झूलन गोस्वामी: 'घरेलू टीमों को तेज़ गेंदबाज़ों को सही मौक़े देने होंगे'
पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज़ झूलन गोस्वामी चाहती हैं कि भारत के घरेलू क्रिकेट में जितनी तरज़ीह स्पिन गेंदबाजों को दी जाती है, उतनी ही तेज़ गेंदबाज़ों को भी मिले। उनका कहना है कि मौक़ों के अभाव के कारण ही तेज़ गेंदबाज़ी का बढ़िया पूल नहीं तैयार हो पा रहा है। WPL में मुंबई इंडियंस के मेंटॉर के तौर पर उनका प्रमुख काम तेज़ गेंदबाज़ों को ही बढ़ावा देना है।
गोस्वामी ने ESPNcricinfo से बात करते हुए कहा," मेरे हिसाब से सबसे ज़रूरी चीज़ ये है कि सभी घरेलू टीमें तेज़ गेंदबाज़ों को सही मौक़े दें और साथ ही उन्हें उनके ऊपर भरोसा भी दिखाना होगा। ये दुर्भाग्य की बात है कि ज़्यादातर राज्य की टीमें स्पिनरों का ज़्यादा इस्तेमाल करती हैं और तेज़ गेंदबाज़ों को उतने मौक़े नहीं मिल पाते।"
2025 की सीनियर वीमेंस T20 ट्रॉफ़ी में टॉप 10 सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली खिलाड़ी सभी स्पिनर ही थीं। 2023 से सभी फॉर्मैट मिलाकर सिर्फ़ 6 तेज़ गेंदबाज़ों (इसमें ऑलराउंडर शामिल) ने भारत के लिए डेब्यू किया है, वहीं इस दौरान स्पिनरों के डेब्यू करने की संख्या 12 है।
गोस्वामी के मुताबिक़ अगर तेज़ गेंदबाजों की गेंदबाज़ी पर रन बन रहे हों तब भी घरेलू टीमों को उनके ऊपर भरोसा दिखाना चाहिए न कि स्पिनरों को गेंद थमा देनी चाहिए क्योंकि देश में प्रतिभाशाली तेज़ गेंदबाज़ों की कमी नहीं है।
"सबसे बड़ी समस्या यह है कि अभ्यास मुक़ाबलों में भी तेज़ गेंदबाज़ों को ज़्यादा मौक़े नहीं मिलते। ऐसे में अगर उन्हें अगर BCCI मैचों (भारत और भारत ए) में मौक़ा मिलता हो तो एक ख़राब दिन के बाद टीमों का उनके ऊपर से विश्वास कम होने लगता है और वह मौक़ा स्पिनरों को मिल जाता है। हमारे पास कई ऐसी तेज़ गेंदबाज़ हैं जिन्हें बस सही दिशा की ज़रूरत है।"
MI की टीम में पिछले कुछ सीज़न में कई घरेलू तेज़ गेंदबाज़ों को शामिल किया गया है जिसमें जिंतिमणी कलिता और अक्षिता महेश्वरी शामिल हैं, वहीं क्रांति गौड़, जो अब भारतीय टीम का हिस्सा हैं, वह उनकी नेट गेंदबाज़ रह चुकी हैं। इस साल के लिए MI ने नीलामी में हैदराबाद की 21 वर्षीय एन क्रांति रेड्डी को ख़रीदा था और गोस्वामी को भरोसा है कि उनके पास एक एक्स फ़ैक्टर है।
गोस्वामी ने कहा," वह एक बेहद ख़ास और प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं। घरेलू मैचों और ट्रायल के दौरान, हमारे स्काउटिंग कोच को उनकी सटीकता पसंद आई। उनका एक्शन अलग तरह का है और वह लगातार सही जगह पर गेंदबाज़ी करने में सक्षम हैं। उनका अलग तरह का एक्शन मुझे काफ़ी पसंद आया है।"
गोस्वामी ने इसके अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर की कप्तानी पर भी रोशनी डाली और यह बताया कि कैसे यह भारत के लिए उनके रोल से अलग है। हरमनप्रीत ने 2009 में गोस्वामी की कप्तानी में ही अपना डेब्यू किया था और तब से लेकर अभी तक गोस्वामी ने उन्हें विश्व कप विजेता कप्तान बनते हुए देखा है।
गोस्वामी ने कहा, "मुझे लगता है जब हरमनप्रीत मुंबई इंडियंस की कप्तानी करती हैं तो वह ज़्यादा शांत रहती हैं क्योंकि उनके आसपास काफ़ी अच्छी खिलाड़ी रहती हैं। नैट, अमेलिया, हेली मैथ्यूज़, शबनिम इस्माइल, ये सभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दिग्गज हैं और इसी वज़ह से हरमनप्रीत के लिए मुंबई इंडियंस की कप्तानी करना थोड़ा आसान है।"
WPL में MI के दो बार चैंपियन बनने को लेकर गोस्वामी ने टीम कल्चर और सपोर्ट स्टाफ़ के योगदान का ज़िक्र किया और बताया कि इसी वज़ह से हरमनप्रीत को आगे बढ़ने का मौका मिला है एवं वह WPL की सबसे सफल कप्तान हैं।
" इन दिनों वह काफ़ी शांत दिखती हैं और उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। हरमन की यह बहुत बड़ी ख़ूबी है और मुश्किल परिस्थितियों में वह आगे आकर ज़िम्मेदारी लेती हैं, साथ ही युवाओं का भी प्रोत्साहन करती हैं। पिछले 10-15 सालों में उन्होंने अपने आप में काफ़ी सुधार किया है और उनके साथ एक खिलाड़ी, एक कप्तान और अब एक कोच के तौर पर खेलने में मुझे गर्व का अनुभव होता है।"
MI की तेज़ गेंदबाज़ी ऑलराउंडर अमनजोत कौर ने भारतीय टीम तक का सफर तय किया और भारत की विश्व कप विजेता टीम की सदस्य भी थीं। उनके साथ नज़दीक से काम करने को लेकर गोस्वामी ने कहा," पिछले दो सालों से वह अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट में काफ़ी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। उनके पास किस तरह की फ़ील्ड मौजूद है, वह उसी हिसाब से गेंद डालती हैं। हम उन्हें और ज़्यादा तराश रहे हैं।"
कोच के तौर पर ख़ुद को देखते हुए गोस्वामी ने कहा," एक कोच के तौर पर, यह हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि आप मैदान पर नहीं उतर सकते। आप जो भी करते हैं, वह बाहर से ही करना होता है। कोच के तौर पर आप मैच को कंट्रोल नहीं कर सकते जितना एक खिलाड़ी के तौर पर कर सकते हैं। लेकिन हां, मुझे इसमें मज़ा आ रहा है। हर दिन नया है, मैं दूसरों से भी सीखने की कोशिश करती हूं और केटली जैसी अनुभवी कोच भी टीम में मौजूद हैं।"
श्रुति रवींद्रनाथ ESPNcricinfo में सब-एडिटर हैं
