मांधना बनाम गार्डनर की टक्कर से बढ़ेगा RCB बनाम GG मुक़ाबले का रोमांच
बड़ी तस्वीर: मांधना बनाम गार्डनर
बिना दर्शकों वाले दो मैचों के बाद जब प्रशंसक डीवाई पाटिल स्टेडियम में लौटेंगे, तो WPL 2026 में उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) बनाम गुजरात जॉयंट्स (GG) के रूप में एक संभावित ब्लॉकबस्टर मुक़ाबला देखने को मिल सकता है। इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण स्मृति मांधना बनाम एश्ली गार्डनर हो सकता है।
कई सालों तक गार्डनर ने मांधना के ख़िलाफ़ इस टक्कर में बढ़त बनाए रखी है, जो ऑफ़ स्पिनर बनाम लेफ्ट हैंडर के पारंपरिक समीकरण के मुताबिक़ रहा है। सभी T20 मैचों में दोनों 27 पारियों में आमने-सामने आई हैं, जहां मांधना ने 156 गेंदों में 156 रन बनाए हैं और गार्डनर ने उन्हें नौ बार आउट किया है। T20 लीग्स में कोई भी गेंदबाज़ मांधना को गार्डनर जितनी बार आउट नहीं कर सका है। नैट सिवर-ब्रंट आठ बार के साथ दूसरे स्थान पर हैं, लेकिन हालिया वनडे मुक़ाबलों को देखें तो इस रुझान में बदलाव के संकेत मिले हैं।
दिसंबर 2024 तक, वनडे में गार्डनर के ख़िलाफ़ मांधना 76 गेंदों में 68 रन बनाकर पांच बार आउट हुई थीं। वह उनके ख़िलाफ़ सिर्फ़ दो छक्के ही लगा सकी थीं, लेकिन पिछले साल हालात बदले। भारत की वनडे टीम से शेफ़ाली वर्मा की गैरमौजूदगी में मांधना ने ज़्यादा आक्रामक भूमिका निभाई। इसके चलते उन्होंने गार्डनर के ख़िलाफ़ चार मुक़ाबलों में खुलकर खेला, जिसमें भारत का विजयी विश्व कप अभियान भी शामिल था। मांधना ने गार्डनर के ख़िलाफ़ बिना आउट हुए 71 गेंदों में 96 रन बनाए और पांच छक्के लगाए। पहले जहां उनका तरीका संयमित था, वहीं पिछले साल उन्होंने इरादा यादगार असर के साथ बढ़ाया।
गार्डनर नई गेंद से गेंदबाज़ी करने की आदी हैं। सिर्फ WPL में ही उन्होंने पावरप्ले में 29 ओवर फेंके हैं, जहां उनका इकॉनमी रेट 7.00 रहा है। WPL में मांधना को तीन बार उन्होंने आउट किया है और हर बार वह शुरुआती ओवरों में ही गेंदबाज़ी करने आई हैं। माधना पर ऑफ़ स्पिन से जल्दी हमला करने के इरादे से यूपी वॉरियर्ज़ ने दीप्ति शर्मा से गेंदबाज़ी की शुरुआत कराई थी, लेकिन सामने ग्रेस हैरिस आईं और उन्होंने उस ओवर में दो चौके लगाते हुए नौ रन बटोर लिए।
क्या वनडे में मिली यह सफलता मांधना को T20 क्रिकेट में अपनी पुरानी प्रतिद्वंद्वी गार्डनर के ख़िलाफ़ मदद करेगी? इसका जवाब WPL के नवी मुंबई चरण के आख़िरी से एक दिन पहले मिलने की उम्मीद है। RCB और GG दोनों के चार-चार अंक हैं। हालांकि GG ने एक मैच ज़्यादा खेला है, जो इस कहानी में और दिलचस्पी जोड़ता है।
इन खिलाड़ियों पर होंगी निगाहें
सात गेंदों में दो छक्के, और 15 गेंदों में तीन चौके व तीन छक्के। भारती फुलमाली ने अब तक GG के निचले मध्यक्रम में बल्लेबाज़ी करते हुए मनचाहा असर छोड़ा है। उनकी पावर हिटिंग का इस्तेमाल टीम ने पिछले सीज़न में भी किया था और WPL 2026 में भी वह इस मामले में अच्छी लय के साथ आई हैं। सीनियर वीमेंस T20 ट्रॉफ़ी में विदर्भ के लिए लगाए गए उनके 12 छक्के टूर्नामेंट में चौथे सबसे ज़्यादा थे। उन्होंने मध्यक्रम में बल्लेबाज़ी करते हुए सात पारियों में 176 रन बनाए जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 157.14 रहा। अगर ऐसे कुछ और प्रभावशाली प्रदर्शन हुए, तो वह T20 विश्व कप की चर्चाओं का हिस्सा बन सकती हैं।
अरुंधति रेड्डी भले ही WPL 2026 में अब तक विकेट नहीं ले पाई हों, लेकिन उन्होंने गेंद से चुपचाप अपनी छाप छोड़ी है। उन्हें तीनों चरणों में इस्तेमाल किया गया है और उन्होंने अपनी विविधताओं का अच्छा उपयोग करते हुए RCB को नियंत्रण में रखा है। इस साल उन्होंने मिडिल ओवर्स में पांच ओवर फेंके हैं, जहां उनका इकॉनमी रेट 5.20 रहा है। GG के ख़िलाफ़, जहां लाइनअप में कई ताकतवर हिटर शामिल हैं, वहां उनका नियंत्रण बेहद अहम हो सकता है।