाद, फ़ॉर्मूला बदलने की ज़्यादा वजह भी नहीं है।

वेस्टइंडीज़ (संभावित): 1 ब्रैंडन किंग, 2 शे होप (कप्तान व विकेटकीपर), 3 शिमरॉन हेटमायर, 4 रोवमैन पॉवेल, 5 शरफ़ेन रदरफ़ोर्ड, 6 रोमारियो शेफ़र्ड, 7 मैथ्यू फ़ोर्ड, 8 जेसन होल्डर, 9 अकील हुसैन, 10 शमार जोसेफ़, 11 गुडाकेश मोती

पिच और हालात: शाम के मुक़ाबले में ओस की भूमिका

अब तक वानखेड़े वैसा रन-कार्पेट नहीं रहा है, जैसा वह कभी-कभी बन जाता है। इंग्लैंड की योजनाओं पर नेपाल के स्पिनरों ने लगाम लगाई, जबकि भारत को USA की चिपचिपी सीम गेंदबाज़ी के सामने ऊपर परेशानी हुई। यह पिच कई मौक़ों पर दो-तरफ़ा खेलती दिखी है। हालांकि, सैमी को इस बार भरपूर रनों की उम्मीद है। शाम 7 बजे के शुरू होने वाले इस मैच में ओस अहम भूमिका निभा सकती है, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम के पहले गेंदबाज़ी करने की संभावना ज़्यादा है।

एंड्रयू मिलर ESPNcricinfo के यूके एडिटर हैं. @miller_cricket

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