कोटक : अभिषेक की फ़ॉर्म पर हमें ज़्यादा कुछ सोचने की ज़रूरत नहीं है
T20 विश्व कप में नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ होने वाले मैच से पहले भारतीय टीम के अभ्यास सत्र में अभिषेक शर्मा और अर्शदीप सिंह की आपसी जंग ने सबका ध्यान खींचा। नेट प्रैक्टिस के दौरान अभिषेक दो बार अचानक रुक गए। दरअसल, साइट स्क्रीन के पास स्टैंड्स में मौजूद फैंस जोश में तिरंगा लहरा रहे थे, जिससे अभिषेक की एकाग्रता भंग हो रही थी।
जब उन्हें लगा कि झंडा लहराने वाले फैंस मानने वाले नहीं हैं, तो उन्होंने अपना स्टांस बदल लिया। अभिषेक ने नया गार्ड लिया और लेग स्टंप से ऑफ़ स्टंप की ओर शिफ़्ट होकर अपना स्टांस थोड़ा खोल लिया। इसके बाद उन्होंने बेसबॉल के अंदाज़ में पावर हिटिंग शुरू कर दी। अर्शदीप की तीन गेंदों पर उन्होंने करारे प्रहार किए और गेंद को सीधा सीमा रेखा के पार भेजा। हालांकि, चौथी गेंद पर अर्शदीप ने अपनी धीमी गेंद का जादू दिखाया और अभिषेक को छका दिया। अपनी इस कामयाबी पर अर्शदीप ने दर्शकों की तरफ़ हाथ दिखाकर इशारा किया कि आख़िरकार उन्होंने अपने दोस्त को मात दे ही दी।
अभिषेक तुरंत नेट से बाहर आए और अर्शदीप को हाई-फाइव दिया। इसके बाद वह दो नए बल्ले लेकर फिर से क्रीज़ पर लौटे। इस बार कोच गौतम गंभीर ख़ुद उनके साथ आए और नेट के पीछे खड़े होकर उनकी बल्लेबाज़ी देखने लगे। गंभीर ने वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव जैसे दिग्गज स्पिनरों को मोर्चे पर लगाया ताकि अभिषेक की कड़ी परीक्षा ली जा सके।
एक काल्पनिक फ़ील्ड सेट की गई और अभिषेक शर्मा को निर्देश दिया गया कि वे अपनी स्वभाविक आक्रामकता जारी रखें। क़रीब 30 मिनट तक उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाए, जिसके बाद स्पिन के ख़िलाफ़ उनसे पहली मिसहिट हुई। माना जा रहा है कि यह ख़ास अभ्यास बुधवार को आर्यन दत्त की चुनौती से निपटने के लिए तैयार किया गया था।
नेट सत्र में अभिषेक जिस जज्बे के साथ बल्लेबाज़ी कर रहे थे, उसे देखकर साफ़ था कि वे बड़े इरादे के साथ मैदान पर उतरे हैं। करीब 120 मीटर दूर बने मीडिया सेंटर के मोटे कांच के पीछे भी उनके बल्ले से निकलने वाली 'टक्क' की गूंज साफ़ सुनाई दे रही थी।
अभिषेक का यह अंदाज टीम इंडिया के बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक की बातों पर मुहर लगा रहा था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब कोटक से अभिषेक की ख़राब फ़ॉर्म और दो बार शून्य पर आउट होने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। टीम मैनेजमेंट के लिए अभिषेक के रन चिंता का विषय नहीं हैं, क्योंकि साल 2024 की शुरुआत से T20I में स्पिन के ख़िलाफ़ उनका 206.59 का स्ट्राइक रेट बेमिसाल है। कम से कम 100 गेंद खेलने वाले बल्लेबाजों की फेहरिस्त में वे सबसे टॉप पर हैं।
