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रोमांचक मुक़ाबले में विदर्भ को हराकर कर्नाटका पहुंचा फ़ाइनल में

सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी के अंतिम मैच में सामना होगा गत चैंपियन तमिलनाडु से

कर्नाटका के लिए सलामी बल्लेबाज़ रोहन कदम ने सर्वाधिक 87 रन बनाए  •  Rohan Kadam/KSCA

कर्नाटका के लिए सलामी बल्लेबाज़ रोहन कदम ने सर्वाधिक 87 रन बनाए  •  Rohan Kadam/KSCA

कर्नाटका 176 पर 7 (कदम 87, पांडे 54, नालकंडे 4-28) ने विदर्भ 172 पर 6 (तायड़े 32, सतीश 31, करिअप्पा 2-27) को चार रन से हराया
सलामी बल्लेबाज़ रोहन कदम और कप्तान मनीष पांडे के बीच शतकीय साझेदारी के बाद कर्नाटका के गेंदबाज़ों ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए उन्हें सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी 2021 के फ़ाइनल में पहुंचाया। 177 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही विदर्भ के लिए कई बल्लेबाज़ों को शुरुआत तो मिली लेकिन वह उसे एक बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पाए और अंत में उन्हें चार रनों की क़रीबी हार का सामना करना पड़ा।
दिल्ली में खेले गए दूसरे सेमीफ़ाइनल में विदर्भ के कप्तान अक्षय वड़कर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया। उनके इस फ़ैसले को ग़लत साबित करते हुए कर्नाटका के दोनों सलामी बल्लेबाज़, पांडे और कदम, ने आक्रामक अंदाज़ से बल्लेबाज़ी की। पावरप्ले में उन्होंने सात चौकों और एक छक्के के साथ अर्धशतकीय साझेदारी निभाई। इसके बाद वह रुके नहीं और उन्होंने तेज़ी से रन बनाए। दोनों ने अपना अर्धशतक पूरा करते हुए 15 ओवरों में 135 रन जोड़े। 16वें ओवर में ललित यादव ने आख़िरकार विदर्भ को पहली सफलता दिलाई जब कदम बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में वानखड़े को कैच थमा बैठे। अपने अगले ओवर में उन्होंने पांडे को भी पवेलियन वापस भेजा। 18 ओवरों के बाद कर्नाटका का स्कोर था दो विकेट के नुक़सान पर 167 रन।
200 के कऱीब पहुंचने की उम्मीद कर रहे कर्नाटका को अंतिम दो ओवरों में यश ठाकुर और दर्शन नालकंडे ने आगे बढ़ने ही नहीं दिया। 19वें ओवर में ठाकुर ने करुण नायर का शिकार किया और मात्र आठ रन दिए। इसके बाद अंतिम ओवर में नालकंडे ने चार गेंदों पर लगातार चार सफलताएं अर्जित कर अपनी हैट्रिक पूरी की। सबसे पहले उन्होंने ओवर की दूसरी गेंद पर बिश्नोई को ठाकुर के हाथों कैच करवाया जिसके बाद नए बल्लेबाज़ शरत विकेट के पीछे कप्तान वड़कर को कैच देकर शून्य पर आउट हुए। हैट्रिक गेंद का सामना कर रहे जगदीश सुचित ने टीम के हित में सोचते हुए बड़ा शॉट लगाने का प्रयास किया और नालकंडे का तीसरा शिकार बने। यह इस टूर्नामेंट में अक्षय कर्णेवार के बाद विदर्भ की ओर से दूसरी हैट्रिक थी। ओवर की पांचवीं गेंद पर मनोहर भी तेज़ी से रन बनाने के प्रयास में तायड़े को कैच थमा बैठे और पूरे ओवर में नालकंडे ने महज़ एक रन ख़र्च किया।