अभिषेक के आउट होने के तरीके पर जब सवाल उठा, तो बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक ने साफ़ कहा, "एक चीज़ जिससे हम बचते हैं, वह है ज़रूरत से ज़्यादा विश्लेषण करना। कई बार बल्लेबाज विपक्षी टीम से ज़्यादा खुद ही कयास लगाने लगते हैं। अभिषेक के पास अपनी योजनाएं साफ़ हैं और वह अपने अंदाज़ में खेलता है। सिर्फ़ अभिषेक ही नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए विपक्ष की गेंदबाज़ी और उनकी रणनीति पर चर्चा करना एक सामान्य प्रक्रिया है।"
दो बार शून्य पर आउट होने के बीच अभिषेक बीमारी से भी जूझे, जिसके चलते वे नामीबिया के खिलाफ मैदान पर नहीं उतर सके थे। USA के ख़िलाफ़ मैच में अली ख़ान की गेंद पर अपने सिग्नेचर 'स्टेप आउट' शॉट के चक्कर में उन्होंने डीप कवर पर कैच थमा दिया। वहीं पाकिस्तान के ख़िलाफ़ उन्होंने सलमान आग़ा की स्पिन पर मिड ऑन को कैच दे दिया।
इन सब के बावजूद कोटक के चेहरे पर शिकन तक नहीं दिखी।
उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा, "बीमार होने से पहले उसने रन बनाए थे। T20 में कई बार 10 गेंदों में खेली गई 30 रनों की पारी भी मैच पलट देती है। यह हाई रिस्क फॉर्मेट है, जहां आक्रामक खेलते हुए विकेट गिरने की गुंजाइश रहती ही है। अगर हम हर नाकामी पर उंगली उठाएंगे, तो खिलाड़ी दबाव में आ जाएगा। वह अच्छी लय में है और उसकी सोच एकदम स्पष्ट है, हमारे लिए यही काफ़ी है।"
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच के बाद उनके कोच माइक हेसन ने दावा किया था कि उन्होंने अभिषेक को फंसाने की रणनीति तीन दिन पहले ही तैयार कर ली थी। जब कोटक से पूछा गया कि क्या विरोधी टीमें अभिषेक पर दबाव बनाने के लिए खास प्लानिंग कर रही हैं, तो वे मुस्कुरा दिए।
कोटक ने कहा, "अगर टीमें उनके लिए इतनी माथापच्ची कर रही हैं, तो यह अभिषेक की काबिलियत का प्रमाण है। वे शायद उसकी फ़ॉर्म से डरे हुए हैं। हम भी योजनाएं बनाते हैं और अभिषेक भी नए आइडिया लेकर आता है। मुझे नहीं लगता कि पिछले मैच में मिड ऑन पर कैच होना किसी ख़ास रणनीति का हिस्सा था, क्योंकि गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से पर लगी थी। लेकिन अगर विरोधी टीमें उन्हें लेकर इतनी फिक्रमंद हैं, तो यह हमारे लिए अच्छा संकेत है।"
अभिषेक की बल्लेबाज़ी की तारीफ़ करते हुए कोटक ने लचीलेपन पर ज़ोर दिया। उन्होंने USA के ख़िलाफ़ सूर्यकुमार यादव की पारी का उदाहरण दिया, जहां 77 रन पर 6 विकेट गिरने के बाद सूर्या ने मोर्चा संभाला और नाबाद 84 रन बनाकर टीम को 161 तक पहुंचाया।
कोटक ने अपनी बात ख़त्म करते हुए कहा, "आक्रामक क्रिकेट ज़रूरी है, लेकिन रणनीति इस पर निर्भर नहीं करती कि कोई रन बना रहा है या नहीं, बल्कि यह हालात पर टिकी होती है। जैसे USA के ख़िलाफ़ सूर्या को कुछ वक़्त टिक कर खेलना पड़ा और उन्होंने परिस्थिति के हिसाब से अपनी बल्लेबाज़ी ढाली। मायने यह नहीं रखता कि किसने रन बनाए, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि टीम की ज़रूरत के हिसाब से खिलाड़ी ने अपना रोल कितना सही निभाया।"