मैच का रुख अचानक से पलट गया था। विदर्भ की टीम आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य का पीछा करने उतरी। 21 वर्षीय अथर्व तायड़े ने आक्रमक अंदाज़ से खेलते हुए चार ओवरों में टीम के स्कोर को 40 तक पहुंचा। मिस्ट्री स्पिनर केसी करिअप्पा ने अपने दूसरे और मैच के पांचवें ओवर में तायड़े का शिकार कर विदर्भ को पहला झटका दिया। दूसरे छोर पर गणेश सतीश नए बल्लेबाज़ वड़कर के साथ संभलकर बल्लेबाज़ी कर रहे थे। मौक़े का फ़ायदा उठाते हुए पांडे ने इस दौरान अपने छठे गेंदबाज़ नायर से दो किफ़ायती ओवर निकलवाए।
इसके बाद कई बल्लेबाज़ों को अच्छी शुरुआत मिली लेकिन वह कदम की तरह उसे बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए। सात बल्लेबाज़ों ने दोहरे अंक में स्कोर किया लेकिन कोई भी 32 रन से अधिक नहीं बना पाया। कर्नाटका के गेंदबाज़ नियमित रूप से प्रहार करते रहे और विदर्भ का आवश्यक रन रेट बढ़ता चला गया। 4.2 ओवरों में 40 रन जोड़कर कर्णेवार और अपूर्व वानखड़े ने जीत की उम्मीदें जगाए रखी लेकिन अंतिम ओवर में 14 रनों की ज़रूरत होने पर पहली गेंद पर कर्णेवार आउट हो गए। 12 गेंदों में 22 रनों की उस पारी के समाप्त होने के बाद विदर्भ के फ़ाइनल में जाने की संभावना ख़त्म हो गई।
तमिलनाडु 92 पर 2 (शंकर 43*, सुदर्शन 34*, रक्षण 2-23) ने हैदराबाद 90 (त्यागराजन 25, सरवन 5-21, मोहम्मद 2-12, एम अश्विन 2-13) को आठ विकेट से हराया
तेज़ गेंदबाज़ सरवन कुमार की शानदार गेंदबाज़ी के चलते गत चैंपियन तमिलनाडु ने हैदराबाद को आठ विकेट से मात देकर सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी 2021 के फ़ाइनल में प्रवेश किया। दिल्ली में खेले गए पहले सेमीफ़ाइनल में सरवन ने पांच विकेट अपने नाम किए और हैदराबाद को 80 रनों के स्कोर पर समेट दिया। हैदराबाद से केवल एक ही बल्लेबाज़ दोहरे अंक में स्कोर कर पाया जिसके बाद तमिलनाडु ने बड़ी आसानी से 34 गेंदें शेष रहते इस लक्ष्य को पूरा किया।
एलीट ग्रुप ई में अपने सभी मुक़ाबले जीतने के बाद क्वार्टरफ़ाइनल में गुजरात को पछाड़कर इस चरण तक पहुंची हैदराबाद टीम के लिए कुछ सही नहीं रहा। गेंदबाज़ी के लिए अनुकूल परिस्थितियों में उन्होंने टॉस हारा और उन्हें पहले बल्लेबाज़ी के लिए भेजा गया। पावरप्ले में अपने तीन ओवरों में चार सफलता प्राप्त कर सरवन ने हैदराबाद को छह ओवरों के बाद 30 के स्कोर पर ला खड़ा किया। विकेटों की सूची में विपक्षी कप्तान तन्मय अग्रवाल, प्रग्नय रेड्डी, तिलक वर्मा और हिमालय अग्रवाल शामिल थे।
इसके बाद सरवन ने अपने आख़िरी ओवर में हैदराबाद के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले तनय त्यागराजन को चलता कर अपना पंजा पूरा किया। 32 वर्षीय सरवन के लिए यह उनका केवल तीसरा टी20 मैच था और उन्होंने 21 देकर पांच शिकार किए। साथ ही उन्होंने दो मेडन ओवर में फेंके। मुरुगन अश्विन, एम मोहम्मद और आर साई किशोर की स्पिन गेंदबाज़ी तिकड़ी ने सरवन का बख़ूबी साथ निभाया और मैच पर तमिलनाडु की पकड़ मज़बूत की।
एक आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए तमिलनाडु को शुरुआती झटके दिए तेज़ गेंदबाज़ रक्षण रेड्डी ने जब उन्होंने नारायण जगदीशन और हरि निशांत को चलता किया। लेकिन इसके बाद हैदराबाद को कोई और सफलता हाथ नहीं लगी। अनुभवी कप्तान विजय शंकर (43*) ने साई सुदर्शन (34*) के साथ पारी को संभाला और सूझबूझ भरी बल्लेबाज़ी करते हुए टीम की जीत सुनिश्चित की। लगातार तीसरी बार तमिलनाडु ने इस टूर्नामेंट के अंतिम मुक़ाबले में अपनी जगह बनाई है।